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kumbh2019 : टेंट सिटी इंद्रप्रस्थम तैयार, अब खास मेहमानों का इंतजार

प्रातःकाल संवाददाता, कुंभनगर : जैसा नाम वैसी ही भव्यता। देवराज इंद्र की राजधानी की भव्यता कल्पना के आधार पर संगम तट पर आकार ले रही है। कुंभ में खास मेहमानों के लिए बसाई गई लग्जरी स्विस कॉटेज की इंद्रप्रस्थम टेंट सिटी देखते ही बनती है। इसमें देवराज इंद्र की राजधानी इंद्रप्रस्थ की पूरी भव्यता देखने को मिल रही है।

इंद्रप्रस्थम की यह है खासियत

टेंट सिटी इंद्रप्रस्थम का मॉडल राजा ईल के किले से लिया गया है, जो प्रयागराज में बनाया गया था। राजा ईल के किले के समान ही इस मुख्य प्रवेश द्वार को विशाल और भव्य रूप दिया गया है। इस द्वार पर समुद्रमंथन को प्रदर्शित किया गया है। लगभग 400 फीट चौड़े और 100 फीट ऊंचे इस प्रवेश द्वार के रंगों और चित्रों पर एलईडी लाइट का इफेक्ट दिख रहा है, जो राजसी ठाठ को भी मात दे रहा। इसी कॉलोनी में 24 जनवरी को 30 देशों के लगभग ढाई हजार प्रवासी भारतीय प्रवास करेंगे।

फाइव स्टार होटल सी लग्जरी सुविधा

मेलाधिकारी विजय किरन आनंद बताते हैं कि कुंभ का वैभव देखने आ रहे प्रवासी भारतीयों के लिए इंद्रप्रस्थम कॉलोनी खास तौर पर बसाई गई है। टेंट सिटी कई मायनों में फाइव स्टार होटल्स को भी मात देती नजर आ रही है। खास बात यह है कि महज दो महीनों के लिए बसाई गई इस कॉलोनी को दो माह में ही तैयार किया गया है। इसे थ्रीपी मॉडल पर तैयार किया गया है। यह कुंभ का सबसे बड़ा अस्थायी प्रोजेक्ट है।

55 एकड़ में 75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार

लगभग 55 एकड़ में 75 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस कॉलोनी का निर्माण नवंबर में शुरू हुआ। 10 जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका लोकार्पण किया था। इस अस्थायी एनआरआइ टेंट सिटी को देख कर भव्य कुंभ दिव्य कुंभ की कल्पना साकार होने लगती है।

12 सौ लग्जरी स्विस कॉटेज तैयार हैं


प्रवासी और उच्च वर्ग के लिए यहां 12 सौ लग्जरी स्विस कॉटेज तैयार किए गए हैं, जिनमें लगभग पांच हजार लोगों को ठहराया जा सकता है। औसतन यहां एक कॉटेज की लागत 5.5 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इस एनआरआइ कॉलोनी में तीन श्रेणी के कॉटेज बनाए गए हैं, जिन्हें अत्रि, अंगिरासा और गौतम कॉटेज नाम दिया गया है। अत्रि डीलक्स रूम 336 स्क्वायर फीट में बना है, जिसमें एक डबल बेड, एक टेबल, दो ङ्क्षसगल सोफा, अटैच बाथरूम लांड्री के साथ नाश्ते और खाने की व्यवस्था है। इसका 24 घंटे का किराया लगभग 14 हजार रुपये है। अंगिरासा सुपर डीलक्स 448 स्क्वायर फीट में बना है। इस कॉटेज में डीलक्स रूम की सुविधाओं के साथ गीजर, माइक्रोवेव, स्टडी टेबल के साथ सोफा सेट की व्यवस्था है। इसका एक दिन का किराया लगभग 19 हजार रुपये है। गौतमा विला लग्जरी स्विस कॉटेज है।

35 हजार रुपये प्रतिदिन का किराया भी


दो बेडरूम वाले फ्लैट के समकक्ष 900 वर्ग फीट में डिजाइन इस कॉटेज में दो बेडरूम, एक ड्राइंगरूम के साथ डायनिंग एरिया भी है। अन्य सुविधाओं के साथ एलईडी टीवी भी है। इसका लगभग 35 हजार रुपये प्रतिदिन का किराया तय किया गया है।

प्रयाग भी थी राजा ईल की राजधानी

राजा ईल के बारे में अभी प्रयागराज मेला प्राधिकरण काफी कुछ पता लगा रहा है। वैसे अब तक जो जानकारी मिल सकी है उसके मुताबिक महाराष्ट्र में अचलपुर से 7वीं सदी का एक ताभ्रपट्ट प्राप्त हुआ था, जिसमें राजा ईल का वर्णन है। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि बैतूल गजेटियर के अनुसार राजा ईल की कई वर्षों तक प्रयाग भी राजधानी थी। इसलिए उन्होंने यहां भी किला बनवाया था। ईल यहां पर गंगा स्नान करते थे और कुंभ मेले में भी आकर दान करते थे।

योगी-ईरान दे चुकी हैं आहूतियां

कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 20 अरैल में बसाई गई टेंट सिटी का नाम इंद्रप्रस्थम में आने वाले मेहमानों को यज्ञ एवं हवन की महत्ता भी बताई जा रही है। यहां पर 108 हवन कुंड बनाए गए हैं। इसमें 10 मार्च तक सोमयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी आहुतियां दे चुकी हैं। स्वास्तिक थीम पर बनाई गई वैदिक यज्ञशालाओं में कुंभ के दौरान एक लाख 11 हजार एक सौ एक लोगों से आहूतियां दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रोज सुबह हवन कराने के लिए 51 पुजारी रखे गए हैं।

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