अवैध निरुद्धि में ही बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि अवैध निरुद्धि की स्थिति में ही बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका जारी की जा सकती है। यदि कोई अपनी पत्नी को अपने साथ रखने के लिए याचिका दाखिल करता है तो उसे पत्नी की अवैध निरुद्धि साबित करनी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. वाईके श्रीवास्तव ने पति की तरफ से दाखिल मंजीता देवी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। कोर्ट में हाजिर याची ने बताया कि वह दूसरे याची यानी अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। अपनी मर्जी से वह रिश्तेदार के साथ बिना किसी दबाव के रह रही है। इस पर कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी और कोर्ट मे हाजिर मंजीता देवी को अपनी इच्छानुसार जाने की छूट दे दी। कोर्ट ने याची को बुलाने के लिए पति द्वारा जमा की गई राशि पत्नी को देने का आदेश दिया है।


No comments