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अधिवक्ताओं ने CAA, N R C, एनपीआर का विरोध करते हुए मनाया राष्ट्रपिता की पुण्य तिथि

उच्च न्यायालय के सामने CAA, NRC, NPR विरोधी अधिवक्ता मंच की ओर से किया गया प्रदर्शन। न्यायालय के सामने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना और राष्ट्रपिता की याद में रखा 2 मिनेट का मौन।


प्रयागराज। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर अधिवक्ताओं की ओर से संविधान विरोधी नागरिकता संशोधन कानून 2019(CAA), एनपीआर और एनआरसी के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के क्रम में इलाहाबाद में हाई कोर्ट के सामने बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष CAA, NRC NPR विरोधी अधिवक्तामंच की ओर से विरोध प्रदर्शन एवम सभा हुई।सभा की शुरुआत में वरिष्ठ अधिवक्ता के. के. राय ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 संविधान के मूल भावना के खिलाफ है और यह धर्म के आधार पर भी भेद करता है जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 का खुला उल्लंघन है।उन्होंने एनआरसी एनपीआर और सी ए ए के विरोध में चल रहे आंदोलनों का समर्थन करते हुए इलाहाबाद में जारी रोशन बाग के प्रदर्शन का समर्थन किया और साथ ही साथ पुलिस को अपनी सीमाओं में रहने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन के साथियों को झूठे मुकदमों में फसाकर भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है जो निंदनीय है और उन्होंने कहा कि पुलिस भी कानून से ऊपर नही है और कानून के दुरुपयोग पर जबाबदेही पुलिस की होगी। उन्होंने रोशनबाग के प्रदर्शनकारी सारा सिद्दकी और उमर खालिद पर झूठी fir दर्ज करने के लिए खुल्दाबाद थानाध्यक्ष को आगाह करते हुए कहा कि तुम दरोगा नही रहोगे तब भी रोशन बाग़ रहेगा अपनी सीमाओं में रहे । सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता इन्द्रसेन सिंह, लालजी यादव, धीरेंद्र यादव , सीमा आज़ाद , राकेश प्रसाद , राम कुमार गौतम, इक्तेदार अहमद बादशाह, इब्ने अहमद ,मो0 आलम, रमेश यादव, महा प्रसाद, एम.पी.पाल, आशुतोष तिवारी, सईद अहमद, अनंत गुप्ता, नाथूराम बौद्ध, शमशुल इस्लाम, तथा नागरिक समाज की ओर से डॉ.आशीष मित्तल ने संबोधित किया। सभा का संचालन अधिवक्ता राजवेन्द्र सिंह ने किया।  सभा मे महात्मा गांधी की के जीवन संघर्षो और उनके योगदान को याद करते हुए देश में नफरत फैलाने और धार्मिक जातीय आधार पर बांटने की कोशिशों की निंदा करते हुए विभाजनकारी caa, nrc, एनपीआर को रद्द करने की मांग की गई। देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया। अभिव्यक्ति की आज़ादी को सीमित करने की कोशिशों और पुलिस के राजनैतिक स्तेमाल की निन्दा की गई।वक्ताओं ने कहा कि एनपीआर ही NRC होगा और यह केवल मुसलमानों के खिलाफ नही बल्कि गरीबों दलितों आदिवासियों और बहुसंख्यक मेहनतकशों के खिलाफ है। सभा के बाद उच्च न्यायालय के गेट नंबर 3 के सामने खड़े होकर संकल्प स्वरूप में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया और  महात्मा गांधी की याद में 2 मिनेट का मौन रखा गया। इस दौरान गांधी के हत्यारे मुर्दाबाद , साम्प्रदायिक ताकतें मुरादाबाद, caa nrc npr रद्द करो  आदि  नारे  लगाए गए। इस दौरान इमरान , नियाज़ अहमद खान , कशान अहमद सिद्दीकी , सुनील मौर्य, मुकेश कुमार , मो0 शाहिद, मो0 उस्मान, अरुण कुमार, कुलदीप, नितेश कुमार, हरिशंकर, मुख्तार अहमद, एम. आरिफ, एन. एम.सिद्दीकी, अनिल कुमार सिंह, एन. सिद्दीकी,अख्तर अलीम, असर मुख्तार, एम.एन. कुरेशी, रमाकांत, ज़फर अहमद, रंजीत कुमार, श्री प्रकाश सरोज, शैलेश यादव, मो0यूसुफ, नदीम अहमद, पंचम लाल, मो0 शाह आलम  संतोष सिंह, भानु प्रताप वर्मा, अशोक चौधरी, शिशिर कुमार, गुफरान अहमद, मक़सूद बेग, जावेद अख्तर, एम.आर.खान, अमित, राकेश यादव, घनश्याम मौर्य, प्रमोद कुमार गुप्ता, वहाज अहमद, मो0सरफराज, राशिद अली, जफर, चंद्रपाल, बुद्ध प्रकाश, चार्ली प्रकाश, उपेंद्र पुष्कर, हरेंद्र राम, आदि  बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और नागरिक समाज की ओर से प्रदर्शन के समर्थन में अविनाश मिश्र , मनीष सिन्हा डॉ एमएल यादव उपस्थित रहे।

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