महिला को गलती से दफनाया, 11 दिन बाद पड़ोसियों ने शोर सुन खोदकर निकाला ताबूत
कब्रिस्तान पहुंचने वालों लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कुछ लोग एम्बुलेंस बुलाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन ताबूत बाहर निकालने के बाद जो दिखा वह वाकई में दिल दहला देने वाला था। रॉसएंजेला अल्मीडा का ताबूत से बाहर निकलने का संघर्ष साफ दिख रहा था।
कब्रिस्तान पहुंचने वालों लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कुछ लोग एम्बुलेंस बुलाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन ताबूत बाहर निकालने के बाद जो दिखा, वह वाकई में दिल दहला देने वाला था। रॉसएंजेला अल्मीडा का ताबूत से बाहर निकलने का संघर्ष साफ दिखाई दे रहा था। ताबूत पर उसके नाखूनों के गहरे निशान और ताबूत के अंदर फैला खून सब बयां कर रहा था, लेकिन ताबूत बाहर निकाने जाने पर महिला जिंदा नहीं थी।
https://youtu.be/GVHkGiM1tsw
https://youtu.be/DdNMFB2klQ4
पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है। अस्पताल के डॉक्टरों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, महिला के परिवार वाले इस लापरवाही के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं मान रहे हैं। यहां तक कि आरोपी अस्पताल प्रशासन भी जांच में पुलिस की मदद कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि वो इस केस की तह तक जाएंगे और जरूरत पड़ी तो महिला के शव को दोबारा कब्र से निकाला जाएगा। वहीं, मृतक महिला के पड़ोस में रहने वाली एना फ्रांसिस्को डायस ने बताया कि जब (29 जनवरी) महिला को दफनाया गया था, करीब 500 लोग कब्रिस्तान में थे। उनमें कई लोगों ने महिला के पैरों को हाथ लगाया था। पैरों को हाथ लगाने वाले कई लोगों ने बताया था कि महिला का शरीर अभी भी गर्म था, जबकि इसे ठंडा हो जाना चाहिए था। लेकिन किसी ने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था।
https://youtu.be/GVHkGiM1tsw
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| पुलिस का कहना है कि वो इस केस की तह तक जाएंगे और जरूरत पड़ी तो महिला के शव को दोबारा कब्र से निकाला जाएगा।(फोटो सोर्स- यूट्यूब) |
कब्रिस्तान पहुंचने वालों लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कुछ लोग एम्बुलेंस बुलाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन ताबूत बाहर निकालने के बाद जो दिखा, वह वाकई में दिल दहला देने वाला था। रॉसएंजेला अल्मीडा का ताबूत से बाहर निकलने का संघर्ष साफ दिखाई दे रहा था। ताबूत पर उसके नाखूनों के गहरे निशान और ताबूत के अंदर फैला खून सब बयां कर रहा था, लेकिन ताबूत बाहर निकाने जाने पर महिला जिंदा नहीं थी।
https://youtu.be/GVHkGiM1tsw
https://youtu.be/DdNMFB2klQ4
पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है। अस्पताल के डॉक्टरों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, महिला के परिवार वाले इस लापरवाही के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं मान रहे हैं। यहां तक कि आरोपी अस्पताल प्रशासन भी जांच में पुलिस की मदद कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि वो इस केस की तह तक जाएंगे और जरूरत पड़ी तो महिला के शव को दोबारा कब्र से निकाला जाएगा। वहीं, मृतक महिला के पड़ोस में रहने वाली एना फ्रांसिस्को डायस ने बताया कि जब (29 जनवरी) महिला को दफनाया गया था, करीब 500 लोग कब्रिस्तान में थे। उनमें कई लोगों ने महिला के पैरों को हाथ लगाया था। पैरों को हाथ लगाने वाले कई लोगों ने बताया था कि महिला का शरीर अभी भी गर्म था, जबकि इसे ठंडा हो जाना चाहिए था। लेकिन किसी ने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था।
https://youtu.be/GVHkGiM1tsw


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