इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश की राजस्व अदालतों में लंबित मुकदमों की मांगी जानकारी
विधि संवाददाता प्रातःकाल
प्रयागराज 3 मार्च : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव राजस्व उ प्र से 1 जनवरी 2020 तक प्रदेश की राजस्व अदालतों लंबित मुकदमों की जानकारी मांगी है। और पूछा है कि उ प्र राजस्व परिषद के चेयरमैन व सदस्यों की नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से की जा रही है या नहीं?
कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव राजस्व से व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि राजस्व अदालतों के अधिकारियों का अलग कैडर बना है या नहीं? राजस्व अदालतों में नियुक्ति की न्यूनतम अर्हता क्या है? जनवरी 20 तक इनकी कितनी संख्या है ।
क्या सरकार ने राजस्व अधिकारियों को मुकदमे तय करने का कोई टास्क दिया गया है या वे न्यायिक कार्य के अलावा प्रशासनिक व शिष्टाचार कर्तव्य निभाने में ही समय जाया कर रहे हैं।
कोर्ट ने पूछा है कि राजस्व अदालतों में दशकों से लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण की सरकार की क्या कार्य योजना है। कोर्ट ने वृहत्तर लोकहित को देखते हुए जनहित याचिका कायम कर सुनवाई के लिए 6अप्रैल को पेश करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने हाटा कुशीनगर की विमलावती देवी व दर्जनो अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा कि कोर्ट में आयी 28याचिकाओं मे से 18याचिकाएं वरासत, सीमांकन,विभाजन,व अतिक्रमण हटाने की मांग में दशकों से लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण की याचिकाएं है। जो मामले कुछ दिन मे तय होने चाहिए वे दो दशक बाद भी लंबित हैं। 2015में राजस्व अदालतों में 6लाख मुकदमे विचाराधीन थे।निस्तारित करने के निर्देश के बावजूद मुकदमे तय नहीं हो पा रहे हैं। प्रशासनिक कार्य व्यस्तता के कारण तहसीलदार रूटीन आदेश भी नही दे पा रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि राजस्व अदालतों के पीठासीन अधिकारी विधि स्नातक नही है।उन्हें कानून की बेसिक जानकारी तक नही है। और ये राजस्व अधिकार तय कर रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी विधि स्नातक होना चाहिए। अधिकांश अधिकारी विधि स्नातक नही है। कोर्ट ने कहा कि राजस्व अदालतों में बैठने वाले अधिकारी कम से कम विधि स्नातक होना चाहिए।
पीठासीन अधिकारी के कानून के जानकार न होने के कारण मुकदमों के निस्तारण में देरी हो रही है। राजस्व संहिता में अदालतों के बैठने की टाइम लाइन दी गयी है। किन्तु पालन नहीं किया जा रहा है। इन सभी पहलुओं पर कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव राजस्व से व्यक्तिगत हलफ़नामा मांगा है।
x

No comments