पीसीएस साक्षात्कार में छाया कृषि बिल व किसान आंदोलन, कोविड-19 और वैक्सीन को लेकर भी पूछे जा रहे सवाल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पीसीएस 2019 के साक्षात्कार में किसान आंदोलन छाया रहा। आयोग में इंटरव्यू के लिए पांच बोर्ड बने हैं और लगभग सभी बोर्ड में अभ्यर्थियों से इस आंदोलन से जुड़े सवाल पूछे गए। एक सवाल ने अभ्यर्थियों को खासा परेशान किया। सवाल था आप दिल्ली के पुलिस कमिश्नर होते तो गणतंत्र दिवस पर किसानों को ट्रैक्टर परेड की अनुमति देते या नहीं और इस दिन दिल्ली में पैदा हुई स्थिति को कैसे नियंत्रित करते? पहले दिन गुरुवार को अयोध्या से साक्षात्कार देने आए एक अभ्यर्थी से बोर्ड के एक सदस्य ने पूछा कि दिल्ली में किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं? नए कृषि कानून में किसानों के लिए क्या सुधार किया गया है? नए कानून को किसान क्यों नहीं मान रहे हैं? इन प्रश्नों का जवाब मिलने के बाद बोर्ड ने पूछा कि इस बार 26 जनवरी को नया क्या हुआ? बदांयू से आए एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि कृषि कानून को कौन बनाता है। इसे कौन लागू करता है। किसान आंदोलन के साथ ही पीसीएस के इंटरव्यू में कोरोना टीकाकरण से जुड़े कई प्रश्न विशेषज्ञों ने पूछे। सवाल था कि कोविड-19 का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा? कोरोना की वैक्सीन आ गई हैं, इसमें अमेरिका की वैक्सीन का क्या महत्व है? वैक्सीन को लेकर कई अफवाहे हैं उन्हें आप कैसे दूर करेंगे? वैक्सीन के प्रति लोगों को कैसे जागरूक करेंगे? कोविड के लिए कितने प्रकार की वैक्सीन अब तक बन चुकी हैं, बीटेक से स्नातक करने वाली महिला अभ्यर्थी से बोर्ड ने पूछा कि कोविड काल में आप कौन सा एप बना कर महिलाओं की सुरक्षा कर सकती हैं। साक्षात्कार देने आए अभ्यर्थियों से पूछा गया कि तेरहवीं सिर्फ भारत में क्यों होती है? कार्यपालिका कितने प्रकार की होती है? भूगोल का प्रयोग प्रशासन में आप कैसे करेंगे? सागर और महासागर में क्या अंतर है? नील नदी को मिश्र का वरदान क्यों कहा गया है? भूगोल की परिभाषा आम आदमी को कैसे समझाएंगे? यूपी की सीमा किन-किन राज्यों से मिलती है तथा कौन सी नंदी दो जिले को जोड़ती है? जैसे सवाल भी विशेषज्ञों ने पूछे।
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