मुगल सराय- गाजियाबाद खंड पर चलने वाली सभी मालगाड़ियां पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेड कोरिडोर पर स्थानान्तरित
उत्तर मध्य रेलवे में दिनांक 04. मई से प्रारम्भ हुए 15 दिवसीय समय पालनता अभियान का प्रतिफल मिलने लगा है। पिछले पांच दिनों के आकड़ों को देखने से ज्ञात होता है कि अभियान शुरू होने से अब तक उत्तर मध्य रेलवे में मेल एक्सप्रेस गाड़ियों की संचयी समय पालनता में पिछले माह की तुलना में 11.32% का सुधार हुआ है।
यह उल्लेखनीय है कि, वित्तीय वर्ष 2017-18 में, उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी संचयी समयपालनता मे 13.1% का गुणात्मक सुधार किया, जो कि समयपालनता में इस क्षेत्रीय रेल का सबसे अच्छा सुधार था| समयपालनता में यह सुधार सुरक्षा में 57% सुधार के साथ हासिल किया गया था साथ ही थ्रू रेल रिन्यूवल मे 54% सुधार और अनुरक्षण ब्लॉकों की संख्या में 19% सुधार दर्ज हुआ है। यहां यह ध्यान योग्य विषय है कि उत्तर मध्य रेलवे भारतीय रेल के मात्र 5% रेल मार्ग पर कुल 15%ट्रैपिक का वहन करती है। महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे श्री एम.सी.चौहान ने कहा की भारतीय रेल परिवर्तन में परिवर्तन की प्रक्रिया हो रही है और उत्तर मध्य रेलवे भी उसका महत्वपूर्ण अंग है। उन्होनें आगे कहा कि, पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेड कोरिडोर का कार्य पूरी रफतार से आगे बढ़ रहा है और उसके अगले डे़ढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस कार्य के पूरा होने के बाद मुगल सराय- गाजियाबाद खंड पर चलने वाली सभी मालगाड़ियां पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेड कोरिडोर पर स्थानान्तरित हो जायेंगी,जिससे उत्तर मध्य रेलवे में मेल एक्सप्रेस गाड़ियों की समय पालनता में गुणात्मक सुधार होगा। यहां यह ध्यान देने योग्य विषय है कि आधारभूत सरंचना से जुड़े तथा अनुरक्षण कार्यो के लिए ब्लाक की आवश्यकता होती है। उत्तर मध्य रेलवे जैसी क्षेत्रिय रेलों में यह कार्य और भी कठिन हो जाता है जहां अधिकांश ट्रंक रूट पर 150% से अधिक की क्षमता से परिचालन किया जा रहा है। महाप्रबंधक ने आगे कहा कि हम कोई भी कार्य करते समय अपने क्षेत्र में समय को सबसे मूल्यवान मानते है और इसका एक उदाहरण है, दादरी यार्ड में इलेक्ट्रानिक इटंरलॉकिंग के स्थापना का कार्य, जिसे पिछले वर्ष हमने मात्र 150 मिनट में पूरा किया था। इस तरह के कार्यों से ही पिछले वर्ष हमारी समयपालनता में उल्लेखनीय सुधार हुआ था जिसके साथ- साथ सारे आधारभूत सरंचना एवं अनुरक्षण से जुड़े कार्य भी जोन में पूरे किये गये। उत्तर मध्य रेलवे में पिछले पांच दिनों में समयपालनता अभियान के दौरान समयपालनता में हुआ सुधार निम्न प्रयासों का प्रतिफल है:
1- रनिंग लाइनों (लूप लाइनों)- से खड़ी मालगाड़ियों की निकासी |
2- मुगलसराय-गाज़ियाबाद और पलवल-बीना खंडॉं पर इंजीनियरिंग एलाउंस उपभोग की सख्त निगरानी।लिमिटेड हाइट सबवे का निर्माण वर्किंग टाइम टेबल मे दिये अनुरक्षण समय अनुसार किया जा रहा है|
3- अप और डाउन दोनों दिशाओं में मथुरा-पलवल के बीच तीसरी लाइन का बेहतर उपयोग करते हुये मेल / एक्सप्रेस ट्रेनों को थ्रू रन दिया जाये |
4- एसेट फेलियर की स्थिति मे त्वरित कार्रवाई के लिए कर्मचारियों को संवेदित किया गया है ताकि,उनका शीघ्र निराकरण किया जा सके|
5- उच्चतम स्तर सहित सभी स्तरों पर समयपालनता की प्रति घंटा निगरानी।


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