कुम्भ : चिकित्सा विभाग के एक निर्माण कार्य में ढ़िलाई पर मण्डलायुक्त ने दी यूपीसीडकों के परियोजना प्रबंधक को चेेतावनी
इलाहाबाद : कुम्भ मेले के दौरान पूरे मेला क्षेत्र को 38000 से अधिक एलईडी लाइटोे से रोशन करने के लिए 127 किमी0 हाईटेशन लाइन, 1030 किमी0 सामान्य लाईन, तथा 11.4 किलो वाट के 800 केवीए के 54 सब स्टेशन, 100 केबीए के 79 सब स्टेशन एवं मेला क्षेत्र में स्थापित होने वाले नलकूपों एवं अन्य जरूरी सेवाओं के लिए स्थापित किए जाने की योजना तैयार हो चुकी है।
जिसके माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र में न केवल शत-प्रतिशत एलईडी के उपयोग से मेला क्षेत्र को रोशन किया जाना है बल्कि उच्च गुणवत्ता की बिजली मेले के अधिकांश क्षेत्र में 24 घण्टे आपूर्ति की जानी है।इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने कुम्भ तैयारियों की समीक्षा के दौरान बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और जल निगम द्वारा तैयारियों की रूप- रेखा का जायजा लिया। मण्डलायुक्त ने हर विभाग के प्रजंेटेशन को देखते हुए शुरू से यह निर्देश दे रखे है कि मेले की तैयारियां भव्य एवं दिव्य स्तर पर करते हुए जरूरत के मुताबिक धन व्यय किया जाये एवं समय से कार्य पूरे किए जाये तथा इस बात का ध्यान रखा जाये कि मेले के नाम पर धन का अनाव्श्यक व्यय न हो। मण्डलायुक्त ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि स्टाफ में गुणवत्ता पूर्ण सामग्री पहले से उपलब्ध है तो अनावश्यक रूप से नई खरीद न की जाए। केबिल पोल या अन्य सामग्री जो पहले से स्टाॅफ में उपलब्ध है उसका उपयोग सुनिश्चित करने के बाद ही नई खरीद की जाये। उन्होंने बिजली विभाग, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम आदि सभी विभागों को ये निर्देश आज समीक्षा बैठक में पुनः दिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता से समझौता बिल्कुल न किया जाये तथा मेले के लिए आवश्यक कार्यों को ही ध्यान में रख कर मेले का स्टीमेंट बनाया जाये। जल निगम की तैयारियों में बताया गया है बारिश अथवा जल भराव से निकासी के लिए 200 पम्पों की व्यवस्था की जा रही है। परेड क्षेत्र में परमानेंट सीवरेज की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी प्रकार अक्षचवट से दारागंज पम्पिंग स्टेशन के बीच स्थाई सीवर की तैयारी की गई है। गंगा जाने वालें 26 नालों को बायोरिमेडियल तकनीकी से शोधित करने की योजना पूरी हो चुकी है। पम्पिंग स्टेशनों और एचटीपी आदि को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी प्रकार मेला क्षेत्र में चिकित्सालय और चिकित्सकों की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा रही है। जिसमें एलोपैथिक और आयुवेदिक के साथ यूनानी और हौम्योपैथिक पद्धति के चिकित्सालय एवं चिकित्सक इस बार तैनात किए जा रहे है। मण्डलायुक्त ने समीक्षा बैठक में कहा कि मेले के पूर्व चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कुम्भ के लिए विशेष टेªनिंग का अभियान चलाया जाये उन्हें टैनिंग के दौरान क्या करें क्या न करें की पुस्तिका अवश्य दी जाये मेला क्षेत्र के अलावा नगर के सभी निजी अस्पतालोें को कुम्भ के दौरान सेवा के लिए तैयार रखा जाये। उन्हांेंने यह निर्देश दिए की किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय निजी क्षेत्रे के चिकित्सकों को ही तत्काल से बुला लेनेे के पहले गठित कर दिया जाये तथा उनके साथ बैठक करके नगर के सभी चिकित्सालयों एवं चिकित्सकों को कुम्भ के दौरान विशेष आकस्मिक अवस्था में चिकित्सा के लिए तैयार रखा जाये। इस कार्य में आयुष डाॅक्टरों का विशेष योगदान लेने के लिए रणनीति बनाने को मण्डलायुक्त ने कहा। उन्होंने इलाहाबाद के समीपवर्ती जनपदों के जिला चिकित्सालयों एवं मेडिकल कालेंजों यथा वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर और कानपुर के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों तथा चिकित्सकों के निरंतर सम्पर्क बनाये रखने को कहा।
मण्डलायुक्त ने इस बात के कड़े निर्देश दिए है कि किसी भी अस्पताल में जंग लगी अथवा निष्प्रयोज्य पड़ी सामग्री को रखा न जाये उसे नियमानुसार तत्काल समायोजित करते हुए परिसर के बाहर कर दिया जाये तथा स्टैचर, बेड, अन्य फर्नीचर जो अस्पताल में मरीजों के काम आते है स्वच्छ और गुणवत्ता पूर्ण रखे जाये। उन्होंनंे इलाहाबाद के रेलवे एयरफोर्स एवं मिलेट्री के अस्पतालों से भी लगातार समन्वय बनाये रखने को कहा। मण्डलायुक्त ने विभाग वार सभी विभागों की समीक्षा करते हुए नुरूल्ला रोड़ पर गंगा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई का काम पीछे देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा विभाग के लिएकिए जा रहे निर्माण कायो में भी गति अपेक्षा से थोड़ा पीछे दिखाई देने पर इसकी कार्यदायी संस्था यूपीसिलकों के परियोजना प्रबंधक को लिखिल चेतावनी दिलाई।
समीक्षा में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जा रहे सड़कों के चैड़ीकरण, सेतु निगम द्वारा बनाये जा रहे फलाई ओवर, एवं बिजली विभाग के कार्यौं में प्रगति तेज और संतोष जनक रही।
जिसके माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र में न केवल शत-प्रतिशत एलईडी के उपयोग से मेला क्षेत्र को रोशन किया जाना है बल्कि उच्च गुणवत्ता की बिजली मेले के अधिकांश क्षेत्र में 24 घण्टे आपूर्ति की जानी है।इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने कुम्भ तैयारियों की समीक्षा के दौरान बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और जल निगम द्वारा तैयारियों की रूप- रेखा का जायजा लिया। मण्डलायुक्त ने हर विभाग के प्रजंेटेशन को देखते हुए शुरू से यह निर्देश दे रखे है कि मेले की तैयारियां भव्य एवं दिव्य स्तर पर करते हुए जरूरत के मुताबिक धन व्यय किया जाये एवं समय से कार्य पूरे किए जाये तथा इस बात का ध्यान रखा जाये कि मेले के नाम पर धन का अनाव्श्यक व्यय न हो। मण्डलायुक्त ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि स्टाफ में गुणवत्ता पूर्ण सामग्री पहले से उपलब्ध है तो अनावश्यक रूप से नई खरीद न की जाए। केबिल पोल या अन्य सामग्री जो पहले से स्टाॅफ में उपलब्ध है उसका उपयोग सुनिश्चित करने के बाद ही नई खरीद की जाये। उन्होंने बिजली विभाग, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम आदि सभी विभागों को ये निर्देश आज समीक्षा बैठक में पुनः दिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता से समझौता बिल्कुल न किया जाये तथा मेले के लिए आवश्यक कार्यों को ही ध्यान में रख कर मेले का स्टीमेंट बनाया जाये। जल निगम की तैयारियों में बताया गया है बारिश अथवा जल भराव से निकासी के लिए 200 पम्पों की व्यवस्था की जा रही है। परेड क्षेत्र में परमानेंट सीवरेज की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी प्रकार अक्षचवट से दारागंज पम्पिंग स्टेशन के बीच स्थाई सीवर की तैयारी की गई है। गंगा जाने वालें 26 नालों को बायोरिमेडियल तकनीकी से शोधित करने की योजना पूरी हो चुकी है। पम्पिंग स्टेशनों और एचटीपी आदि को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी प्रकार मेला क्षेत्र में चिकित्सालय और चिकित्सकों की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा रही है। जिसमें एलोपैथिक और आयुवेदिक के साथ यूनानी और हौम्योपैथिक पद्धति के चिकित्सालय एवं चिकित्सक इस बार तैनात किए जा रहे है। मण्डलायुक्त ने समीक्षा बैठक में कहा कि मेले के पूर्व चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कुम्भ के लिए विशेष टेªनिंग का अभियान चलाया जाये उन्हें टैनिंग के दौरान क्या करें क्या न करें की पुस्तिका अवश्य दी जाये मेला क्षेत्र के अलावा नगर के सभी निजी अस्पतालोें को कुम्भ के दौरान सेवा के लिए तैयार रखा जाये। उन्हांेंने यह निर्देश दिए की किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय निजी क्षेत्रे के चिकित्सकों को ही तत्काल से बुला लेनेे के पहले गठित कर दिया जाये तथा उनके साथ बैठक करके नगर के सभी चिकित्सालयों एवं चिकित्सकों को कुम्भ के दौरान विशेष आकस्मिक अवस्था में चिकित्सा के लिए तैयार रखा जाये। इस कार्य में आयुष डाॅक्टरों का विशेष योगदान लेने के लिए रणनीति बनाने को मण्डलायुक्त ने कहा। उन्होंने इलाहाबाद के समीपवर्ती जनपदों के जिला चिकित्सालयों एवं मेडिकल कालेंजों यथा वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर और कानपुर के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों तथा चिकित्सकों के निरंतर सम्पर्क बनाये रखने को कहा।
मण्डलायुक्त ने इस बात के कड़े निर्देश दिए है कि किसी भी अस्पताल में जंग लगी अथवा निष्प्रयोज्य पड़ी सामग्री को रखा न जाये उसे नियमानुसार तत्काल समायोजित करते हुए परिसर के बाहर कर दिया जाये तथा स्टैचर, बेड, अन्य फर्नीचर जो अस्पताल में मरीजों के काम आते है स्वच्छ और गुणवत्ता पूर्ण रखे जाये। उन्होंनंे इलाहाबाद के रेलवे एयरफोर्स एवं मिलेट्री के अस्पतालों से भी लगातार समन्वय बनाये रखने को कहा। मण्डलायुक्त ने विभाग वार सभी विभागों की समीक्षा करते हुए नुरूल्ला रोड़ पर गंगा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई का काम पीछे देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा विभाग के लिएकिए जा रहे निर्माण कायो में भी गति अपेक्षा से थोड़ा पीछे दिखाई देने पर इसकी कार्यदायी संस्था यूपीसिलकों के परियोजना प्रबंधक को लिखिल चेतावनी दिलाई।
समीक्षा में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जा रहे सड़कों के चैड़ीकरण, सेतु निगम द्वारा बनाये जा रहे फलाई ओवर, एवं बिजली विभाग के कार्यौं में प्रगति तेज और संतोष जनक रही।


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