काकोरी काण्ड के अमर शहीदों के सम्मान 88वाँ शहादत पर्व श्रद्धापूर्वक
काकोरी काण्ड के शहीद फांसी का फदा चूमने वाले अमर शहीद, ठा0 रोशन सिंह, पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ व राजेन्द्र नाथ लाहिडी को शहीद दिवस भावपूर्ण स्मरण किया गया।
प्रयागराज। अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिह स्मारक समिति, इलाहाबाद के तत्वावधान में आजाद पार्क में काकोरी काण्ड के अमर शहीदों के सम्मान 88वाँ शहादत पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मुख्य अतिथि व गणमान्य नागरिकों ने काकोरी काण्ड में फांसी पाकर शहीद हुये ठा0 रोशन सिंह, पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ व राजेन्द्र लाहिड़ी के तैल चित्र पर फूल माला चढ़ाकर भावपूर्ण स्मरण करते हुए काकोरी काण्ड के अमर शहीद अमर रहें, अमर शहीदो की क्रांतिकारी परम्परा अमर रहे, इंकलाब जिन्दाबाद के गगन भेदी उद्घोष किया। तत्पश्चात् सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा 21 गन शाट फायर कर, सम्मान गादर द्वारा सलामी व पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्र भक्ति ध्वनि बजाकर अमर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट किया। शहादत स्थल से आकर गणमान्य नागरिको व सम्मानित अतिथियों को मंचासीन से पूर्व संस्था संस्थापक अध्यक्ष लल्लू मरकरी के तस्वीर पर माल्र्यापण कर नमन किया गया। इस अवसर पर जनपद के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश भक्तिपूर्ण गायन, वादन, नृत्य व लघुनाटिका का मंचन कर ज्ञात व अज्ञात अमर शहीदो के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कवि सम्मेलन व मुषायरे का आयोजन
उक्त अवसर पर समिति द्वारा कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया था जिसमें जनाब नजीब इलाहाबादी, कवि श्लेष गौतम, मनमोहन सिंह तन्हा, अमन जैदी, हसन ए नकवी, रेनू राज सिंह, डा0 रश्मी शुक्ला, नंदिता एकांकी, मो0 फैजल ने अपनी स्वचरित रचनायें सुनाकर उपस्थित देश भक्तों से वाहवाही लूटी।
मुख्य अतिथि सासंद डाॅ0 रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के निकट काकोरी रेलवे स्टेशन पर सरकारी खजाना पाँच हजार रूपये था। उसे अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद जो कि सेनापति थे के नेतृत्व में लूट कर ब्रिटिश हुकूमत को खुली चुनौती दे डाली। बगैर किसी खून खराबा के सब फरार हो गये। कुछ दिन बाद अंग्रेजांें ने बारी-बारी से लगभग सभी को पकड़ लिया। चन्द्रशेखर आजाद को छोड़कर मुकदमा चला। जिसमें ठा0 रोशन संह को मलाका जेल इलाहाबाद, अशफाक उल्ला खाँ को फैजाबाद जेल में व पं0 राम प्रसाद बिसिमिल को गोरखपुर जेल तथा राजेन्द्र लहिणी 17 दिसम्बर को गोड़ा जिले में फाँसी दे दी गई। अन्य को 19 दिसम्बर 1931 को फांसी दी गई। विशिष्ट अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री डाॅ0 नरेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया शहीद राजेन्द्र लाहिणी जिला पवना पश्चिम बंगाल के थे और तीनो शहीद शाहजहाँपुर यूपी के सभी क्रान्तिकारी हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर थे।
विशिष्ट अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन श्रीयुत सुजीत पाण्डे ने कहा कि काकोरी काण्ड हो जाने से ब्रिटिश राजधानी लन्दन में हुक्मनरानो के चूलेहिल गई। तत्कालीन पुलिस के अभिलेख के अनुसार दो लोगों केा आजन्म कालापानी की सजा दे दी।
इसके साथ ही शचीन्द्र सन्याल को एक और शचीन्द्र बक्शी को दो साल की सजा दी गई तथा 12 लोगो को 5 से 15 वर्ष की सजा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजू जायसवाल मरकरी ने कहा कि क्रांतिकारी जीवन एक साधना है। सभी देशांें में शहीदो को समाज की अभय चेतना का अक्षयदीप माना जाता है।
उक्त अवसर स्वरूपरानी अस्पताल परिसर में बने मल्टी स्पेशियल्टी सेन्टर इमारत का नाम अमर शहीद ठा0 रोेशन सिंह के नाम से रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मत से पारित कर मा0 सांसद रीता बहुगुणा माध्यम से प्रधानमंत्री व स्थास्थ मंत्री को सम्बोधित करते हुए मांग पत्र दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव राज बहादुर गुप्ता व धन्यवाद ज्ञापित प्रो0 श्रीबल्लभ ने किया। प्रमुख रूप से प्रो0 श्याम बिहारी, प्रो0 ओ0 डी0 सिंह, ओंकार शर्मा (उपनियंत्रक), मेजर फरा दीभा, कविता त्रिपाठी, डाॅ0 सीमा सिंह राणा, अभिषेक शुक्ला, विजय बहादुर सिंह, मनु कक्कड़, डा0 नीता साहू, ऊषा रानी, कनक लता शर्मा, मधु श्रीवास्तव, निधि स्वरूप, देवेन्द्र मिश्रा, आनन्द घिल्डियाल, शिव सेवक सिंह, कमलेश सिंह, अशोक सिंह (पार्षदगण) मनीषी मिश्रा, ईं0 आर0सी0 मिश्रा, अमन सिह, विशाल गुप्ता, अतुल राय, पदुम नाथ जयसवाल, रौनक गुप्ता, श्रीश जायसवाल,, लक्ष्मी सिंह, जूही सिंह, प्रगति गुप्ता संगीता गुप्ता, आदि लोग उपस्थित रहें।

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