फ़िल्म इंडस्ट्री को सरकार द्वारा इंडस्ट्री के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए, अभिनेता तनवीर ज़ैदी
प्रयागराज के रहने वाले विख्यात सुप्रसिद्ध अभिनेता तनवीर ज़ैदी ने, ग़ारजीयन,काहे गए परदेस पिया, बेलगाम,इश्क़ समंदर जैसी एक दर्जन सफल फिल्मों के और कई टीवी शोज़ के चर्चित नायक से भेंट हुई तो मैंने पूछा की आजकल फ़िल्म इंडस्ट्री के चर्चे अप्रिय कारणों से बहुत हो रहे हैं,इसपर वो बोले, "मैं भी इस बात से शर्मिंदा और परेशान हूँ कि हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री को लोगबाग संदेह की नज़र से देख रहे हैं, कई आरोपों को सुनकर तो मैं स्तब्ध हूँ। अपने आंसू रोक नहीं पाया हूँ, बॉलीवुड की बदनामी चंद खराब लोगों के कारण हो रही, मेरा विश्वास कीजिये यहां 99 प्रतिशत लोग ऐसे नहीं जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है।" भारतीय फ़िल्म और टीवी के प्रसिद्ध अभिनेता तनवीर ज़ैदी आगे कहते हैं, " मात्र 1 प्रतिशत घटिया लोगों के कारण सम्पूर्ण फ़िल्म इंडस्ट्री को बदनाम करना कहाँ तक उचित है?" तनवीर ज़ैदी का जन्म स्थान प्रयागराज,इलाहाबाद है और कर्म स्थली मुंबई है वो कहते हैं कि " मैं बॉलीवुड में भाई भतीजावाद और कास्टिंग काउच की मौजूदगी से इनकार नहीं करूँगा , मैं भी इलाहाबाद,प्रयागराज से हूं, और हर प्रकार के शोषण का शिकार भी रहा हूँ,मैं भी हत्या अथवा आतमहत्या का शिकार बन सकता था, मैं भी डिप्रेशन में गया,किन्तु परिवार ने मुझे संभाल लिया , फ़िल्म इंडस्ट्री में एक प्रतिशत खराब लोगों द्वारा जो कुछ गलत होता रहा है उसे सामने आना ही चाहिए, नेपोटिसम,कास्टिंग काउच को इस उद्द्योग से बाहर करना ही होगा !
" बॉलीवुड फिल्म एक्टर तनवीर ज़ैदी ने फ़िल्म , टीवी के लिए एक मेंटर और जज के रूप में भी बिग मेंम साब , मेले का बिग स्टार, असली नंबर वन जैसे शोज़ किये और इस सिलसिले में सम्पूर्ण देश का भ्रमण किया, 'बिग मैजिक' के अतिरिक्त कई और चैनेल के सीरीयल भी किये,उनमें कॉमेडी सीरीज 'जेल में है जिंदगी' में उन्हें नायक के तौर पर बहुत प्रशंसा मिली, हमने जानना चाहा कि क्या टीवी में भी नेपोटिसम और कास्टिंग काउच है ?" तनवीर ज़ैदी ने बताया,"जी है,रेप नहीं तो मजबूरी का लाभ उठाकर समझौता हो जाता है,किन्तु मैं फिर अपनी बात दोहराऊंगा कि ऐसे बुरे लोगों की संख्या बहुत कम है!" तनवीर ज़ैदी ने फ़िल्म,टीवीशोज़ के अतिरिक्त और भी कई रियलिटी शोज़ लगभग 8,9 साल किये हैं, ये रियलिटी शोज भी कम बदनाम नहीं हैं ?" वो कहते हैं, " सहमत हूँ कि यहां भी शोषण है, फ़िल्म, टीवी हर जगह दाल में काला है, किन्तु बार बार मैं स्पष्ट कर रहा हूँ के इंडस्ट्री में अधिकतर अच्छे लोग हैं, और जो बुरे हैं उन्हें सब जानते पहचानते हैं, और हां यहां ज़बरदस्ती नही होती , समझौते के लिए मजबूर किया जाता है , रंगीन सपने देखने वाले बाहर से आये नए लोग बुराई के आगे समर्पण कर देते है !" वो आगे कहते हैं, "मैं जानता हूं कि पहले भी संदिग्ध मृत्यु हुई हैं, सिलसिला गुरु दत्त से होता हुआ दिव्या भारती,परवीन बॉबी,करण सिंह,नफीसा जोसफ,कुलविंदर रंधावा और अब सुशांत तक आया है, कमसेकम 1 हज़ार मौत हुई हैं,हर बार संदिग्ध अवस्था में लाशें मिलती हैं,चर्चा,परिचर्चा होती है फिर सब खामोश हो जाते हैं, किंतु अब ए आर रहमान ने भी बॉलीवुड को कटघरे में खड़ा कर आग में घी का काम किया और पुलिस को एक्शन लेना पड़ा है। अब खामोशी नहीं रहेगी और आशा की जा सकती है कि सुशांत की मृत्यु का सही कारण पता चल जाएगा।" विश्व प्रसिद्ध गिनीज़ बुक में दर्ज नाटक 'अदरक के पंजे' से एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय आरम्भ करने वाले तनवीर ज़ैदी से मैंने पूछा, "नए अभिनेताओ से कुछ कहेंगे ?" " यही कहूंगा कि अगर वास्तव में प्रतिभा सम्पन्न हों तभी बॉलीवुड का रुख करें और उसके बाद भी सावधान और सतर्क रहें,उन्हें निरंतर संघर्ष करना ही पड़ेगा।" तनवीर ज़ैदी ने ऑस्ट्रिया की इंग्लिश फ़िल्म 'द वाईट बटर फ्लाई' में भी प्रमुख अभिनेता का किरदार निभाया है और 'अरबाइन मार्च' पर आधारित अंग्रेज़ी फ़िल्म ' डेस्टिनेशन प्रॉप्सरिटी' में भी नायक होंगे । अंत में तनवीर ज़ैदी कहते हैं," सरकार को अरबों रुपयों का लाभ पहुंचाने वाली फ़िल्म इंडस्ट्री को आजतक इंडस्ट्री के रूप में मान्यता नहीं दी गयी है, यदि इसको इंडस्ट्री के रूप में मान्यता मिल जाती है तो कई समस्याओं का निदान हो जाएगा क्योंकि तब काला सफेद सरकार की नज़र के सामने होगा और सत्य झूठ सब उजागर हो जाएगा।" तनवीर ज़ैदी की शीघ्र प्रदर्शित होने वाली फिल्म हैं 'गुड मॉर्निंग इंडिया' और 'ये जीवन है।



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