बोलीं मायावती, 'जातिवादी तत्वों ने भड़काई हिंसा'
दलित संगठनों द्वारा आयोजित भारत बंद के दौरान हुई हिंसा की बस्पी सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बास्पा आंदोलन का समर्थन करता है, लेकिन इस दौरान हुई हिंसा को जायज न ठहराया गया था। आंदोलन में हुई हिंसा को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा गया कि कुछ
जातिवादी लोग दलित और पिछड़े लोगों की आड़ में इस आंदोलन को हिंसक बना रहे
हैं।उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है साथ ही इन लोगों की आड़ में दलित और पिछड़े लोगो को निशाणा नहीं बनाने का चेतावनी भी दिया गया था मायावती ने कहा कि ऐसा होता है तो बस्पा चुप न बैठेगी।
बताओ चलें कि एससी-एसटी अधिनियम में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूरे देश में दलित संगठनों द्वारा सोमवार को भारत बंद का आयोजन किया गया। इसका व्यापक प्रभाव पूरे देश में देखने के लिए मिला इस दौरान कुछ एक राज्यों में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच में हिंसक झड़पें भी हुईं, जिनमें चार लोग मौत हो गए थे।
बस्पा सुप्रीमो ने पीएम मोदी पर पिछड़ा और दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर जो धब्बा लगा है वह उनकी कथनी और करनी में भिन्नता के परिणाम हैं बाबा साहेब की अथक प्रयासों से जो अधिकार पिछड़ा और दलित वर्ग मिलेंगे, बीजेपी उन्हें छीनना चाहता है। सरकार के इन नीतियों के चलते दलितों और आदिवासियों में गुस्सा है
मायावती ने कहा कि आरक्षण खत्म करने के लिए बीजेपी सरकार सरकारी संस्थाओं की प्राइवेटीजेशन कर रही है, इसीलिए हम प्राइवेट संस्थानों में भी दलित और पिछड़े आरक्षण की लगातार मांग कर रहे हैं।
बताओ चलें कि एससी-एसटी अधिनियम में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूरे देश में दलित संगठनों द्वारा सोमवार को भारत बंद का आयोजन किया गया। इसका व्यापक प्रभाव पूरे देश में देखने के लिए मिला इस दौरान कुछ एक राज्यों में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच में हिंसक झड़पें भी हुईं, जिनमें चार लोग मौत हो गए थे।
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