आजादी के समय एक डॉलर का मूल्य : 1947 में 88 रुपए का था 10 ग्राम सोना, तब का एक रुपया आज 59 के बराबर, 12 आने में मिलते थे 10 ब्लेड
आजादी के समय एक डॉलर का मूल्य एक रुपये के बराबर था। पहली पंचवर्षीय योजना के समय रुपये का अवमूल्यन शुरू हुआ।
क्या आपने भी अपने दादा-दादी या नाना-नानी के मुँह से सुना है कि “हमारे जमाने में तो दो आने में ये मिलता था, वो मिलता था।” हर पिछली पीढ़ी को लगता है कि महंगाई अब के जमाने में बहुत बढ़ गई है। अगर हम अपनी ही बात करें तो हमारे देखते ही देखते चवन्नी बंद हो गई, अठन्नी किसी काम की नहीं रही। पिछले एक दशक में चीनी, मक्खन, चावल, आटा, सोना, चांदी जैसी चीजों के दाम दोगुने से ज्यादा हो गए। अभी पिछले ही साल दो हजार रुपये और पांच सौ के नए नोट आए तो उनका साइज पुराने एक हजार और पांच सौ के नोटों से छोटे थे। हिन्दुस्तान टाइम्स अखबार ने एक खास रिपोर्ट में आज के जमाने महंगाई और चीजों की कीमत की तुलना आजादी के समय के मूल्य से की है। आइए एक नजर देखते हैं कि चीजों की कीमत कितनी बढ़ गई है।
1948 में भारत के स्वतंत्रता दिवस की तस्वीर। (AP Photo/Max Desfor)
हम टीवी और अखबार में अक्सर पढ़ते हैं कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत इतन गिर गयी या कुछ पैसे सुधर गयी। आपको ये जानकार शायद हैरत हो कि आजादी के समय एक डॉलर की कीमत एक रुपये के बराबर थी। आजादी के समय भारत के ऊपर कोई विदेशी कर्ज नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार रुपये के मूल्य का अवमूल्यन पहली पंचवर्षीय योजना के समय शुरू हुआ। आज एक डॉलर करीब 61 रुपये के बराबर है। भारतीयों को सोना बहुत पसंद है इसलिए सोने की कीमत उनके लिए हमेशा मायने रखती है। इसलिए आपको बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार 1947 में 10 ग्राम सोने की कीमत 88.62 रुपये थी। आज इतने ही सोने की कीमत करीब 29 हजार रुपये है।

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