अनियमित जीवनशैली : जानते हैं क्यों हो जाती है कम उम्र में ही दिल की बीमारी?
हाल के दिनों में हार्ट अटैक की खबरें बहुत सुनने को मिल रही हैं। वहीं, लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियां भी हो रही हैं। इसका अहम कारण आपकी अनियमित जीवनशैली, खान-पान और बीमार पड़ना है। बार-बार बीमार पड़ने से दिल से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में तनाव और डिप्रेशन बेहद खतरनाक होता है क्योंकि डॉक्टरों का मानना है कि तनाव या डिप्रेशन के कारण दिल से जुड़ी बीमारी विकराल रूप ले सकती है या फिर जानलेवा भी हो सकती है।
एक शोध में पाया गया था कि दिल से जुड़ी समस्या में हर पांच में से एक इंसान तनाव का शिकार है। एक दिल की समस्या से जुड़े अस्पताल के हवाले से बताया गया है कि डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को दिल का दौरा पड़ने की आशंका साधारण दिल के मरीज की तुलना में चार गुना ज्यादा होता है। वहीं, देखा गया है कि डिप्रेशन ही दिल की बीमारियों की वजह होती है। जितना ज्यादा आप अवसाद के शिकार होते हैं उतना ज्यादा दिल की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। या कहें डिप्रेशन हार्ट अटैक को न्यौता देता है।
एक शोध में पाया गया है कि लोगों को हार्ट अटैक उसी वक्त आया है जब वह गहरे अवसाद से घिरे हुए थे। अवसाद के अतिरिक्त और भी चीजें हैं जो दिल की समस्याओं को बढ़ावा देती हैं। अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो शारीरिक मेहनत भी जरूरी है। स्वस्थ दिल के लिए रोजाना आपको 500 से 950 कैलोरी जलाने की जरूरत है। या तो आपको नियमित तौर पर व्यायाम करना चाहिए इससे आपके शरीर में खून का प्रवाह सही ढंग से होगा।
इसके अतिरिक्त अपनी आदतों में बदलाव करके भी दिल को स्वस्थ रख सकते हैं। ऐसे में आप लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और रोजाना पैदल चलें और आउटडोर गेम्स खेलें। हार्ट अटैक की समस्या से दूर रहने के लिए आपको अपने मोटापे का दूर रखना पड़ेगा। हालांकि मोटापा गलत खान-पान और अनियमित जीवन शैली की वजह है। ऐसे में अपनी आदतों में सुधार करें तो फायदा जरूर होगा।
सबसे बड़ी बात अगर आपको दिल की समस्या है तो धूम्रपान और शराब पीने की आदत को समाप्त कर दें। क्योंकि, शराब का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप और दिल के फेल होने की वजह बन सकता है और शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शराब के अतिरिक्त अगर धूम्रपान की बात करें तो यह आपके दिल को सीधे तौर पर क्षति पहुंचाती है।
-शुभम विश्वकर्मा
एक शोध में पाया गया था कि दिल से जुड़ी समस्या में हर पांच में से एक इंसान तनाव का शिकार है। एक दिल की समस्या से जुड़े अस्पताल के हवाले से बताया गया है कि डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को दिल का दौरा पड़ने की आशंका साधारण दिल के मरीज की तुलना में चार गुना ज्यादा होता है। वहीं, देखा गया है कि डिप्रेशन ही दिल की बीमारियों की वजह होती है। जितना ज्यादा आप अवसाद के शिकार होते हैं उतना ज्यादा दिल की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। या कहें डिप्रेशन हार्ट अटैक को न्यौता देता है।
एक शोध में पाया गया है कि लोगों को हार्ट अटैक उसी वक्त आया है जब वह गहरे अवसाद से घिरे हुए थे। अवसाद के अतिरिक्त और भी चीजें हैं जो दिल की समस्याओं को बढ़ावा देती हैं। अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो शारीरिक मेहनत भी जरूरी है। स्वस्थ दिल के लिए रोजाना आपको 500 से 950 कैलोरी जलाने की जरूरत है। या तो आपको नियमित तौर पर व्यायाम करना चाहिए इससे आपके शरीर में खून का प्रवाह सही ढंग से होगा।
इसके अतिरिक्त अपनी आदतों में बदलाव करके भी दिल को स्वस्थ रख सकते हैं। ऐसे में आप लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और रोजाना पैदल चलें और आउटडोर गेम्स खेलें। हार्ट अटैक की समस्या से दूर रहने के लिए आपको अपने मोटापे का दूर रखना पड़ेगा। हालांकि मोटापा गलत खान-पान और अनियमित जीवन शैली की वजह है। ऐसे में अपनी आदतों में सुधार करें तो फायदा जरूर होगा।
सबसे बड़ी बात अगर आपको दिल की समस्या है तो धूम्रपान और शराब पीने की आदत को समाप्त कर दें। क्योंकि, शराब का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप और दिल के फेल होने की वजह बन सकता है और शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शराब के अतिरिक्त अगर धूम्रपान की बात करें तो यह आपके दिल को सीधे तौर पर क्षति पहुंचाती है।
-शुभम विश्वकर्मा


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