अबकी लड़ाई धर्म बचानें की नहीं,इंसान और इंसानियत बचानें की है
ये दौर हर इंसान के लिए एक इम्तेहान जैसा है, पूरी दुनिया एक ऐसे वायरस के चपेट में है जो आंखों से दिखता भी नहीं, किसी का बिना मज़हब जाने, बिना उसकी बिसात जाने, हर किसी को ये वायरस संक्रमित करता जा रहा है!
इस मुश्किल दौर में, कई ज़रूरतमंद ऐसे हैं जिन्हें आपकी मदद की दरकार है, ये आपकी ऐसी नेकी होगी जो उस रब/भगवान के यहां दर्ज होनी है जिसे आप मानते हैं।
लॉकडाउन का दौर है, थोड़ा मुश्किल ज़रूर है लेकिन नामुमकिन नहीं, आपके आस-पास तमाम कई ऐसे लोग होंगे जो रोज़ कमाकर खाते थे, या किसी मुश्किल की वजह से फंसे हुए हैं, आप उन्हें तलाशिये और उनकी मदद कीजिये, अहद कीजिये कि मेरे जानने में कोई भूखा नहीं सोएगा, अगर मेरे पास एक रोटी भी होगी तो उसका आधे हिस्से से उस भूखे का भी पेट भरा जाएगा।
आप के पास अगर इतनी इमदाद नहीं है कि आप लोगों की माली तौर पर मदद कर सकें, तो कमसे-कम जो इस काम को अंजाम दे रहे हैं उनकी मदद कीजिये जिससे उनका काम आसान हो सके।
लोगों को इस महामारी से लड़ने के तरीके बताइए, सरकार/प्रशासन ने जो निर्देश दिए हैं उनका सख्ती से पालन कीजिये और करवाइए. सोशल मीडिया से लोगों को जागरूक कीजिये।
ये एक ऐसी जंग है जो सबको साथ मिलकर लड़नी है, हर किसी को एक दूसरे में सिर्फ इंसान दिखना चाहिए. इंसानियत ज़िंदा रहेगी तो खुशियां और मुहब्बतें हमेशा बिखरती रहेंगी।
उम्मीद रखिये, जल्दी ही एक मुस्कुराती हुई खूबसूरत सुबह आएगी...🙏
✍️Javed Siddqui(निदेशक N.G.I.T इंस्टीट्यूट)


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