कर्नाटक: सिद्धारमैया का 'ट्रम्प कार्ड' लाया रंग, पहली महिला लिंगायत संत ने समर्थन दिया, मोदी को 11 दिन की अवधि
माते महादेवी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना भी कमाल है और उन पर आरोप लगाया है कि वे झूठ बोलकर लोग गुमराह कर रहे हैं
कर्नाटक चुनाव में अब एक महीने से थोड़ा ज्यादा समय बिताने की उम्मीद है ऐसे में सभी राजनीतिक दल नफा-नुकसान की सियासी गठजोड़ और मंदिरों-मठों के दौरे में व्यस्त हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमाया ने पहले ही मास्टर स्ट्रोक जड़ती हुई लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने का एलान कर जरूरी कागजी कार्रवाई की गई और गेंद केंद्र की बीजेपी सरकार के पाले में डाल दिया गया है। कांग्रेस को इसका फायदा भी दिखता है। लिंगायत समुदाय का पहला महिला संत माते महादेवी ने कांग्रेस नेता और सीएम सिद्धारमैया का समर्थन किया और लिंगायत समुदाय के लोगों से बीजेपी को छोड़ दिया कांग्रेस का साथ देने का आह्वान किया है।
माते महादेवी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना भी कमाल है और उन पर आरोप लगाया है कि वे झूठ बोलकर लोग गुमराह कर रहे हैं माते महादेवी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को 18 अप्रैल तक लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक की अवस्था देने का भी अल्टिमेटम दिया था। बताओ कि राज्य में लिंगायत समुदाय करीब 18 प्रतिशत आबादी है। यह समुदाय परंपरागत रूप से बीजेपी का वोट बैंक है, लेकिन सिद्दारमैया ने बड़ी राजनीतिक चाल चल रही है, बीजेपी की वोट बैंक में प्रवेश करने की कोशिश है। बीजेपी के सीएम उम्मीदवार बीएस यदुरप्पा भी इसी समुदाय से आए हैं।
इधर, एक राजनीतिक घटनाक्रम में जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) के नेता और पूर्व पीएम एच डी देवगौड़ा के बेटे एच डी रेवन्ना ने राहुल गांधी पर तंग कसते हुए बीजेपी नेता येदुरप्पा की रक्षा की है और उन्हें भी मानव मानते हैं। रेवन्ना ने कहा है कि यदुरप्पा को करप्ट कहने का राहुल गांधी को कोई अधिकार नहीं है। बताओ कि राहुल गांधी पहले ही जेडीएस को बीजेपी की बी पार्टी करार दिया था। मैसूरु के इलाके में जेडीएस का अच्छा वोट बैंक है और वोकलिंगलिंगा सोसाइटी पर उसका अच्छा पैठ मान लिया गया है। कर्नाटक में 12 मई को वोट दिया जाएगा जबकि 15 मई को नतीजे आएंगे
कर्नाटक चुनाव में अब एक महीने से थोड़ा ज्यादा समय बिताने की उम्मीद है ऐसे में सभी राजनीतिक दल नफा-नुकसान की सियासी गठजोड़ और मंदिरों-मठों के दौरे में व्यस्त हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमाया ने पहले ही मास्टर स्ट्रोक जड़ती हुई लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने का एलान कर जरूरी कागजी कार्रवाई की गई और गेंद केंद्र की बीजेपी सरकार के पाले में डाल दिया गया है। कांग्रेस को इसका फायदा भी दिखता है। लिंगायत समुदाय का पहला महिला संत माते महादेवी ने कांग्रेस नेता और सीएम सिद्धारमैया का समर्थन किया और लिंगायत समुदाय के लोगों से बीजेपी को छोड़ दिया कांग्रेस का साथ देने का आह्वान किया है।
माते महादेवी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना भी कमाल है और उन पर आरोप लगाया है कि वे झूठ बोलकर लोग गुमराह कर रहे हैं माते महादेवी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को 18 अप्रैल तक लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक की अवस्था देने का भी अल्टिमेटम दिया था। बताओ कि राज्य में लिंगायत समुदाय करीब 18 प्रतिशत आबादी है। यह समुदाय परंपरागत रूप से बीजेपी का वोट बैंक है, लेकिन सिद्दारमैया ने बड़ी राजनीतिक चाल चल रही है, बीजेपी की वोट बैंक में प्रवेश करने की कोशिश है। बीजेपी के सीएम उम्मीदवार बीएस यदुरप्पा भी इसी समुदाय से आए हैं।
इधर, एक राजनीतिक घटनाक्रम में जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) के नेता और पूर्व पीएम एच डी देवगौड़ा के बेटे एच डी रेवन्ना ने राहुल गांधी पर तंग कसते हुए बीजेपी नेता येदुरप्पा की रक्षा की है और उन्हें भी मानव मानते हैं। रेवन्ना ने कहा है कि यदुरप्पा को करप्ट कहने का राहुल गांधी को कोई अधिकार नहीं है। बताओ कि राहुल गांधी पहले ही जेडीएस को बीजेपी की बी पार्टी करार दिया था। मैसूरु के इलाके में जेडीएस का अच्छा वोट बैंक है और वोकलिंगलिंगा सोसाइटी पर उसका अच्छा पैठ मान लिया गया है। कर्नाटक में 12 मई को वोट दिया जाएगा जबकि 15 मई को नतीजे आएंगे


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