'बागी -2' में है टाइगर श्रोफ का बहुत ही शानदार एक्शन, कहानी में दम नहीं
इस सप्ताह प्रदर्शित किया गया फिल्म 'बागी -2' पूरी तरह से टाइगर श्रोफ़ की कंधे पर टिकी हुई है। फिल्म की कहानी पर निर्देशक अहमद खान ने कुछ और मेहनत की है तो यह अच्छा फिल्म बन सकता है अभी इंटरवैल से पहले का भाग ठीक है लेकिन उसके बाद की कहानी पटरी से उतार हुआ है। फिल्म
में हालांकि आप टिगर के हैरतअंगेज एक्शन के अलावा मैनली, थाईलैंड, गोवा और
लद्दाख की खूबसूरत जगहों को भी देखने के लिए मिलेंगे। फिल्म के बारे में दर्शकों में कितना कमाल काज था इसका उदाहरण फिल्म को मिला बम्पर ओपनिंग है
फिल्म की कहानी रोनी (टाइगर शोरफ) और नेहा (दिशा पाटनी) के आसपास के घूमते हैं। दोनों साथ पढ़ते हैं और एक दूसरे से प्यार करते हैं दोनों शादी करना चाहता है लेकिन नेहा के पिता को रोनी पसंद नहीं है दोनों शादी करने के लिए घर से भाग जाते हैं लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं कि दोनों अलग हो जाते हैं। नेहा का विवाह उसके घर वाले शेखर से कर दिया जाता है और रोनी सेना में कमांडो बनते हैं। कुछ साल बाद अचानक एक दिन नेहा रोनी से अपनी किडनैप हुई बेटी को छुड़ाने में मदद की ज़रूरत है तो रोनी आगे आता है। रोनी को नेहा के देवर सनी (प्रतीक बब्बर) पर शक होता है लेकिन जब उसे पता चलता है कि नेहा की तो कोई बेटी ही नहीं है तो सभी मामले उलझन में हैं। अब यह रोनी कैसे सुलझता है यह फिल्म में दिखाया गया है।
अभिनय के मामले में कहा जा सकता है कि टाइगर फिल्म दर फिल्म में काफी सुधार हो रहा है। विशेष रूप से इस फिल्म में उनके एक्शन तो लंबे समय से याद रखना होगा। निर्माताओं ने खुश होकर बागी -3 बनाते हुए घोषणा भी किया है। दिशा पाटीनी का काम भी ठीक हो रहा था टिगर और दिशा असली जीवन में भी कपल हैं इसलिए पर्दे पर दोनों के बीच की कैमेरी बहुत अच्छी हो रही है मनोज वाजपेयी, प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल और रणदीप हुड्डा भी अपनी प्रभावी भूमिका में हैं फिल्म में जैकीलीन फर्नांडीज का आइटम सोंग 'एक दो तीन' भी है जो काफी पहले से चर्चा में है। अन्य गीत ठीक हैं, लेकिन कहानी में जबरन ठूंस गए हैं। निर्देशक अहमद खान की विफलता अंतर्वेल के बाद से स्पष्ट नजर आती है, जब फिल्म की कहानी यहां से उधर भटक रही है।
कलाकार- टीगर श्रॉफ, दिग्दर्शन पाटीनी, मनोज बाजपाई, रणदीप हुड्डा, प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल और निर्देशक- अहमद खान।
प्रीटी
फिल्म की कहानी रोनी (टाइगर शोरफ) और नेहा (दिशा पाटनी) के आसपास के घूमते हैं। दोनों साथ पढ़ते हैं और एक दूसरे से प्यार करते हैं दोनों शादी करना चाहता है लेकिन नेहा के पिता को रोनी पसंद नहीं है दोनों शादी करने के लिए घर से भाग जाते हैं लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं कि दोनों अलग हो जाते हैं। नेहा का विवाह उसके घर वाले शेखर से कर दिया जाता है और रोनी सेना में कमांडो बनते हैं। कुछ साल बाद अचानक एक दिन नेहा रोनी से अपनी किडनैप हुई बेटी को छुड़ाने में मदद की ज़रूरत है तो रोनी आगे आता है। रोनी को नेहा के देवर सनी (प्रतीक बब्बर) पर शक होता है लेकिन जब उसे पता चलता है कि नेहा की तो कोई बेटी ही नहीं है तो सभी मामले उलझन में हैं। अब यह रोनी कैसे सुलझता है यह फिल्म में दिखाया गया है।
अभिनय के मामले में कहा जा सकता है कि टाइगर फिल्म दर फिल्म में काफी सुधार हो रहा है। विशेष रूप से इस फिल्म में उनके एक्शन तो लंबे समय से याद रखना होगा। निर्माताओं ने खुश होकर बागी -3 बनाते हुए घोषणा भी किया है। दिशा पाटीनी का काम भी ठीक हो रहा था टिगर और दिशा असली जीवन में भी कपल हैं इसलिए पर्दे पर दोनों के बीच की कैमेरी बहुत अच्छी हो रही है मनोज वाजपेयी, प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल और रणदीप हुड्डा भी अपनी प्रभावी भूमिका में हैं फिल्म में जैकीलीन फर्नांडीज का आइटम सोंग 'एक दो तीन' भी है जो काफी पहले से चर्चा में है। अन्य गीत ठीक हैं, लेकिन कहानी में जबरन ठूंस गए हैं। निर्देशक अहमद खान की विफलता अंतर्वेल के बाद से स्पष्ट नजर आती है, जब फिल्म की कहानी यहां से उधर भटक रही है।
कलाकार- टीगर श्रॉफ, दिग्दर्शन पाटीनी, मनोज बाजपाई, रणदीप हुड्डा, प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल और निर्देशक- अहमद खान।
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