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गंगा यात्रा की कमान संभालेंगे परिषदीय स्कूल के विद्यार्थी, प्रयागराज सहित प्रदेश के 27 जिलों में होंगे विविध कार्यक्रम

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शशिकांत सिंह, प्रातःकाल संवाददाता
प्रयागराज। भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के उदभव और विकास में जिन नदियों का अहम योगदान जिन नदियों का योगदान रहा है, उसमें गंगा नदी प्रमुखता से शामिल है। पर मानवीय संवेदनहीनता, समय और परिस्थितियों में आये बदलाव के चलते प्रदेश में मानवीय मूल्यों की वाहक रही गंगा आज मरणासन्न की स्थिति में पहुंच गई है। इस आसन्न संकट को टालने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से गंगा यात्रा का आयोजन कराया जाना है। इसकी सफलता की पतवार परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी होंगे। 
दरअसल जिन नदियों के किनारे सभ्यता और संस्कृति का सतत विकास होता रहा है, उसमें गंगा नदी की भूमिका उल्लेखनीय रही है। हमारी प्रेरणा स्त्रोत की अभिन्न अंग और प्राणी जगत के लिए पवित्र और जीवनदायिनी रही गंगा कृषिगत फसलों की सिंचाई, पीने के लिए पानी एवं संपूर्ण भारतवर्ष के लिए विभिन्न मेलों के माध्यम से मानवता के एकीकरण का जीता जागता उदाहरण रहीं गंगा रही है। इस नदी के महत्व को ध्यान में रखते हुए गंगा यात्रा का आयोजन 27 जनवरी से 31 जनवरी 2020 तक किया जा रहा है। यात्रा के आयोजन में गंगा किनारे स्थित प्रयागराज सहित प्रदेश के कुल 27 जिलों के ग्राम पंचायतों के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को गंगा जल की निर्मलता, अविरलता, पर्यावरण तथा जल संरक्षण से आम जनमानस को जागरूक करेंगे तथा उक्त विषय वस्तु को पाठ्यक्रम में जोडने की भी तैयारी है। बता दें कि पंचायती विभाग के शासनादेश दिनांक 30 अक्टूबर 2019 के तहत प्रदेश के सभी जिलों में आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत गंगा ग्रामों के विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सात मानकों यानि ब्लैकबोर्ड, बालक-बालिकाओं के पृथक-पृथक शौचालय, स्वच्द पेयजल, मल्टीपल हैण्डवाश प्रणाली, फर्श की मरम्मत, टाइल्स लगवाना, विद्युतीकरण, किचेनशेड का जीर्णोöार तथा इंटरलाकिंग टाइल्स का कार्य गंगा यात्रा से पूर्व कराये जाने का निर्देश शासन से दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी पत्र के माध्यम से संबंधित जिलों के शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्कूल स्तर पर संचालित होने वाले कार्यक्रमों को निर्धारित तिथि 20 जनवरी से आयोजित कराना सुनिश्चित करें। ताकि यात्रा का उद्देश्य पूरा हो सके।
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निर्धारित कार्यक्रमों की रूपरेखा

20 से 25 जनवरी-स्कूल चलो अभियान की भांति गंगा की निर्मलता व अविरलता हेतु  जन जागरूकता रैलियों का आयोजन।
26 जनवरी-गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय में प्रातः 8 बजे से शिक्षकों एवं विद्याथियों द्वारा स्लोगन हित प्रभात फेरी, विद्यालय से ग्राम तक भ्रमण।
27 जनवरी- विद्यालय स्तर पर जल संरक्षण एवं गंगा निर्मलता विषय पर निबंध प्रतियोगिता, जिसमें कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।
28 जनवरी-स्कूल स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता जिसमंे कक्षा 4 से 8 तक विद्यार्थी सहभागी होंगें। 
29 जनवरी-विद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, पालीथिन मुक्त वातावरण, संबंधी जागरूकता अभियान पर क्विज प्रतियोगिता, गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदो, अध्यापकों के व्याख्यान।
30 जनवरी-विद्यार्थियों द्वारा जल संरक्षण पर आलेख लेखन व समुदाय के व्यक्तियों को आलेख सौंपा जाना।
31 जनवरी-विद्यालय प्रबंध समिति तथा अभिभावकों की उपस्थिति में विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाना।

प्रदेश के इन जिलों में होंगे कार्यक्रम

प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ, फतेहपुर, बलिया, गाजीपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, कानपुरनगर, कन्नौज, फर्रूखाबाद, कासगंज, बदायूं, शाहजहापुर, मुरादाबाइ, संभल, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, अलीगढ,मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर में गंगा यात्रा की सफलता हेतु विविध तरह के कार्यक्रमों  का आयोजन कराया जाना है।



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