Covid19: कोरोना का पता लगाने वाला रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट क्या है और कैसे होता है इसका टेस्ट?
नई दिल्ली। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ खतरनाक कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दहशत फैला दिया है। भारत में कोरोना वायरस के अब तक 5000 से अधिक मामले सामने आ गए है वहीं 166 लोगों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले 15 लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका हैं। आधिकारिक सूत्रों से एकत्रित किए गए आंकड़ों के अनुसार, गत वर्ष चीन में इस विषाणु के सामने आने के बाद से 192 देशों और क्षेत्रों में 1,502,478 संक्रमित लोगों में से 87,320 लोगों की मौत हो चुकी है। हर दिन बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए Indian Council of Medical Research (ICMR) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके जरिए जल्द ही रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट (Rapid Antibody Test) किट भारत को मिलना शुरू हो जाएगा। एक खबर के अनुसार भारत को करीब 7 लाख रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट मिलेंगी। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह किट है क्या और कोरना जैसी महामारी में यह कितनी मजबुत साबित होगी। आइये जानते है कि क्या है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट और कैसे इस किट का होता है इस्तेमाल?
क्या है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट?
अगर कोई व्यक्ति किसी भी वायरस का शिकार होता है तो उसके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बन जाती है। जब आपके शरीर में यह एंटीबॉडीज बनने लगती है तो रैपिड टेस्ट के जरिए इन्हीं एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है। अब आपका सवाल होगा कि इसे रैपिड क्यों कहते है तो बता दे कि किसी भी वायरस का टेस्ट पता लगाने में कम से कम 1 दिन लगता ही है लेकिन रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के नतीजे बहुत ही जल्दी आते है। यानि कि सिर्फ 15-20 मिनट में ही आपको इसका रिजल्ट मिल जाता है।
कैसे होता है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट?
अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संदिग्ध है तो इसका पता लगाने के लिए उसका ब्लड सैंपल लिया जाता है। एक-दो बूंद खून के सैंपल को लेकर ये पता लगाया जाता है कि व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को वायरस ने कितना नुकसान पहुंचाया है और कहीं इस वायरस से एंटीबॉडीज तो नहीं बनना शुरू हो गए है। बता दे कभी-कभी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखते है लेकिन व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो जाता है। इसे भी देखते हुए अब यह टेस्ट आसानी से पता लगा लेगा कि कोई भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं, या पहले संक्रमित था या नहीं।
रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की क्यों है जरूरत?
रैपिड टेस्ट में कोरोना वायरस के मरीज के सही होने के कुछ दिनों बाद ये पता चल सकता है कि वह कोरोना से संक्रमित था या नहीं। इस टेस्ट की जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि इससे नतीजे बहुत जल्दी आ जाते हैं जिससे कोरोना वायरस का फैलने का खतरा भी कम रहता है।

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