अलंकार स्टील फर्नीचर शोरूम में तोड़फोड़, पुलिस प्रशासन से पीड़ित को नही मिला न्याय,
इलाहाबाद - गुरूवार थाना मुट्ठीगंज मालवी नगर हटिया चौराहा क्षेत्र में *अलंकार स्टील फर्नीचर शोरूम के मालिक शान अहमद पुत्र करामत अली पर जान लेवा हमला शोरूम में घुसकर अराजकतत्व के लोगो द्वारा तोड़फोड़ लाखों के शीसे के टेबल,व् स्टील की कुर्शी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचा कर सम्बंधित ठाणे को सूचना दी।
मौके पर पहुँची पुलिस ने पीड़ित को मेडिकल करा कर अराजकतत्व के लोगो के साथ हिरासत में ले लिया। बुद्धवार शांध्या को पीड़ित समेत असमाजिक्तत्व के लोगो को रातभर थाने में रखा गया। पुलिस प्रशासन के विधि कार्यवाही करने के बाद भी असमाजिक्तत्व के लोगो ने फिर से शान अहमद को मारापीटा पुलिस ने फिर दोनों पक्षो को थाने ले गई। दोनों से सादे कागज़ पर समझौता करा कर छोड़ दिया गया।
पीड़ित ने बंद जुबान में पुलिस प्राशासन पर निरासा जताई। हालांकि पीड़ित ने बताया की हमला करने वाले कोई और नही बल्कि उसके रिश्तेदार के साथ असमाजिक तत्व के 10 12 लोग भी सामिल थे। दरअसल जमिनी विवाद बना जान लेवा हमला शान अहमद ने जिस जगह अपना स्टील का कारखाना बना रखा है। उस खारखाने पर रिश्तेदारो की नियत हुई ख़राब। शान के चाचा मुनव्वर अली पुत्र चाँद,मोरिश,टेकू,अन्य रिश्तेदार अफ़रोज़ आलम व् उनके पुत्र टीपू,तौसीफ,तौफीक अफ़रोज़ आलम के भाई पप्पू,अनवर,बबलू और असमाजिक्तत्व के लोगो द्वारा रचा गया षड़यँत्र बाल बाल बचा पीड़ित ,पीड़ित ने यह भी बताया की अगर थाने न जाता तो मुझे मार देते। मैं पुलिस का शुक्रगुज़ार भी हूँ। मौके पर पहुँची पुलिस की मदद से मैं जिन्दा हूँ। जिस तरफ मेरे शोरूम में घुसकर लोगो ने मुझे मारापीटा मुझे उम्मीद नही थी। मैं बच पाऊंगा। पीड़ित बताया की भविष्य में मुझे कुछ भी होता है। तो उसके जिम्मेदार यह सब लोग होंगे।
पीड़ित ने बंद जुबान में पुलिस प्राशासन पर निरासा जताई। हालांकि पीड़ित ने बताया की हमला करने वाले कोई और नही बल्कि उसके रिश्तेदार के साथ असमाजिक तत्व के 10 12 लोग भी सामिल थे। दरअसल जमिनी विवाद बना जान लेवा हमला शान अहमद ने जिस जगह अपना स्टील का कारखाना बना रखा है। उस खारखाने पर रिश्तेदारो की नियत हुई ख़राब। शान के चाचा मुनव्वर अली पुत्र चाँद,मोरिश,टेकू,अन्य रिश्तेदार अफ़रोज़ आलम व् उनके पुत्र टीपू,तौसीफ,तौफीक अफ़रोज़ आलम के भाई पप्पू,अनवर,बबलू और असमाजिक्तत्व के लोगो द्वारा रचा गया षड़यँत्र बाल बाल बचा पीड़ित ,पीड़ित ने यह भी बताया की अगर थाने न जाता तो मुझे मार देते। मैं पुलिस का शुक्रगुज़ार भी हूँ। मौके पर पहुँची पुलिस की मदद से मैं जिन्दा हूँ। जिस तरफ मेरे शोरूम में घुसकर लोगो ने मुझे मारापीटा मुझे उम्मीद नही थी। मैं बच पाऊंगा। पीड़ित बताया की भविष्य में मुझे कुछ भी होता है। तो उसके जिम्मेदार यह सब लोग होंगे।



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