अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ सोलहवें दिन भी लगातार जारी, सावन के तीसरे सोमवार को पार्थिव शिवलिंग निर्माण हेतु उमड़ी भक्तों की भीड़
प्रयागराज 9 अगस्त- सावन के तीसरे सोमवार को विश्व जन कल्याण, कोरोना महामारी से निजात एवं मनोकामना पूर्ति हेतु नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वाधान में जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ आचार्य पं० पवन देव जी के आचार्यत्व में सोलहवें दिन भी लगातार जारी रहा, श्री कृपासिंधु हनुमान (काले हनुमान) मन्दिर त्रिवेणी बाँध पर आज भक्तों ने पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद माँगा। सावन के तीसरे सोमवार को पूरे दिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए महिलाओं एवं शिवभक्तों की भीड़ लगी रही। आज मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामगोपाल दास जी महाराज जी उपस्थित रहे। मुख्य यजमान के रूप में इं० वाई० पी० तिवारी लोक निर्माण विभाग एवं डॉ० सी० पी० शर्मा (सी०पी०शर्मा क्लासेज) ने सपत्नीक भगवान भोलेनाथ का गंगाजल एवं पंचामृत से अभिषेक किया। यज्ञ स्थल पर महाशिवपुराण की कथा का वर्णन करते हुए श्री रामगोपाल दास जी महाराज ने कहा सावन मास को शिवजी का अतिप्रिय माह माना जाता है, इसलिए इन दिनों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर शिव पूजन का विशेष पुण्य मिलता है। शिवपुराण में पार्थिव शिवलिंग पूजा का बहुत महत्व बताया गया है। कलयुग में कूष्माण्ड ऋषि के पुत्र मंडप ने पार्थिव पूजन प्रारम्भ किया था। शिवमहापुराण के अनुसार पार्थिव शिवलिंग पूजन से धन, धान्य, आरोग्य और पुत्र प्राप्ति होती है। वहीं मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिल जाती है।संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं यज्ञ संयोजक श्री श्याम सूरत पाण्डेय जी ने कहा की पार्थिव पूजन से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। शिवजी की अराधना के लिए पार्थिव पूजन सभी लोग कर सकते हैं, फिर चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला। यह सभी जानते हैं कि शिव कल्याणकारी हैं। जो पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधिवत पूजन अर्चना करता है, वह दस हजार कल्प तक स्वर्ग में निवास करता है। शिवपुराण में लिखा है कि पार्थिव पूजन सभी दुःखों को दूर करके सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है। यदि सावन मास में प्रति दिन पार्थिव शिवलिंग पूजन किया जाए तो इस लोक तथा परलोक में भी अखण्ड शिव भक्ति मिलती है। यज्ञ अनवरत जारी रहेगा।
आज के अभिषेक आरती में मुख्य रूप से प्रमुख संरक्षक श्री फूलचन्द्र दुबे, श्री इं० बी० के० पाण्डेय, राजनाथ तिवारी, श्री इं० वाई० पी० तिवारी, डॉ० सी० पी० तिवारी, मधुचकहा, राजेन्द्र तिवारी दुकानजी, महासचिव सत्य प्रकाश पाण्डेय, आशा पाण्डेय, योगिराज देवरहा जंगल बाबा, श्रवण दुबे, स्वारिका भारद्वाज, अधिवक्ता अवधेश तिवारी, मिनेन्द्र त्रिपाठी, देवेन्द्र दुबे सहित सैकड़ों भक्त गण उपस्थित रहे।


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