कोरोना से बचाव के लिए जानें किन आसान आयुर्वेदिक नुस्खों से बढ़ा सकते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता

कोरोना से हर कोई भयाक्रांत हैं। इसका न टीका है, न ही समुचित उपचार और मारक क्षमता चिंताजनक है। आयुर्वेद की चरक सहित विभिन्न संहिताओं में इसका विस्तृत उल्लेख है, लेकिन आमजन इससे अनजान हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक घरेलू सामग्रियों और सस्ती आयुर्वेदिक दवाओं के प्रयोग से कोरोना से राहत मिलेगी।
हंडिया पीजी आयुर्वेंद कालेज के पूर्व प्राचार्य एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुष मंत्रालय में एनटीईपी कोलेबोरेसन के सदस्य प्रो. डॉ. गिरींद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी। उनका दावा है कि कोरोना जैसे संक्रामक रोगों से बचाव के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए। इससे बीमारियां पास नहीं फटकेंगी।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेंद के मुताबिक संक्रामक रोगों के लिए मौसम, क्षेत्र, शरीर, वायरस या वैक्टीरिया एवं अम्बु (पोषक तत्व) समेत चार कारक आवश्यक हैं । हमें सबसे अधिक ध्यान अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को समुचित रखने पर देना चाहिए। इसके लिए आयुर्वेद में गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, बला, कालमेघ आदि अनेक प्रभावी औषधियां उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग नियमित रूप से करना चाहिए।
सर्दी-जुकाम का साधारण उपचार
बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम जैसे सामान्य लक्षणों की दशा में सुबह थोड़ा अदरक,10 तुलसी के पत्ते, पांच काली मिर्च, थोड़ी दालचीनी एवं बड़ी इलाइची के पांच दानों को एक कप पानी में उबालकर आधा कप शेष रहने पर सुबह सेवन कराएं । एक चम्मच हल्दी को थोड़ी अदरक के साथ एक कप दूध में उबालकर पांच तुलसी के पत्ते डालकर रात को पिएं ।
खांसी होने पर सितोपलादि चूर्ण एक चम्मच(पांच ग्राम) पांच-पांच बूंद अदरक और तुलसी का रस मिलाकर शहद से सुबह शाम चाटें । साथ में लवंगादि वटी की 6से 10 गोलियां प्रतिदिन चूसें। शिरीषादि काढ़े का प्रयोग चाय की तरह करें। इससे न केवल सर्दी-जुकाम व खाँसी के तीव्र लक्षणों में सुधार होगा अपितु कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले अंग फेफड़ों को भी बल मिलेगा ।
खांसी होने पर सितोपलादि चूर्ण एक चम्मच(पांच ग्राम) पांच-पांच बूंद अदरक और तुलसी का रस मिलाकर शहद से सुबह शाम चाटें । साथ में लवंगादि वटी की 6से 10 गोलियां प्रतिदिन चूसें। शिरीषादि काढ़े का प्रयोग चाय की तरह करें। इससे न केवल सर्दी-जुकाम व खाँसी के तीव्र लक्षणों में सुधार होगा अपितु कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले अंग फेफड़ों को भी बल मिलेगा ।
कोरोना जैसे संक्रमण से बचाव के लिए प्रतिदिन घर में नीम की पत्ती, गूगल, राई, अगुरू, सरसों, लोबान, कपूर, एवं भिलावा आदि से बनी आयुर्वेद धूप का हवन करें ताकि हानिकारक पैथोजन्स से घर के वातावरण को मुक्त रखा जा सके । सुबह नियमित रूप से नाक में दो-दो बूंद अणु या सरसों या तिल तेल को उबालकर ठंडा करके नाक में डालें ।

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