गैंगेस्टर भूमाफिया को पुलिस ने जेल भेजकर की खानापूर्ति, करोड़ों की जमीनों को अभी भी कब्जा करने में लगे हैं भूमाफिया
शहर की कई सरकारी जमीनों को कब्जा करके बेचने व कई ग्राहकों को दोबारा बिकी हुई जमीन बेचने के आरोपी शेख एजाज अहमद उर्फ़ एजाज बाक्सर को पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया, एजाज बाक्सर का लंबा आपराधिक इतिहास है उस पर कोतवाली सहित अन्य थानों में धोखाधड़ी करके जमीन बिक्री करना, बंधक बनाकर जमीन हड़पना और मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में 9 मुकदमे दर्ज हैं कुछ समय पूर्व गिरफ्तारी होने पर वह कोतवाली से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी तभी बीते दिन मसवानी निवासी इस्लाम ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उक्त भूमाफिया ने एक नवनिर्मित भवन के समझौते को लेकर मुझे लखनऊ बाई पास के समीप बुलाया तथा बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देकर कई स्टैंप पेपर पर जबरन दस्तखत करवा लिए और पांच लाख की मांग भी की साथ ही मेरी अंगूठी और चैन भी छीन ली, पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्जकर भगोड़े भूमाफिया को लखनऊ बाई पास से भागते वक्त गाडी सहित पकड़ लिया और जेल भेज दिया, एक भूमाफिया के जेल जाने से शहर की आम जनता ने राहत की साँस ली और पुलिस की सराहना भी की, लेकिन इसके साथ ये भी सवाल उठा कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद भूमाफिया अब भी सरकारी व लोगों की जमीन कब्जा करने में लगे हैं जिन पर वृहद स्तर पर कार्यवाही होनी चाहिए। इधर कोतवाली पुलिस एक भूमाफिया को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपा रही है उधर कई भूमाफिया झुंड बनाकर खुलेआम vip रोड स्थित एक जमीन पर कब्जा कर प्लॉटिंग की साइड खोले हुए हैं मगर जिला प्रशासन आँख मूंदे बैठा है, आपको बता दें कि उस जमीन पर भूमाफियाओं का सिर्फ 144 वर्गमीटर का प्लाट का बैनामा है और साइड लगभग 1 बीघा की खोली गयी है, इसी 144 वर्गमीटर जमीन के भरोसे खुलेआम ग्राहकों को फंसाया जा रहा है और कई प्लाटों की बिक्री की जा रही है, इसमें ख़ास बात ये भी है कि जिस भूमाफिया को पुलिस जेल भेज रही है उसी का पारिवारिक बेहद करीबी vip रोड स्थित जमीन कब्जा करने में भूमाफिया झुंड में शामिल है लेकिन पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। वहीं जिला प्रशासन की इस गैर जिम्मेदारी से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
फतेहपुर से पवन द्रिवेदी की रिपोर्ट
तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी तभी बीते दिन मसवानी निवासी इस्लाम ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उक्त भूमाफिया ने एक नवनिर्मित भवन के समझौते को लेकर मुझे लखनऊ बाई पास के समीप बुलाया तथा बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देकर कई स्टैंप पेपर पर जबरन दस्तखत करवा लिए और पांच लाख की मांग भी की साथ ही मेरी अंगूठी और चैन भी छीन ली, पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्जकर भगोड़े भूमाफिया को लखनऊ बाई पास से भागते वक्त गाडी सहित पकड़ लिया और जेल भेज दिया, एक भूमाफिया के जेल जाने से शहर की आम जनता ने राहत की साँस ली और पुलिस की सराहना भी की, लेकिन इसके साथ ये भी सवाल उठा कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद भूमाफिया अब भी सरकारी व लोगों की जमीन कब्जा करने में लगे हैं जिन पर वृहद स्तर पर कार्यवाही होनी चाहिए। इधर कोतवाली पुलिस एक भूमाफिया को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपा रही है उधर कई भूमाफिया झुंड बनाकर खुलेआम vip रोड स्थित एक जमीन पर कब्जा कर प्लॉटिंग की साइड खोले हुए हैं मगर जिला प्रशासन आँख मूंदे बैठा है, आपको बता दें कि उस जमीन पर भूमाफियाओं का सिर्फ 144 वर्गमीटर का प्लाट का बैनामा है और साइड लगभग 1 बीघा की खोली गयी है, इसी 144 वर्गमीटर जमीन के भरोसे खुलेआम ग्राहकों को फंसाया जा रहा है और कई प्लाटों की बिक्री की जा रही है, इसमें ख़ास बात ये भी है कि जिस भूमाफिया को पुलिस जेल भेज रही है उसी का पारिवारिक बेहद करीबी vip रोड स्थित जमीन कब्जा करने में भूमाफिया झुंड में शामिल है लेकिन पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। वहीं जिला प्रशासन की इस गैर जिम्मेदारी से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
फतेहपुर से पवन द्रिवेदी की रिपोर्ट


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