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मेडिकल प्रोफेशन केवल एवोकेशन या जीविकोपार्जन का साधन नहीं...राष्ट्रपति*

इलाहाबाद। महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संगम नगरी इलाहाबाद पहुचे। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद है।  बम्हरौली एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक , कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी , कैबिनेट मंत्री  सिद्धार्थ नाथ सिंह, मेयर अभिलाषा गुप्ता ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शहर की चाभी देकर उनका अभिनन्दन किया।

तत्पश्चात महामहिम राष्ट्पति इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया । तत्पश्चात डाक टिकट जारी किया।

 महामहिम ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व के अनेक देशों में ‘Big Data’ के इस्तेमाल से मरीजों को बेहतर उपचार देने की दिशा में काम हो रहा है। मैं आशा करता हूँ कि भारत में भी डॉक्टरों और technology experts द्वारा इस दिशा में और अधिक काम किया जाएगा। 
हमारे देश में डॉक्टरों के परिश्रम और योगदान के बल पर अनेक पैमानों पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। एवरेज लाइफ एक्सपेक्टेंसी अब 68 साल से अधिक हो गयी है, जो कि आजादी के समय केवल 32 वर्ष थी; टीकाकरण और अन्य बहुत से मानकों पर प्रभावशाली उपलब्धियां दर्ज की गयी है। सभी नागरिकों को कम खर्च पर समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें, इसी उद्देश्य के साथ ‘नेशनल हेल्थ मिशन’, ‘नेशनल हेल्थ पॉलिसी’ और ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत अनेक कदम उठाए गए हैं, जन-औषधि केन्द्रों की स्थापना की गई है, तथा दवाओं की कीमतों में कमी की गई है।
 *राष्ट्रपति महोदय ने डॉक्टरो की और इशारा करते हुए कहा कि मेडिकल प्रोफेशन केवल एवोकेशन या जीविकोपार्जन का साधन नहीं है। यह एक नोबल प्रोफेशन है जिसमें मानवता के पक्ष को प्राथमिकता दी जाती है। डॉक्टरों के हितों का ध्यान रखने के साथ-साथ मरीजों के, विशेषकर गरीब मरीजों के हितों को, सर्वोपरि रखना आप सबका नैतिक दायित्व है* ।मुझे बताया गया है कि ‘इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन’ की स्थापना ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ के अस्तित्व में आने से दस वर्ष पहले ही हो गई थी। यह तथ्य इलाहाबाद शहर के बौद्धिक रूप से अग्रणी होने की परंपरा के अनेक उदाहरणों में से एक है।

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