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प्रयागराज में जाम के झाम से निजात को डायर्वजन प्लान पर व्यापक मंथन

प्रयागराज। कुम्भ मेला-2019 के दौरान पड़ने वाले 06 महत्वपूर्ण स्नान पर्वों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं, दर्शनार्थिंयों, तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के आने की सम्भावना है। आवागमन के सुचारू रूप से व्यवस्था हेतु बने डायवर्जन प्लान पर उच्चाधिकारियों की बैठक में व्यापक मंथन एवं विचार-विमर्श हुआ।
अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन एस0एन0 सावंत ने विभिन्न जनपदों के आये हुए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवागमन के डायवर्जन प्लान की रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यातायात के बेहतर प्रबन्धन के निर्देश दिये। बुधवार को कुम्भ मेला स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित अन्तरजनपदीय यातायात डायवर्जन की बैठक में विभिन्न जनपदों से आये हुए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये। कहा कि वाहनों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए पार्किंग स्थलों को डवलप किया जाये और वहां पर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने बताया कि आवागमन के प्रमुख सात मार्ग है और इन्हीं सातों मार्गों से श्रद्धालुओं कुम्भ मेला में आयेंगे। उन्होंने कहा कि कभी-कभी रोडवेज की बसें डाईवर रोड पर खड़ी करके चले जाते है, जिससे यातायात बाधित होता है। ऐसे बसों को वहां से तत्काल हटवा दिया जाये।
    अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 08 दिसम्बर तक 03 कापी में स्कीम बना ली जाये और उसे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक प्रयागराज को भेजने का निर्देश दिया। मेले के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत सघन जांच पड़ताल करने और संदिग्धों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिये। एरिया वाइज स्वयंसेवकों को चिन्हित कर लिया जाये। पुलिस बल के लिए डायवर्जन स्थानों पर शेड बनाने और शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

    मण्डलायुक्त डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने जिलाधिकारियों से कहा कि यदि कहीं सड़क की मरम्मत आदि कराना है तो इसके बजट की व्यवस्था के लिए प्रमुख सचिव लो0नि0वि0 को तत्काल पत्र भिजवा दे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल पम्प और ढ़ाबे वालेे भी पर्याप्त शौचालय बनवायें। उन्होंने ये भी कहा कि सभी एसडीएम सम्बन्धित रेलवे स्टेशन मास्टरो से समन्वय बनाकर स्टेशन के पास वेण्डरो से पीने के पर्याप्त पानी, खान-पान का सामान, फल, दूध आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराये। इसके अलावा समुचित प्रकाश की व्यवस्था की जाये। यात्रियों की समस्याओं को दूर करने के लिए नगर पंचायत, नगर पालिका, ग्राम पंचायत, युवा मण्डल दल, एनएसएस एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाये। ध्यान रहे कि रेलवे फाटकों पर जाम न लगे इसके लिए वहां पर एक होल्डिंग एरिया बनवा ली जाये। मण्डलायुक्त ने भीड़ को नियंत्रित करने एवं यातायात को सुगम बनाने के लिए कहा कि प्रयागराज से जो लोग बाहर जा रहे है, उनको प्राथमिकता पर पहले एक्जिट किया जाये। डायवर्जन स्थलों पर भी फोर्स की व्यवस्था की जाये। दुर्घटनाओं से बचने के लिए डायवर्जन रूट को देख लिया जाये और जो प्रमुख डायवर्जन रूट है वहां पर रोड की क्रासिंग पर देख लिया जाये कि बिजली का कोई तार न लटके और तार यदि नीचे है तो उसे पर्याप्त ऊंचाई पर कर दिया जाये। बिजली के जर्जर तारों को तत्काल बदल दिया जाये। पेड़ की डाल नीचे लटक रही है तो उसे छटवा दिया जाये। इन सब चीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश मण्डलायुक्त ने दिये।
    मण्डलायुक्त ने इन बात पर जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष रूप से सर्तक रहने को कहा कि किसी सड़क पर जाम के कारण यदि कोई घटना होगी, तो सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई हो जायेगी। इसे पूरी गम्भीरता से ली जाये। सम्भव हो तो ऐसे जगहों पर मजिस्टेªट और पुलिस अधिकारी की ड्यूटी पुलिस बल के साथ पहले से लगा दी जाये। कहा कि ट्रैफिक प्लान की बुकलेट तैयार कर ली जाये और उसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज को भेज दी जाये। इसके अलावा कम्यूनिकेशन प्लान बना लिया जाये। कुम्भ मेला के महत्वपूर्ण स्नान पर्वों के दिन किसी को भी अवकाश न दिया जाये। टेलीफोन के लैण्डलाइन पर जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी जाये। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि नाॅन पीक डेज पर भी टैªफिक प्लान की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके लिए भी प्लान बना ली जाये। कहीं जाम की स्थिति हो तो वहां से वाहन को तत्काल हटा दिया जाये। आवागमन की सुविधा के लिए साइनेजेज का इस्तेमाल किया जाये। डायवर्जन वाले स्थानों पर वीडिओगा्रफी के लिए वीडियोग्राफर को तैनात कर दिया जाये। इसके अलावा टोल प्लाजा का भी इस्तेमाल किया जाये और वहां पर पम्फलेट बटवा दिया जाये ताकि प्लान की मैसेज की जानकारी मिल जाये। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहां कि एक्जिट फस्र्ट टैªफिक प्लान का मंत्र है। एम्बुलेंस की भी व्यवस्था सुनिश्चित रहे। स्कूलों, कालेजों को खोल कर रखा जाये और वहां पर पीने के पानी, खान-पान आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। साथ ही सभी अधिकारियों को एक बेहतर समन्वय बनाकर टीम भावना से कार्य करने को कहा और टैªफिक व्यवस्था और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाये।
    पुलिस महानिरीक्षक  मोहित अग्रवाल ने कहा कि टैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से हो और अधिकारीगण आपस में बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करे ताकि फीडबैक जनपदों से मिलती रहे और उसी के अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित होती रहे। कहा कि पीक डेज के एक दिन पहले और बाद के दिन प्रयागराज में भारी वाहन ट्रक आदि न आने पाये। उन्होंने डायवर्जन प्लान को सभी पुलिस अधीक्षक को सुनिश्चित करने को कहा। बताया कि डायवर्जन प्लान 13 जनवरी से शुरू हो जायेगा और 16 जनवरी को रात्रि 08 बजे तक चलेगा। डायवर्जन मार्ग पर पड़नें वाले पेट्रोल पम्पों पर ईधन की पर्याप्त व्यवस्था रहे। साइनेजेज लगा दिया जाये। इसके अलावा सीमावर्ती जनपदों में चेकिंग के स्थानों को चिन्हित कर लिया जाये और सघन चेकिंग की व्यवस्था की जाये। एक अभियान चलाकर किरायेदारों का सत्यापन कर लिया जाये। इसके अलावा ड्रोन का प्रयोग कर सकते है। आतिशबाजी की दुकानों ओर शस्त्र की दुकानों का भी सत्यापन कर लिया जाये।
    पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी बी0आर0मीना ने कहा कि सीमावर्ती रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया का डवलप कर लिया जाये और वहां पर शौचालय आदि की व्यवस्था भी कर लिया जाये। भीड़ को देखते हुए रूट प्लान बना ले। चेकिंग और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाये ताकि यात्रियों को कोई कष्ट न हो।
    बैठक में मेलाधिकारी कुम्भ मेला विजय किरन आनन्द, जिलाधिकारी प्रयागराज सुहास एल0वाई0, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज नितिन तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला के0पी0 सिंह सहित जनपद मिर्जापरु, जौनपुर, फतेहपुर, भदोही, चित्रकूट, रायबरेली, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ आदि जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकगण तथा पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।


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