पढ़िए.....श्रीदेवी की बॉडी पर क्यों लगाया गया यह लेप
मौत के बाद अगर किन्हीं कारणों से किसी व्यक्ति की डेड बॉडी लंबे समय तक रखी जाती है, तो उसे सड़ने से रोकने के लिए एक खास तरह का लेप शव पर लगाया जाता है।
इस लेप को Embalming fluid कहा जाता है। ये खास लेप कई तरह के केमिकल्स और डिसइंफेक्टेंट को मिलाकर बनाया जाता है, जिसे मृत शरीर पर लगाया और इंजेक्ट किया जाता है। इससे मृत शरीर पर डीकंपोजिशन का कोई असर नहीं पड़ता है। आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के शरीर पर भी यही लेप लगाया गया क्योंकि उनकी मौत के बाद अबतक 66 घंटे से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है।
एेसे बनता है ये लेप...
- Embalming fluid को बनाने के लिए आमतौर पर
formaldehyde, glutaraldehyde, methanol और कई तरह के सॉल्वेंट इस्तेमाल किए जाते हैं। इस सबमें सबसे ज्यादा मात्रा मेथेनॉल की होती है जो 9 से 56 पर्सेंट के बीच होती है। ये पूरा घोल शरीर पर लगाया जाता है, जो चमड़ी में मौजूद प्रोटीन को टूट कर बैक्टीरिया का खाना बनने से रोक देता है। इसमें मौजूद डिसइंफेक्टेंट बाकी बैक्टीरिया को भी मार देते हैं।
श्रीदेवी की डेड बॉडी पर इसलिए लगाया गया ये लेप
- आपको बता दें कि श्रीदेवी की मौत के 64 घंटे बाद दुबई प्रशासन ने उनकी पार्थिव देह को भारत ले जाने की इजाजत दी थी। इससे पहले बॉडी को खराब होने से रोकने के लिए डीप फ्रीज किया गया होगा। अब भारत आते-आते उनके मृत शरीर को 72 से ज्यादा का वक्त हो जाएगा ऐसे में उनकी बॉडी को और खराब होने से रोकने के लिए ये लेप लगाया गया। इसमें करीब 2 घंटे से ज्यादा वक्त लगा। खलीज टाइम्स के मुताबिक श्रीदेवी की बॉडी पर करीब 3 बजे लेप लगाने की प्रॉसेस शुरू की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट में सोमवार को खुलासा हुआ था कि उनकी मौत कार्डिएक अरेस्ट से नहीं, बल्कि बाथटब में डूबने से हुई। बता दें, श्रीदेवी की मौत शनिवार शाम दुबई के होटल में रात को 11:30 बजे हुई थी।
इस लेप को Embalming fluid कहा जाता है। ये खास लेप कई तरह के केमिकल्स और डिसइंफेक्टेंट को मिलाकर बनाया जाता है, जिसे मृत शरीर पर लगाया और इंजेक्ट किया जाता है। इससे मृत शरीर पर डीकंपोजिशन का कोई असर नहीं पड़ता है। आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के शरीर पर भी यही लेप लगाया गया क्योंकि उनकी मौत के बाद अबतक 66 घंटे से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है।
एेसे बनता है ये लेप...
- Embalming fluid को बनाने के लिए आमतौर पर
formaldehyde, glutaraldehyde, methanol और कई तरह के सॉल्वेंट इस्तेमाल किए जाते हैं। इस सबमें सबसे ज्यादा मात्रा मेथेनॉल की होती है जो 9 से 56 पर्सेंट के बीच होती है। ये पूरा घोल शरीर पर लगाया जाता है, जो चमड़ी में मौजूद प्रोटीन को टूट कर बैक्टीरिया का खाना बनने से रोक देता है। इसमें मौजूद डिसइंफेक्टेंट बाकी बैक्टीरिया को भी मार देते हैं।
श्रीदेवी की डेड बॉडी पर इसलिए लगाया गया ये लेप
- आपको बता दें कि श्रीदेवी की मौत के 64 घंटे बाद दुबई प्रशासन ने उनकी पार्थिव देह को भारत ले जाने की इजाजत दी थी। इससे पहले बॉडी को खराब होने से रोकने के लिए डीप फ्रीज किया गया होगा। अब भारत आते-आते उनके मृत शरीर को 72 से ज्यादा का वक्त हो जाएगा ऐसे में उनकी बॉडी को और खराब होने से रोकने के लिए ये लेप लगाया गया। इसमें करीब 2 घंटे से ज्यादा वक्त लगा। खलीज टाइम्स के मुताबिक श्रीदेवी की बॉडी पर करीब 3 बजे लेप लगाने की प्रॉसेस शुरू की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट में सोमवार को खुलासा हुआ था कि उनकी मौत कार्डिएक अरेस्ट से नहीं, बल्कि बाथटब में डूबने से हुई। बता दें, श्रीदेवी की मौत शनिवार शाम दुबई के होटल में रात को 11:30 बजे हुई थी।



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