नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, चौथी तिमाही में सकारात्मक दायरे में पहुंच जायेगी GDP दर
नयी दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से उबरने लगी है और चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)की वृद्धि दर सकारात्मक दायरे में पहुंच जायेगी। कुमार ने कहा कि केंद्र के नए कृषि सुधार कानूनों का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन की वजह गलतफहमी तथा उन तक सही जानकारी नहीं पहुंचना है। इन चीजों को दूर करने की जरूरत है। कुमार ने कहा कि दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था अब कोविड-19 महामारी की वजह से आई गिरावट से उबर रही है। ‘‘मुझे उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में हम आर्थिक गतिविधियों का वह स्तर हासिल कर लेंगे, जो एक साल पहले था।’’ उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में जीडीपी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मामूली वृद्धि हासिल कर लेगी।
कुमार ने कहा कि सरकार ने इस समय का इस्तेमाल कई संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने में किया है तथा कई सुधार अभी पाइपलाइन में हैं। कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी का आर्थिक गतिविधियों पर काफी अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक आपदा के समान है और इसका नियमित आर्थिक चक्र से संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह कहना है कि अर्थव्यवस्था तकनीकी तौर पर मंदी में है, तर्कसंगत नहीं होगा। सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। विनिर्माण गतिविधियां बढ़ने से तिमाही के दौरान जीडीपी में गिरावट काफी कम होकर 7.5 प्रतिशत रह गई है। ऐसे में आगे उपभोक्ता मांग से और सुधार की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी।


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