नशा और नशे की लत के कारण किशोरों में बढ़ते अपराध* " विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन
आज अल कौसर सोसाइटी की ओर से खुल्दाबाद स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में प्रधान मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी की अध्यक्षता में *नशा और नशे की लत के कारण किशोरों में बढ़ते अपराध* " विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संस्था की अध्यक्ष व बालमित्र नाजिया नफीस ने बताया कि संगोष्ठी में किशोरों से उक्त विषय के बारे मे विस्तृत रूप से चर्चा की गई।नाजिया ने किशोरों को नशे के दुष्परिणाम के बारे में बताया।उन्होंने किशोरों को समझाया कि किस प्रकार गलत संगत और नशे लत उन्हें आज अपराध की ओर ले जा रही।नाजिया ने बच्चों से कहा कि वह अपना आचरण अच्छा करें,अनुशासित हों,अपने को सुधारने का प्रयास करें,उनके द्वारा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु हर स्तर पर प्रयास किया जायेगा यहाँ तक कि संस्था के अधिवक्तागण द्वारा उनका केस निशुल्क लड़ा जायेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट श्री मयंक त्रिपाठी ने न्याय अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला तथा किशोरों को बताया कि मादक पदार्थ के सेवन करने पर आरोपी पाये जाने पर अधिकतम सात साल की सजा व एक लाख रुपया जुर्माना है अतः वह अनुशासित हों,अपने आचरण में बदलाव लायें और अच्छे नागरिक बनने का प्रयास करें।संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद बी.के.श्रीवास्तव ने किशोरों से कहा कि यह उम्र उनकी पढ़ने-लिखने और कुछ बनने की है।वह इस देश का भविष्य है।यदि आपमें नशा हो तो वह ईश्वर भक्ति का हो,समाजसेव का हो। उन्होंने
बच्चों से कहा कि वह संकल्प लें कि बिना गलत रास्ते पर गये बेहतर करने की कोशिश करेंगे।बी.के.श्रीवास्तव बच्चों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उनकी हर सम्भव मदद की जायेगी।कार्यक्रम को सफल बनाने में एडवोकेट सौम्या श्रीवास्तव,आशीष द्विवेदी व सम्प्रेक्षण गृह के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
संस्था की अध्यक्ष व बालमित्र नाजिया नफीस ने बताया कि संगोष्ठी में किशोरों से उक्त विषय के बारे मे विस्तृत रूप से चर्चा की गई।नाजिया ने किशोरों को नशे के दुष्परिणाम के बारे में बताया।उन्होंने किशोरों को समझाया कि किस प्रकार गलत संगत और नशे लत उन्हें आज अपराध की ओर ले जा रही।नाजिया ने बच्चों से कहा कि वह अपना आचरण अच्छा करें,अनुशासित हों,अपने को सुधारने का प्रयास करें,उनके द्वारा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु हर स्तर पर प्रयास किया जायेगा यहाँ तक कि संस्था के अधिवक्तागण द्वारा उनका केस निशुल्क लड़ा जायेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट श्री मयंक त्रिपाठी ने न्याय अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला तथा किशोरों को बताया कि मादक पदार्थ के सेवन करने पर आरोपी पाये जाने पर अधिकतम सात साल की सजा व एक लाख रुपया जुर्माना है अतः वह अनुशासित हों,अपने आचरण में बदलाव लायें और अच्छे नागरिक बनने का प्रयास करें।संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद बी.के.श्रीवास्तव ने किशोरों से कहा कि यह उम्र उनकी पढ़ने-लिखने और कुछ बनने की है।वह इस देश का भविष्य है।यदि आपमें नशा हो तो वह ईश्वर भक्ति का हो,समाजसेव का हो। उन्होंने
बच्चों से कहा कि वह संकल्प लें कि बिना गलत रास्ते पर गये बेहतर करने की कोशिश करेंगे।बी.के.श्रीवास्तव बच्चों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उनकी हर सम्भव मदद की जायेगी।कार्यक्रम को सफल बनाने में एडवोकेट सौम्या श्रीवास्तव,आशीष द्विवेदी व सम्प्रेक्षण गृह के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


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