संगम नगरी के इस परिवार में भी तीज का व्रत
गंगा यमुना सरस्वती के पावन तट पर कई कीर्तिमान स्थापित होते आये है। यूं तो उत्तर भारत के प्रमुख तीज-त्यौहारों में तीज का महत्वपूर्ण योगदान है जिसमें सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए तीज का व्रत रखती हैं । शहर के एक प्रतिष्ठित बंगाली परिवार में भी तीज का त्यौहार मनाया जा रहा है जो कि परंपरा से अलग है। जानकारी करने पर पाया गया कि वर्ष 2010 में परिवार के उत्तम कुमार बनर्जी के साथ बीना मिश्रा जी का विवाह हुआ जो कि स्यम हाइकोर्ट में अधिवक्ता है।बिवाह उपरांत इस परिवार में तीज महोत्सव बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने लगा ।
बीना मिश्रा ने बताया क्योंकि बंगीय वर्गीय परिवार में तीज का प्रचलन नहीं है लेकिन जब मेरे सास-ससुर को पता चला कि मैं पहले से ही तीज का व्रत रखते हुए चली आ रही हूं तो उनमे बहुत उत्साह जगा, और शादी के इतने सालों बाद भी पूजन सामग्री ,कपड़ा, पूजा पाठ का सामान इत्यादि की खरीदारी एक हफ्ते पहले से ही सास ससुर मिल कर करते है।ऐसा लगता है जैसे कि दुर्गा पूजा की खरीदारी हो रही हो।
परिवार के मुखिया अरुण कुमार बनर्जी ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार होने के नाते हमारा परिवार वैचारिक रूप से बहुत ही उदारवादी रहा है और हमारे यहां सभी समुदाय धर्मों का विशेष सम्मान होता रहा है इस कारण से परिवार में तीज को अंगीकृत किया और हम लोग इसे बहुत आनंद व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं क्योंकि यह एक नया त्यौहार है और इसलिए बनर्जी परिवार में आकर्षण का केंद्र बना रहता है।



No comments