समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश का निर्देश, प्रतापगढ़ जायेगा 28 अप्रैल 2022 को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल
प्रातःकाल एक्सप्रेस
लखनऊ 25 अप्रैल, 2022। प्रतिनिधिमण्डल जनपद प्रतापगढ़ में नदी में डूबने से मो0 सलीम पुत्र मो0 शब्बीर, जावेद पुत्र श्री मो0 मुस्तकीम की हुई मौत तथा राजकुमार गौड़ उर्फ पिन्टू पुत्र श्री हरीराम ग्राम मरियमपुर ब्लाक पट्टी बिजली से जलकर जिन्दगी और मौत से जूझ रहे, एवं 4 बच्चों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत तथा विधान सभा क्षेत्र सदर के कोहढ़ौर बााजार में गैस सिलेण्डर फटने से 3 लोगों की हुई मौत की जानकारी एवं पीड़ित परिवारों से मिलने हेतु ग्राम चालाकपुर कुर्मियान विधान सभा रानीगंज, ग्राम जगदीशपुर विधान सभा पट्टी, ग्राम मरियमपुर विधान सभा क्षेत्र पट्टी तथा कोहढ़ौर बाजार जनपद प्रतापगढ़ जायेगा।
प्रतिनिधिमण्डल में सर्वश्री मो0 ताहिर खान विधायक समाजवादी पार्टी इसौली सुल्तानपुर, राम सिंह पटेल विधायक समाजवादी पार्टी, आर. के. वर्मा विधायक समाजवादी पार्टी, श्याद अली पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी, नागेन्द्र यादव ‘मुन्ना‘ पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी, छविनाथ यादव जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी प्रतापगढ़ एवं अब्दुल कादिर जिलानी जिला महासचिव समाजवादी पार्टी शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना की बीमारी फिर दस्तक दे रही है। प्रदेश में सक्रिय केस बढ़ रहे हैं। राजधानी लखनऊ तक इसका प्रकोप महसूस किया जाने लगा है। विशेषज्ञ चैथी लहर की आशंका बता रहे हैं। जून-जुलाई में संक्रमण का पीक आ सकता है। भाजपा की राज्य सरकार ने लगता है पिछले कोरोना लहर की भयावहता से कोई सबक नहीं सीखा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को देखते हुए दहशत के हालात बनने के आसार हैं।
भाजपा सरकार ने कोरोना के प्रकोप में जनता को पिछले पांच साल अनाथ छोड़ दिया था। तब लाखों मौते होने की खबरें आई हैं। लॉकडाउन की अवधि में जनता को बहुत बुरे दिन देखने पड़े थे। उन दिनों की याद आज भी सिहरन पैदा करती है।
भाजपा सरकार स्थिति की समीक्षा की नौटंकी कर रही है। वह ऐसा जता रही है जैसे कि वह सत्ता में अभी आई है जबकि यह तो निरन्तरता की सरकार है। पिछले दिनों भी यही सरकार थी और मुख्यमंत्री जी भी वही हैं। मुख्यमंत्री जी की बैठकों का जमीन पर कोई असर नहीं है। इसलिए मंत्रियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। प्रदेश के नए चिकित्सा एवं स्वास्थ्यमंत्री अपनी ही विभागीय अव्यवस्था से क्षुब्ध हैं।
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बेहद निराशा जनक है। तमाम शासकीय निर्देशों के बावजूद कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अस्पतालों में न पर्याप्त डॉक्टर हैं और नहीं दवाओं का समुचित प्रबन्ध है। अस्पतालों में मरीजों की लम्बी-लम्बी लाइने लगती हैं। दवाएं उपलब्ध नहीं है।
सच तो यह है कि भाजपा सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कानून व्यवस्था के सभी मोर्चों पर पहले से भी ज्यादा विफल साबित हो रही है। जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है। समाजवादी पार्टी लगातार प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाती रही है। भाजपा सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में बदइंतजामी से लगता है कि वह हालात के और भयावह होने का इंतजार कर रही है।


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