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पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी पर मनी लांड्रिंग का मुकदमा, प्रतापपुर सीट से अपना दल (एस) के हैं उम्मीदवार


प्रातःकाल एक्सप्रेस
प्रयागराज। यूपी की बसपा सरकार में 2007-2012 तक उच्च शिक्षा मंत्री रहे राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। राकेश धर यूपी विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) के टिकट पर प्रयागराज की प्रतापपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव प्रचार के बीच यह मुकदमा उनके खिलाफ ईडी ने लिखा। वर्ष 2013 में मुट्ठीगंज थाने में विजिलेंस इंस्पेक्टर राम सुभग राम ने आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा लिखाया था। अब ईडी ने पुलिस की एफआइआर को आधार बनाकर केस लिखा है।

आय से दो करोड़ से भी ज्यादा मिली थी दौलत:

विजिलेंस की दो करोड़ 17 लाख से ज्यादा की संपत्ति आय से अधिक पाई गई है। जांच में सामने आया था कि 2007 से 2011 के दौरान जुटाई गई थी संपत्ति। अब इस मामले में ईडी अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी।
राकेश धर त्रिपाठी पहले भाजपा और बसपा में रहे हैं। वह बहुजन समाज पार्टी की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे हैं। पिछला चुनाव उन्होंने दूसरे दल के टिकट पर लड़ा था और फिर अपना दल (एस) में आ गए। राकेश धर त्रिपाठी सैदाबाद विकास खंड के बजहामिश्रान ग्राम सभा के मौजा चैराबडेरा के मूल निवासी हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे राकेशधर त्रिपाठी 1985 में पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर विजेता रहे। उसके बाद 1989 में जनता दल से दूसरी बार विधायक चुने गए। 1991 में जनता पार्टी से चुनाव लड़े हार का सामना करना पड़ा। 2017 में उनकी पत्नी प्रमिला त्रिपाठी अपना दल (एस) के टिकट पर हंडिया सीट से चुनाव मैदान में थीं मगर हाकिम लाल बिंद से हार झेलनी पड़ी थी।

2014 में लोकसभा चुनाव में भी उतरे थे राकेशधर:

1993 में निर्दल प्रत्याशी के रूप में हंडिया विधानसभा से अपनी दावेदारी पेश की। 1996 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की थी। भाजपा के टिकट पर ही 2002 के विधानसभा चुनाव में हार झेलनी पड़ी। फिर 2007 के यूपी विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीतकर विधायक चुने गए। इसके बाद 2012 में बसपा से लड़ने के बाद पराजित हुए। 2014 में भदोही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में नामांकन किया था लेकि हार गए थे।


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