फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आऊंगा’ के पोस्टर में दिखा रहा भोजपुरिया संस्कृति की आत्मा
अक्सर भोजपुरी सिनेमा पर अश्लील और सी ग्रेड फिल्में बनाने का
टैग लगता रहा है। पोस्टर भी कुछ इसी प्रकार बनते हैं। इसे देखते ही आंखें शर्म से
झ़क जायें। इन दिनों फिल्म ‘मैं सेहरा बांध के आऊंगा’ का पोस्टर सोशल
मीडिया पर छाया है। इसे देखकर कहा जा सकता है कि भोजपुरी फिल्मों के पोस्टर भी
अब अश्लील और सी ग्रेड टैग से इतर अच्छी बनने लगी है। जिसे देखकर लोगों को
अनदेखा करने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे पोस्टर को देख कर बॉलीवुड के पोस्टर की तरह
रूक कर निहार सकेंगे।
रंजन सिन्हा की रिपोर्ट
वैसे पिछले दिनों कई ऐसी फिल्में आईं हैं, जिन्होंने ये साबित किया है कि
भोजपुरी इंडस्ट्री में भी अच्छी फिल्में बनती हैं। अभी हाल ही में आई रजनीश
मिश्रा की फिल्म ‘मेहंदी लगा के रखना’ ने ये साबित कर दिया कि भोजपुरी में भी ए ग्रेड की फिल्में बनती हैं। अब
वही रजनीश मिश्रा एक बार फिर अपनी नई फिल्म ‘मैं सेहरा
बांध के आऊंगा’ को लेकर तैयार हैं, जिसमें भोजपुरी संस्कृति की आत्मा दिखेगी। यह निहायती पारिवारिक और
सामाजिक फिल्म है। ऐसा दावा खुद रजनीश मिश्रा और फिल्म के प्रोड्यूसर अनिल
काबरा व प्रदीप सिंह कर रहे हैं।
अगर उनकी मानें तो बिहार का महापर्व छठ पूजा के अवसर पर रिलीज होने
वाली फिल्म ‘मैं
सेहरा बांध के आऊंगा’ में भोजपुरिया गांव – जवारा की झलक मिलेगी। उनका कहना है कि फिल्म की कहानी परिवार और परिवेश
के अनुसार ही है, जिसे सिनेमा के जरिए पर्दे पर लाने की
कोशिश की गई है। उनका मानना है कि अगर भोजपुरी फिल्मों में भोजपुरिया
परिवेश पर कहानी बुनी जाय, तो वह हिट होती है और
दर्शकों द्वारा सराही भी जायेगी। आज भोजपुरी सिनेमा को अपने परिवेश और परिवार के
इर्द गिर्द कहानियों पर फिल्में बनाने की जरूरत है। तभी इसकी मिठास लोगों तक
पहुंच सकेगी।
संगीतकार से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने वाले रजनीश मिश्रा
ने भोजपुरिया इंडस्ट्री को ये संदेश दिया है कि भोजपुरी संस्कृति और सामाजिक परिवेश पर
आधारित फिल्मों का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं, प्रोड्यूसर
अनिल काबरा व प्रदीप सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य
भोजपुरी सिनेमा के उन सभी लोगों,खास कर महिलाओं के बीच ले
जाने की है, जो भोजपुरी फिल्मों से रूठे हैं। हमारा
मकसद इस फिल्म से सिर्फ पैसा कामना नहीं है, बल्कि आम
भोजपुरिया दर्शकों को सिनेमाघरों के अंदर लाना है। जो अभी तक घर पर बैठ बिना देखे
ही भोजपुरी फिल्मों की आलोचना करते रहते हैं।
बता
दें कि फिल्म की परिकल्पना अनंजय रघुराज सिंह ने की है। फिल्म में खेसारीलाल
यादव और काजल राघवानी की हिट जोड़ी के अलावा अवधेश मिश्रा, संजय पांडेय, संजय महानंद, किरण यादव, सुमन झा, गोपाल राय,आनंद मोहन पांडेय, धामा वर्मा, देव सिंह, दीपक सिन्हा और रोहित सिंह मटरू ने भी मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म के
प्रचारक हैं रंजन सिन्हा और फिल्म के गीतकार प्यारेलाल
यादव,श्याम देहाती, पवन पांडेय
और आजाद सिंह हैं।



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