प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनो ने किया हंगामा
मिर्जापुर।प्रसव के बाद महिला की मौत परिजनो ने काटा हंगामा।मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे तैसे मामला शांत कराया।परिजनो का आरोप पैसे लेने के बाद भी नही किया समुचित उपचार।शव ले जाने के लिये नही उपलब्ध करायी एम्बुलेंस।अपने बचाव के लिये महिला की म्रत्यू के बाद जिला अस्पताल के लिये किया रिफर।
कलान थाना क्षेत्र के गांव नौगवा मुबारिकपुर निबासी सतीश कुमार की पत्नी सोनवती को 10 अगस्त शनिवार को सुबह प्रसब पीडा हुयी तभी उसने गांव की ही एक आशा कार्यकत्री के माध्यम से महिला को कलान स्वास्थ्य केन्द्र पर न ले जाकर मिर्जापुर के जरियनपुर सी एच सी पर शनिवार को ही दिन के लगभग 12 बजे भर्ती कराया।महिला के पति सतीश ने बताया कि भर्ती कराने के नाम पर मौके पर मौजूद नर्स तथा दाई द्वारा दो हजार रूपये जमा करा लिये तथा दो हजार रुपये बच्चे का जन्म होने के बाद मांगते रहे।
प्रसव के बाद महिला की हालत बिगडती चली गयी मगर दो हजार रुपये और देने पर मौजूद नर्स भी उपचार के बजाय टालम टोल करने लगी इसी बीच महिला को तेज दर्द हुआ और उसकी रात के लगभग 12 बजे मौत हो गयी महिला की मौत पर परिजनों ने सी एच सी गेट पर जमकर हंगामा काटा साथ ही 100डायल पुलिस को भी सूचना दी सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने मामले को जैसे तैसे मामला शांत कराया।महिला के शव को घर तक ले जाने के लिये सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध न कराये जाने से एक निजी वाहन द्वारा महिला के शव को उसके परिजन रात को ही घर पर ले गये।
मजे की बात यह है कि प्रसव पीडित महिला सोनबती की प्रसव के बाद म्रत्यू होे जाने के बाद नर्स कल्पना वर्मा ने अपने बचाव के लिये रात के 11:10 पर अपने रजिस्टर पर महिला को जिला अस्पताल के लिये रिफर दिखा दिया।इस सम्बन्ध मे नर्स कल्पना वर्मा ने बताया कि महिला की हालत बिगडने पर उसको जिला अस्पताल के लिय रिफर कर दिया और 108 एम्बुलेंस से उसको जिला अस्पताल भेजा जा रहा था मगर महिला के परिजन उसको जिला अस्पताल न ले जाकर रास्ते से ही बापस ले आये।
इधर 108 एम्बुलेंस के चालक सुरजीत ने बताया कि 108 पर काल न कर नर्स कल्पना वर्मा ने निजी तौर पर बुलाकर महिला के शव को घर तक पहुंचाने के लिए कहा गया मगर वह लेकर नही गया।इसी बीच गांव के नीलू सिंह को शव ले जाने के लिये कहा गया उसने भी अपनी वुलेरो से शव ले जाने से मना कर दिया।
कलान थाना क्षेत्र के गांव नौगवा मुबारिकपुर निबासी सतीश कुमार की पत्नी सोनवती को 10 अगस्त शनिवार को सुबह प्रसब पीडा हुयी तभी उसने गांव की ही एक आशा कार्यकत्री के माध्यम से महिला को कलान स्वास्थ्य केन्द्र पर न ले जाकर मिर्जापुर के जरियनपुर सी एच सी पर शनिवार को ही दिन के लगभग 12 बजे भर्ती कराया।महिला के पति सतीश ने बताया कि भर्ती कराने के नाम पर मौके पर मौजूद नर्स तथा दाई द्वारा दो हजार रूपये जमा करा लिये तथा दो हजार रुपये बच्चे का जन्म होने के बाद मांगते रहे।
प्रसव के बाद महिला की हालत बिगडती चली गयी मगर दो हजार रुपये और देने पर मौजूद नर्स भी उपचार के बजाय टालम टोल करने लगी इसी बीच महिला को तेज दर्द हुआ और उसकी रात के लगभग 12 बजे मौत हो गयी महिला की मौत पर परिजनों ने सी एच सी गेट पर जमकर हंगामा काटा साथ ही 100डायल पुलिस को भी सूचना दी सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने मामले को जैसे तैसे मामला शांत कराया।महिला के शव को घर तक ले जाने के लिये सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध न कराये जाने से एक निजी वाहन द्वारा महिला के शव को उसके परिजन रात को ही घर पर ले गये।
मजे की बात यह है कि प्रसव पीडित महिला सोनबती की प्रसव के बाद म्रत्यू होे जाने के बाद नर्स कल्पना वर्मा ने अपने बचाव के लिये रात के 11:10 पर अपने रजिस्टर पर महिला को जिला अस्पताल के लिये रिफर दिखा दिया।इस सम्बन्ध मे नर्स कल्पना वर्मा ने बताया कि महिला की हालत बिगडने पर उसको जिला अस्पताल के लिय रिफर कर दिया और 108 एम्बुलेंस से उसको जिला अस्पताल भेजा जा रहा था मगर महिला के परिजन उसको जिला अस्पताल न ले जाकर रास्ते से ही बापस ले आये।
इधर 108 एम्बुलेंस के चालक सुरजीत ने बताया कि 108 पर काल न कर नर्स कल्पना वर्मा ने निजी तौर पर बुलाकर महिला के शव को घर तक पहुंचाने के लिए कहा गया मगर वह लेकर नही गया।इसी बीच गांव के नीलू सिंह को शव ले जाने के लिये कहा गया उसने भी अपनी वुलेरो से शव ले जाने से मना कर दिया।


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