महामहिम राष्ट्रपति ने किया इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में हुए शामिल, भवन का लोकार्पण,स्वास्थ्य कार्यक्रमों में चिकित्सकों की भूमिका को बताया अहम
प्रातःकाल इलाहाबाद। महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने आज इलाहाबाद में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शताब्दी समारोह तथा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सर्वप्रथम इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों को उनके एसोसिएशन के 100 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले चिकित्सक कार्यक्रम के प्रारम्भ में जिस तरह तत्परता और उत्साह के साथ राष्ट्रगान गा रहे थे, वह प्रशसनीय है तथा अनुकरणीय भी है। देश के हर नागरिक को राष्ट्रगान के प्रति इसी प्रकार भक्ति और निष्ठा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद की धरती पर आने पर उन्हें प्रसन्नता होती है। इलाहाबाद की धरती प्राचीन काल से ही ऐतिहासिक भूमि रही है और विद्या तथा शिक्षा का केन्द्र है। यहां पर होने वाले कुम्भ को यूनेस्कों ने ऐतिहासिक धरोहर के रूप में मान्यता दे दी है, यह हम सब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कुम्भ के आयोजन में करोड़ों लोग आते है और स्नान करके चले भी जाते है। इलाहाबाद की नगरी कई क्षेत्रों के प्रसिद्ध लोगों की जन्म एवं कर्म स्थली है। स्वतंत्रता सेनानियों का केन्द्र बिन्दु यह नगर रहा है।
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के चिकित्सकों को पदम श्री से भी नवाजा गया है। उन्होने कहा कि एक जुलाई को डाक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। यह डाक्टर्स डे, इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के संस्थापक वी.सी. राय जन्मदिन के रूप मे मनाया जाता है। उन्होंने वी.सी. राय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने अन्तिम समय तक भी मरीजों की सेवा की तथा एक बार बंगाल का मुख्यमंत्री बनाये जाने का प्रस्ताव भी प्रारम्भ में इस सेवा कार्य के आगे ठुकरा दिया था। इसलिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को उनके आदर्श में चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने प्रोबेशन को सिर्फ जीवनपार्जन के रूप में न लेकर बल्कि सेवा भाव के रूप में कार्य करे। उन्होंने कहा कि चिकित्सक राष्ट्र के निर्माण मे महत्वपूर्ण योगदान रखते है। उनका कार्य राष्ट्र के जीवन के रक्षा का कार्य है। इसलिए सच्चे अर्थो में वे राष्ट्र निर्माता है। उन्होंने कहा कि आजादी के पूर्व इस देश में औसत आयु 38 वर्ष थी जो आज 68 वर्ष हो गयी है।यह चिकित्सा तथा चिकित्सकों की सेवा का ही परिणाम है। आज टीकाकरण के कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। कई बीमारियों जैसे टीबी, मलेरिया, हैजा पर देश ने चिकित्सकों के बल पर ही अपना कन्ट्रोल स्थापित किया है। फिर भी अभी बहुत सी चुनौतियां है जिन पर हमें सफलता हासिल करनी है। लोगो को कम खर्च पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो, इसी उद्देश्य से नेशनल हेल्थ मिशन, नेशनल हेल्थ पालिसी और आयुष्मान भारत योजना के तहत अहम कदम उठाए गये है। जन औषधि केन्द्रों की स्थापना की गयी है तथा दवाओं की कीमतों में कमी की गयी है। यह सारे राष्ट्रीय कार्यक्रम बिना चिकित्सकों के सहयोग के पूर्ण नही हो सकते है।
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि कुम्भ के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों को भी बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा इलाहाबाद के चिकित्सकों को उपलब्ध कराना है। पूरी दुनिया की निगाहे कुम्भ के आयोजन पर टिकी हुयी है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा करने का अवसर इलाहाबाद की जनता को मिल रहा है, यह एक महान अवसर है। इस अवसर में यहां के चिकित्सकों की भागीदारी सबसे अहम होगी। महामहिम ने चिकित्सकों से अपील की यदि आवश्यक हो तो कुम्भ के दौरान की अवधि में अपने दैनन्दिन कार्य पीछे करके भी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चिकित्सा सेवा करें। यह कार्य इस राष्ट्रीय पर्व में आपकी निष्ठा और देश का गौरव बढ़ाने वाला कार्य होगा।
उक्त अवसर महामहिम राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने कहा कि इलाहाबाद में चिकित्सा सेवा और शिक्षा का विशेष महत्व रहा है। यहां के चिकित्सा शिक्षकों एवं चिकित्सकों को पदम श्री और डाक्टर वी सी राय अवार्ड प्रचुरता से मिले है, जो इस नगर का गौरव है। इस नगर में कुम्भ का आयोजन दुनिया के आकर्षण का बहुत बड़ा केन्द्र है और पूरे भारत से लोग संगम तथा त्रिवेणी की श्रद्धा पर खीचे चले आते है। हमें उनकी सेवा और सुरक्षा के भाव से कार्य करना चाहिए। श्री राज्यपाल ने चिकित्सकों को उनके कार्य की महत्ता याद दिलाते हुए उन्हें यह भी स्मरण कराया कि अपने व्यवस्तम समय में वे प्रति सप्ताह एक दिन परिवार के लिए तथा एक दिन ग्रामीण भारत के लिए अवश्य निकाले। इससे व्यक्ति और देश दोनो का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
उक्त अवसर पर पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी जी ने कहा कि इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शताब्दी सामारोह की बधाई दी और कहा कि इस एसोसिशन के सदस्यों के इसके लिए बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किया गया कार्य महान बनाता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी सेवा देने के साथ समाज सेवा के कार्यो में भी अपना योगदान दे रहे है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के 100 वर्ष पूरा होना, उनके पदाधिकारियों एवं चिकित्सकों बधाई के पात्र है। उन्होंने नवनिर्मित भवन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक के द्वारा कई हजारों लोगों को लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य नीति के तहत बहुत से बड़े परिवर्तन किये जाने है। उन्होंने कहा कि कुम्भ का पर्व आने वाला है। कुम्भ क्षेत्र को ओडीएफ बनाने जा रहे है तथा डेढ़ लाख शौचालयों बनाये जायेंगे। उन्होंने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के चिकित्सकों को कुम्भ के आयोजन में अपनी सेवाये देने का आवाहन भी किया। महामहिम राष्ट्रपति ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रजज्वलित कर किया तथा अध्यय मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी, मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले चिकित्सक कार्यक्रम के प्रारम्भ में जिस तरह तत्परता और उत्साह के साथ राष्ट्रगान गा रहे थे, वह प्रशसनीय है तथा अनुकरणीय भी है। देश के हर नागरिक को राष्ट्रगान के प्रति इसी प्रकार भक्ति और निष्ठा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद की धरती पर आने पर उन्हें प्रसन्नता होती है। इलाहाबाद की धरती प्राचीन काल से ही ऐतिहासिक भूमि रही है और विद्या तथा शिक्षा का केन्द्र है। यहां पर होने वाले कुम्भ को यूनेस्कों ने ऐतिहासिक धरोहर के रूप में मान्यता दे दी है, यह हम सब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कुम्भ के आयोजन में करोड़ों लोग आते है और स्नान करके चले भी जाते है। इलाहाबाद की नगरी कई क्षेत्रों के प्रसिद्ध लोगों की जन्म एवं कर्म स्थली है। स्वतंत्रता सेनानियों का केन्द्र बिन्दु यह नगर रहा है।
महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि कुम्भ के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों को भी बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा इलाहाबाद के चिकित्सकों को उपलब्ध कराना है। पूरी दुनिया की निगाहे कुम्भ के आयोजन पर टिकी हुयी है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा करने का अवसर इलाहाबाद की जनता को मिल रहा है, यह एक महान अवसर है। इस अवसर में यहां के चिकित्सकों की भागीदारी सबसे अहम होगी। महामहिम ने चिकित्सकों से अपील की यदि आवश्यक हो तो कुम्भ के दौरान की अवधि में अपने दैनन्दिन कार्य पीछे करके भी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चिकित्सा सेवा करें। यह कार्य इस राष्ट्रीय पर्व में आपकी निष्ठा और देश का गौरव बढ़ाने वाला कार्य होगा।
उक्त अवसर महामहिम राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने कहा कि इलाहाबाद में चिकित्सा सेवा और शिक्षा का विशेष महत्व रहा है। यहां के चिकित्सा शिक्षकों एवं चिकित्सकों को पदम श्री और डाक्टर वी सी राय अवार्ड प्रचुरता से मिले है, जो इस नगर का गौरव है। इस नगर में कुम्भ का आयोजन दुनिया के आकर्षण का बहुत बड़ा केन्द्र है और पूरे भारत से लोग संगम तथा त्रिवेणी की श्रद्धा पर खीचे चले आते है। हमें उनकी सेवा और सुरक्षा के भाव से कार्य करना चाहिए। श्री राज्यपाल ने चिकित्सकों को उनके कार्य की महत्ता याद दिलाते हुए उन्हें यह भी स्मरण कराया कि अपने व्यवस्तम समय में वे प्रति सप्ताह एक दिन परिवार के लिए तथा एक दिन ग्रामीण भारत के लिए अवश्य निकाले। इससे व्यक्ति और देश दोनो का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
उक्त अवसर पर पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी जी ने कहा कि इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शताब्दी सामारोह की बधाई दी और कहा कि इस एसोसिशन के सदस्यों के इसके लिए बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किया गया कार्य महान बनाता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी सेवा देने के साथ समाज सेवा के कार्यो में भी अपना योगदान दे रहे है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के 100 वर्ष पूरा होना, उनके पदाधिकारियों एवं चिकित्सकों बधाई के पात्र है। उन्होंने नवनिर्मित भवन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक के द्वारा कई हजारों लोगों को लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य नीति के तहत बहुत से बड़े परिवर्तन किये जाने है। उन्होंने कहा कि कुम्भ का पर्व आने वाला है। कुम्भ क्षेत्र को ओडीएफ बनाने जा रहे है तथा डेढ़ लाख शौचालयों बनाये जायेंगे। उन्होंने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के चिकित्सकों को कुम्भ के आयोजन में अपनी सेवाये देने का आवाहन भी किया। महामहिम राष्ट्रपति ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रजज्वलित कर किया तथा अध्यय मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी, मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


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