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UPPSC: विशाल, पूनम व कुनाल ने मारी बाजी सूबे को मिले 453 पीसीएस अधिकारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सम्मिलित राज्य-प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य एवं विशेष चयन) 2019 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। कुल 25 प्रकार के पदों के लिए उपलब्ध 453 रिक्तियों के सापेक्ष 434 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है।

मथुरा के विशाल सारस्वत ने परीक्षा में टॉप किया है। प्रयागराज के युगांतर त्रिपाठी को दूसरा, लखनऊ की पूनम गौतम को तीसरा स्थान मिला है। मुजफ्फरपुर (बिहार) के कुनाल गौरव ने चौथा और कांशीरामनगर की प्रियंका कुमारी ने पांचवां स्थान हासिल किया है। मऊ के अभिषेक कुमार सिंह छठवें, जौनपुर के सचिन सिंह सातवें, दिल्ली की नीलम यादव आठवें, वाराणसी के सिद्धार्थ पाठक को नौवां और दिल्ली की विकल्प को 10वां स्थान मिला है।

आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार परीक्षा में सम्मिलित विस्तार सेवा अधिकारी श्रेणी 2 की एक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी की एक, जिला उद्यान अधिकारी श्रेणी 2 ग्रेड 1 की दो, लेखा एवं सम्प्रेक्षा अधिकारी की 6, विधि अधिकारी लोक निर्माण विभाग की चार, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक की एक, पशु चिकित्सा एंव कल्याण अधिकारी की दो तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी की दो रिक्तियां योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गई।

 मेधावियों की लग गई लॉटरी

 प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2019 भर्ती में डिप्टी एसपी का एक भी पद नहीं था। एसडीएम के 46 पदों के कारण मेधावी छात्रों की लॉटरी लग गई। नायब तहसीलदार के सर्वाधिक 150 पदों पर चयन हुआ है। पीसीएस 2019 में खंड विकास अधिकारी के 34, डिप्टी जेलर के 76 पदों पर चयन हुआ है। अब प्रतियोगी छात्रों की निगाहें पीसीएस 2021 पर टिकी हुई हैं। आयोग को अब तक प्राप्त 400 पदों में एक भी पद एसडीएम का नहीं है। इसमें राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य के सर्वाधिक 292 पदों का अधियाचन मिला है। डिप्टी एसपी के 16 पदों, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के 30, एआरटीओ के चार, औद्योगिक विकास में वित्त एवं लेखाधिकारी के छह पदों समेत कई अन्य पदों पर चयन होना है। वैसे इस परीक्षा में पदों की संख्या बढऩा तय माना रहा है। आयोग के कैलेंडर में परीक्षा 13 जून को प्रस्तावित है। नियम है कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने तक आयोग को जितने नए पदों का अधिचायन मिलता है, उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल कर लिया जाता है। ऐसे में आयोग के पास कम से कम छह माह का वक्त है।

  

तीसरे से टॉप पर पहुंचा मथुरा, पिछली भर्ती में खाली रह गए थे 12 पद

 प्रयागराज। पिछले वर्ष सितंबर में घोषित पीसीएस 2018 के परिणाम में मथुरा की ज्योति शर्मा को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला था। पीसीएस 2019 में मथुरा पहले पायदान पर पहुंच गया है। प्रकाश नगर मथुरा के विशाल सारस्वत ने प्रदेश में पहला मुकाम हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन किया है। पांच महीने के अंतराल पर पीसीएस का दूसरा परिणाम घोषित किया गया है। इससे पूर्व 11 सितंबर 2020 को पीसीएस 2018 का अंतिम परिणाम घोषित किया था, जो पदों की संख्या के लिहाज से पीसीएस की सबसे बड़ी भर्ती थी। पीसीएस की पिछली दस भर्तियों में इतने ज्यादा पद नहीं थे।

पीसीएस की पिछली यानी 2018 की भर्ती में भी सभी पदों पर चयन नहीं हो सका था। 2018 में 42 प्रकार के 976 पदों पर चयन हुआ था। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण सूचना अधिकारीध्जिला सूचना अधिकारी के 12 पद खाली रह गए थे। इस बार योग्य अभ्यर्थी न होने के कारण 19 पदों पर चयन नहीं हो सका है।

 

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