ब्रेकिंग न्यूज़ : यहाँ स्वर्गवासियों ( मृतकों ) का होता है इलाज़
परवेज़ आलम, राज्य ब्यूरो
केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी स्वास्थ्य योजना के तहत अब स्वर्ग वासियों के इलाज सम्भव हो सका है। इन स्वर्गवासियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक खर्च होने वाले पैसे का भुगतान सरकार करेगी। जी हां ऐसे गरीब यतीम मिस्कीन लोग जिन्होंने इलाज़ के अभाव में दम तोड़ दिया है। उन्हें अब दर दर भटकने की जरूरत नही पड़ेगा।
ऐसे पात्र स्वर्गवासियों का इलाज़ महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत करने का निर्णय लिया जा चुका है।
ऐसे परिवारीजनो में तब खुशी का ठिकाना नही रहा जब संबंधित विकास खण्ड अधिकारियों ने इस योजना का स्वास्थ्य कार्ड देने उनके घर पहुंचे। हालांकि ऐसे लोगों की खुशी कुछ पल की रही।
वैसे जैसे इस बात की भनक संबंधित अधिकारियों को लगी की आयुष्मान भारत योजना का जो कार्ड बांटने ग्रामीणों के बीच वह पहुचे है। उसमें सैकडों कार्ड ऐसे स्वर्ग सिधार चुके है लॉगऑन के नाम का है, जिनकी मृत्यु को प्राप्त हो चुके है, वह उल्टे पांव भाग निकले। गैरतलब होकि यह घटना कौशाम्बी जिले के सिराथू विकास खंड के अधिकारियों ने, हालांकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मृतको के नाम स्वास्थ्य कार्ड बना दिया गया है।
सिराथू विकास खंड के कैमा गाँव मे 251 लाभार्थियों के लिए शासन द्वारा पाँच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत आरोग्य कार्ड बनाया गया है। गाँव की आशा बहुओं ने आरोग्य कार्ड बांटना शुरू किया तो ग्रामीण भौचक रह गए। जिन लोगों के नाम आरोग्य कार्ड जारी किए गए है उनमे से दर्जन भर लाभार्थी दिवंगत हो चुके है ग्रामीणों की माने तो कई ऐसे लोग भी लाभार्थी बना दिये गए हैं जो लगभग बारह से पंद्रह साल पहले दुनिया को अलविदा कह चुके । ग्रामीणों के विरोध के बाद भी आशा बहुओं ने मृतक लाभार्थियों के कार्ड उनके परिजनों को सौप दिया। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मनीष वर्मा से कर दिया। मृतकों के नाम आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने की शिकायत को सज्ञान मे लेते हुये डीएम ने जांच शुरू करा दिया है ।
केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी स्वास्थ्य योजना के तहत अब स्वर्ग वासियों के इलाज सम्भव हो सका है। इन स्वर्गवासियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक खर्च होने वाले पैसे का भुगतान सरकार करेगी। जी हां ऐसे गरीब यतीम मिस्कीन लोग जिन्होंने इलाज़ के अभाव में दम तोड़ दिया है। उन्हें अब दर दर भटकने की जरूरत नही पड़ेगा।
ऐसे पात्र स्वर्गवासियों का इलाज़ महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत करने का निर्णय लिया जा चुका है।
ऐसे परिवारीजनो में तब खुशी का ठिकाना नही रहा जब संबंधित विकास खण्ड अधिकारियों ने इस योजना का स्वास्थ्य कार्ड देने उनके घर पहुंचे। हालांकि ऐसे लोगों की खुशी कुछ पल की रही।
वैसे जैसे इस बात की भनक संबंधित अधिकारियों को लगी की आयुष्मान भारत योजना का जो कार्ड बांटने ग्रामीणों के बीच वह पहुचे है। उसमें सैकडों कार्ड ऐसे स्वर्ग सिधार चुके है लॉगऑन के नाम का है, जिनकी मृत्यु को प्राप्त हो चुके है, वह उल्टे पांव भाग निकले। गैरतलब होकि यह घटना कौशाम्बी जिले के सिराथू विकास खंड के अधिकारियों ने, हालांकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मृतको के नाम स्वास्थ्य कार्ड बना दिया गया है।
सरकारी योजनाओं के साथ जिम्मेदार कैसे खिलवाड़ करते हैं इसकी एक छोटी सी बानगी कौशांबी जिले के सिराथू विकास खंड मे दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का यहाँ जमकर माखौल उड़ाया जा रहा है। जिम्मेदारों ने ऐसे लोगों के नाम पाँच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज के लिए आरोग्य कार्ड जारी कर दिया है जो काई साल पहले दिवंगत हो चुके है। हैरत की बात तो यह कि आरोग्य कार्ड बांटने वाली आशा कार्यकत्री यह जानते हुये भी मृतक के परिजनों को कार्ड सौप दे रही हैं मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच शुरू करा दिया है
सिराथू विकास खंड के कैमा गाँव मे 251 लाभार्थियों के लिए शासन द्वारा पाँच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत आरोग्य कार्ड बनाया गया है। गाँव की आशा बहुओं ने आरोग्य कार्ड बांटना शुरू किया तो ग्रामीण भौचक रह गए। जिन लोगों के नाम आरोग्य कार्ड जारी किए गए है उनमे से दर्जन भर लाभार्थी दिवंगत हो चुके है ग्रामीणों की माने तो कई ऐसे लोग भी लाभार्थी बना दिये गए हैं जो लगभग बारह से पंद्रह साल पहले दुनिया को अलविदा कह चुके । ग्रामीणों के विरोध के बाद भी आशा बहुओं ने मृतक लाभार्थियों के कार्ड उनके परिजनों को सौप दिया। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मनीष वर्मा से कर दिया। मृतकों के नाम आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने की शिकायत को सज्ञान मे लेते हुये डीएम ने जांच शुरू करा दिया है ।



अधिकारियो के संज्ञान मे आना चाहिये मामला
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