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लोकसभा 2019 : मोदी की सीट का अतीक अहमद कनेक्शन :


देश की सबसे अधिक वी आईपी मानी जा रही पीएम मोदी की बनारस संसदीय सीट पर एक बार फिर नया मोड़ आ सकता है । नैनी जेल में बंद बाहुबली माफिया अतीक अहमद बनारस में निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे है । अतीक की पत्नी ने इसका खुलासा करते हुए अदालत से अतीक के नामंकन के लिए पैरोल मांगा है । अतीक के बनारस आने से बनारस के चुनाव में एक नया मोड़ आएगा क्योंकि अतीक की मुस्लिम मतदाताओं पर पकड़ अच्छी मानी जाती है ।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फायदा किसका होगा भाजपा को या महा गठबंधन को ?
देश की सबसे चर्चित संसदीय बनारस की चुनावी उठापटक में एक नया मोड़ आ सकता है । पीएम मोदी की इस सीट से अब बाहुबली मुस्लिम नेता अतीक अहमद भी अपना पर्चा दाखिल करने जा रहे है । अतीक की पत्नी शाहिस्ता परवीन ने इलाहाबाद में प्रेस वार्ता करते हुए इसका ऐलान कर दिया है ।
अतीक इस समय नैनी जेल में बंद है । अतीक का  मुस्लिम मतदाताओं पर  अगर अपना असर डाल पाते है तो 3 लाख से अधिक मतदाताओं वाली बनारस सीट में वह गठबंधन का खेल बिगाड़ सकते है । जाहिर है इसका फायदा भाजपा को ही होने वाला है । अतीक के नैनी जेल ट्रान्सफर होने की सरकार की मंशा से भी इसके संकेत मिलने लगे थे । वैसे 15,32,000 मतदाताओं वाली बनारस लोकसभा सीट में  मुसलमान लगभग 3 लाख मतदाताओं के साथ मतदाताओं का सबसे बड़ा ब्लॉक बनाते हैं। ब्राह्मणों के पास 2.5 लाख, कुर्मी हैंपटेलों का (ओबीसी समुदाय भारी मोदी का समर्थन करते हुए) 1.5 लाख, यादव 1.5 लाख, कायस्थ 65,000, वैश्य 2 लाख, चौरसिया 80,000, भूमिहार 1.5 लाख और दलित 80,000। परंपरागत रूप से, भाजपा को उच्च जाति के वोटों - ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य और यहां तक ​​कि भूमिहारों में गिना जाता रहा है। जाहिर है यह आंकड़े महागठबंधन के लिए परेशान करने वाले हो सकते है । 29 अप्रैल को इलाहाबाद की जिला अदालत अतीक की इस प्रेयर पर अपना फैसला देगी जिसके बाद स्थिति और साफ हो सकेगी की अतीक किसके लिए ब्रेक साबित होने वाले है ।

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