JDU नेता शरद यादव: मेगा शो में राहुल, अखिलेश करेंगे शिरकत, ‘‘साझा विरासत’’ संविधान की आत्मा....शरद यादव
शरद यादव ने जोर दिया कि ‘‘साझा विरासत’’ संविधान की आत्मा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके साथ ‘‘छेडछाड’’ की जा रही है
बुधवार 16 अगस्त को दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते जेडीयू नेता शरद यादव (फोटो-पीटीआई)
जदयू के बागी नेता शरद यादव द्वारा कल बुलायी गयी बैठक में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और सीताराम येचुरी सहित विपक्ष के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। शरद यादव ने देश की साझा विरासत को बचाने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया है। यादव ने कहा कि बैठक में कांग्रेस, वाम, सपा, तृणमूल कांग्रेस, बसपा और राकांपा सहित कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनके इस आयोजन को जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के भाजपा के साथ गठबंधन करने के फैसले के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। यादव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में, कुमार से अपने मतभेदों और भविष्य के राजनीतिक कदम के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन किसी के खिलाफ नहीं बल्कि देश के हित में है। यादव ने जोर दिया कि ‘‘साझा विरासत’’ संविधान की आत्मा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके साथ ‘‘छेडछाड’’ की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का देश भर में आयोजन किया जायेगा।
जदयू के पूर्व अध्यक्ष यादव ने कहा कि कल के आयोजन के लिये फैसला हफ्तों पहले लिया गया जब उनकी पार्टी विपक्षी समूह का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, ‘‘‘साझा विरासत बचाओ सम्मेलन’ किसी के खिलाफ नहीं बल्कि देशहित में है। यह देश के 125 करोड़ लोगों के हित में है।’’ उन्होंने रोहित वेमुला की आत्महत्या, जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने, देश भर में किसानों की आत्महत्या आदि मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि वंचित लोगों के लिए स्थिति काफी कठिन है। आस्था के नाम पर हिंसा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुये यादव ने कहा कि यह जमीन पर नजर नहीं आता और मोदी को अपनी पार्टी की सरकारों को यह बताने की जरूरत है कि वह उनके आदेशों का पालन करें।
इस बीच जदयू ने कहा है कि शरद यादव को ‘‘दागी नेताओं’’ के साथ नहीं जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जदयू ने उन्हें राज्यसभा में अपने संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया है। यादव के साथ राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी भी थे जिन्हें पार्टी ने संसदीय दल से निलंबित कर दिया है। पार्टी महासचिव के पद से हटाए गए अरूण श्रीवास्तव भी शरद यादव के साथ मौजूद थे। यादव ने बाद में एक बयान में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल, माकपा से येचुरी, सपा से अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल, राजद से मनोज झा, नेकां से फारूक अब्दुल्ला और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इन नेताओं के अलावा भाकपा से डी राजा, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, रालोद से अजित सिंह राकांपा से तारिक अनवर और बसपा से वीर सिंह भी बैठक में शामिल होंगे। किसानों, दलितों और समाज के अन्य तबकों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे।जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने शरद यादव द्वारा विपक्षी नेताओं को आमंत्रित करने के कदम को तवज्जो नहीं दिया और कहा कि ‘साझा विरासत बचाने’ को लेकर बैठक किए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं होगी।
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