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सत्‍तारूढ़ भाजपा : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 में से नौ सीटों पर कब्‍जा

लखनऊ। सत्‍तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के तमाम दावों और मंसूबों को नाकाम करते हुए आज उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 में से नौ सीटों पर कब्‍जा कर लिया। सपा और बसपा द्वारा निर्वाचन आयोग से दो मत निरस्‍त करने की मांग को लेकर शिकायत किए जाने के कारण करीब दो घंटे देर से शुरू हुई मतगणना के नतीजों ने विपक्ष को निराश कर दिया। मतगणना के देर रात तक घोषित नतीजों में भाजपा के अरूण जेटली, डॉक्‍टर अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉक्‍टर अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह यादव तथा अनिल कुमार अग्रवाल विजयी करार दिये गये। अग्रवाल ने द्वितीय वरीयता वाले मतों के आधार पर बाजी मार ली।

सपा की जया बच्चन चुनाव जीत गयीं जबकि बसपा के भीमराव आंबेडकर को निराशा हाथ लगी। यह चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सूबे की दो बड़ी सियासी ताकतों सपा और बसपा के गठबंधन की सम्भावनाओं के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा था। हालांकि बसपा के विधायक अनिल सिंह ने ही भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। कांग्रेस विधायक नरेश सैनी के भी भाजपा को वोट देने की खबर आयी थी लेकिन उन्होंने मीडिया के सामने आकर इसका खण्डन किया।

इसके पूर्व, बसपा और सपा की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने भाजपा और बसपा के एक-एक वोट को निरस्‍त कर दिया। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बताया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग से शिकायत की है कि बसपा के विधायक अनिल सिंह ने अपना वोट देने से पहले पार्टी के एजेंट को नहीं दिखाया, लिहाजा उनका वोट निरस्‍त किया जाए। समाजवादी पार्टी ने भी अपने विधायक नितिन अग्रवाल के संबंध में ऐसी ही शिकायत की जिनके पिता नरेश अग्रवाल हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं।

सपा के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन ने बताया कि नितिन अग्रवाल ने सपा के एजेंट को दिखाए बगैर मतदान किया है लिहाजा उनका वोट निरस्त किया जाए। जेल में बंद बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी के वोट देने पर गुरुवार को लगी उच्च न्यायालय की रोक और कारागार में निरुद्ध सपा विधायक हरिओम यादव की राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति सम्बन्धी याचिका को अपर सत्र न्यायालय द्वारा कल खारिज किये जाने से ही विपक्ष को करारा झटका लगा था। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा में एक उम्मीदवार को जिताने के लिये 37 प्रथम वरीयता के वोट मिलना जरूरी था। प्रदेश की 403 सदस्‍यीय विधानसभा में 324 विधायकों के संख्याबल के आधार पर आठ सीटें आराम से जीत सकने वाली भाजपा ने 10 सीटों के लिये नौ प्रत्याशी उतारे थे। सपा के पास 47 सदस्य हैं। उसके पास अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को चुनाव जिताने के बाद तकनीकी रूप से 10 वोट बचते। मगर नितिन अग्रवाल के भाजपा को वोट देने और जेल में बंद विधायक हरिओम के वोट ना दे पाने के बाद उसके पास आठ वोट ही बचे थे। अनिल सिंह के भाजपा को वोट देने के बाद बसपा के पास 17 वोट बचे थे जबकि कांग्रेस के पास सात और राष्ट्रीय लोकदल के पास एक वोट था। इस तरह यह आंकड़ा 33 का बैठता था। इस तरह बसपा प्रत्याशी को जिताने के लिये चार और मतों की जरूरत थी।

भाजपा उम्मीदवारों की जीत के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के चुनावों में भाजपा के 9 उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल हुए हैं उन्हें मैं प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर आये रेल मंत्री पीयूष गोयल का भी धन्यवाद दिया। गोयल भी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का अवसरवादी चेहरा एक बार फिर प्रदेश की जनता ने देखा है। उन्होंने कहा कि कैसे सपा दूसरों से ले तो सकती है लेकिन दे नहीं सकती। यह जनता ने वर्षों से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समझदार को समझ जाना चाहिए कि खाई में गिरने से पहले संभल जाये।

उन्होंने भाजपा विधायकों, अपने सहयोगी दलों के विधायकों, निर्दलीय विधायकों और अपनी अंतरात्मा की आवाज पर राज्यसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने वालों का शुक्रया अदा किया।

योगी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा की विजय का सिलसिला इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा।

अन्य राज्यों से आये राज्यसभा चुनावों पर एक नजर:-

पश्चिम बंगाल 

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा के लिये आज हुये मतदान में कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और तृणमूल कांग्रेस के चार उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई। पीठासीन अधिकारी जयंता कोले ने यह घोषणा की। राज्यसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन सिंघवी को था जिन्होंने पांचवें उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के पास यहां अपने उम्मीदवार को जितवाने के लिये विधानसभा में पर्याप्त संख्याबल नहीं था। उन्होंने कहा कि सिंघवी को 47 मत मिले। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव जीतने वाले तृणमूल कांग्रेस के चार उम्मीदवार नदीमुल हक, सुभाशीष चक्रवर्ती, अबीर बिश्वास और शांतनु सेन हैं।

कोले ने कहा कि नदीमुल हक को 52 मत मिले, सुभाशीष चक्रवर्ती को 54, अबीर विश्वास को 52 और शांतनु सेन को 51 मत मिले। वाम समर्थित माकपा उम्मीदवार राबिन डे चुनाव हा गए। वह पांचवीं सीट के लिये चुनाव लड़ रहे थे और उन्हें 30 मत हासिल हुए। राज्य में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिये 49 मतों की जरूरत थी। सदन में कांग्रेस के 42 विधायक हैं। कुल 294 विधायकों में से 288 ने अपने मत का इस्तेमाल किया। दो मत अवैध करार दिये गए।

कर्नाटक

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने आज राज्यसभा की तीन सीटों पर जीत हासिल की जबकि विपक्षी भाजपा के खाते में एक सीट गयी। जेडीएस ने चुनावी कदाचार का आरोप लगाते हुए चुनाव का बहिष्कार किया। निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस के डॉ. एल हनुमनथैया, डॉ. सैयद नासिर हुसैन एवं जीसी चंद्रशेखर और भाजपा के राजीव चंद्रशेखर को निर्वाचित घोषित किया। जेडीएस के चुनाव आयोग से शिकायत करने से मतगणना शुरू करने में देरी हुई।
 
विधानसभा में अपनी मजबूत स्थिति के साथ कांग्रेस को दो सीटें जीतने का पूरा यकीन था और उसने तीसरी सीट पर निशाना साध रखा था। उसने तीसरी सीट जेडीएस के बागी विधायकों एवं निर्दलीय विधायकों की मदद से जीत ली। जेडीएस के विधायकों की संख्या 37 है और उसके सात विधायकों के पाला बदलकर कांग्रेस की ओर चले जाने से जीत के लिये जरूरी 44 मतों से उसके पास 14 वोट कम हो गए। उद्योगपति राजीव चंद्रशेखर ने 50 वोट हासिल किए जो जरूरी मतों से छह ज्यादा थे। उन्हें छोटे दलों एवं निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिला। कांग्रेस के चंद्रशेखर को 46, हनुमनथैया को 44 और हुसैन को 42 वोट मिले। दो वोट अवैध घोषित कर दिए गए जबकि दो खारिज कर दिए गए। जेडीएस ने चुनाव कदाचार और निर्वाचन अधिकारी पर कांग्रेस से मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए चुनाव का बीच में ही बहिष्कार कर दिया।

तेलंगाना

टीआएस उम्मीदवार बी. प्रकाश, बी. लिंगैया यादव और जे. संतोष कुमार को तेलंगाना से राज्यसभा के लिये निर्वाचित घोषित किया गया। राज्य में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही थीं। मुख्य विरोधी दल कांग्रेस के उम्मीदवार पी. बलराम को हार का सामना करना पड़ा। प्रकाश, यादव और संतोष कुमार को क्रमश: 33, 32 और 32 मत मिले। आधिकारिक सूत्रों ने आज कहा कि बलराम को महज 10 वोट मिले थे। 119 सदस्यों वाली विधानसभा में 117 वैध मतदाता थे। हाल ही में कांग्रेस के दो विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया गया था। सदन में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 17 थी और उसने आरोप लगाया कि उसके सात विधायकों ने टीआरएस के लिये मतदान किया।

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