कुंभ 2019: मकर संक्रांति पर प्रयागराज के 40 घाटों पर लगेगी डुबकी
सनातन धर्म में यूं तो बहुत से पर्वों को शुभता और उत्साह के साथ मनाने की परंपरा रही है किंतु जब भी बात होती है कुंभ की तो उत्साह दोगुना और अध्यात्म चरम पर होता है ण्इस साल संगम के पावन तट पर लगने वाले अर्ध कुंभ मेले के आयोजन की तैयारी पूरी हो चुकी हैंण् इंतजार है मकर संक्रांति का क्योंकि इसी दिन अर्ध कुंभ का पहला स्नान होगाण् आस्था की डुबकी के लिए करोड़ों की संख्या में भक्त कुंभ मेले में पहुंच रहे हैं और लगभग दो महीने तक अध्यात्म और आस्था की महामेला गंगा के पावन तट यूं रहेगाण्साल 2013 में महाकुंभ का आयोजन हुआ था जिसके ठीक 6 साल के बाद हरिद्वार और प्रयाग के गंगा तटों पर अर्ध कुंभ का आयोजन अब होने जा रहा हैण् हरिद्वार और प्रयाग में हर 6 साल में अर्धकुंभ का आयोजन होता हैण्
क्यों होता है कुंभ का आयोजनघ्
कुंभ को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं जिनमें प्रमुख कथा समुद्र मंथन के दौरान निकलने वाले अमृत कलश से जुड़ी हैण् महर्षि दुर्वासा के शाप के कारण जब देवता कमजोर हो गए तो दैत्यों ने देवताओं पर आक्रमण कर उन्हें परास्त कर दियाण् तब भगवान विष्णु ने उन्हें दैत्यों के साथ मिलकर क्षीरसागर का मंथन करके अमृत निकालने की सलाह दीण् क्षीरसागर मंथन के बाद अमृत कुंभ के निकलते ही इंद्र के पुत्र ष्जयंतष् अमृत.कलश को लेकर आकाश में उड़ गएण् उसके बाद दैत्यगुरु शुक्राचार्य के आदेश पर दैत्यों ने अमृत को वापस लेने के लिए जयंत का पीछा कर उसे पकड़ लियाण् अमृत कलश पर अधिकार जमाने के लिए देव.दानवों में बारह दिन तक लगातार युद्ध होता रहाण् इस युद्ध के दौरान पृथ्वी के चार स्थानों प्रयागए हरिद्वारए उज्जैनए नासिक में कलश से अमृत बूंदें गिरी थींण् शांति के लिए भगवान ने मोहिनी रूप धारण कर सबको अमृत बांटकर देव.दानव युद्ध का अंत कियाण् तब से जिस.जिस स्थान पर अमृत की बूंदें गिरीं थींए वहां कुंभ मेले का आयोजन होता हैण्
कुंभ के महत्व को ब्रह्म पुराण एवं स्कंध पुराण के 2 श्लोकों के माध्यम समझा जा सकता हैण्
ष्विन्ध्यस्य दक्षिणे गंगा गौतमी सा निगद्यते उत्त्रे सापि विन्ध्यस्य भगीरत्यभिधीयते
ष्एव मुक्त्वाद गता गंगा कलया वन संस्थिताए गंगेश्वेरं तु यः पश्येत स्नात्वा शिप्राम्भासि प्रियेष्
अब आपको बताते हैं 2019 के अर्ध कुंभ मेले के शाही स्नान की तारीखें.
कुंभ मेले के शाही स्नान की तारीखें ;ज्ञनउइी ैदंद क्ंजमे ंदक ज्ञनउइी ैींीप ैदंदद्ध
14.15 जनवरी 2019 . मकर संक्रांतिए पहला शाही स्नान
21 जनवरी 2019 . पौष पूर्णिमा
31 जनवरी 2019 . पौष एकादशी स्नान
04 फरवरी 2019 . मौनी अमावस्याए मुख्य शाही स्नानए दूसरा शाही स्नान
10 फरवरी 2019 . बसंत पंचमीए तीसरा शाही स्नान
16 फरवरी 2019 . माघी एकादशी
19 फरवरी 2019 . माघी पूर्णिमा
04 मार्च 2019 . महा शिवरात्रि
वेदए पुराणए धर्मए शास्त्रों में कुंभ के महत्व को समझाया गया है और युगों युगों से पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालु मोक्ष की प्राप्ति कर रहे हैं तो अर्ध कुंभ पर यदि मौका मिले तो आप भी आस्था की गंगा में डुबकी लगा लीजिएए आपको पापों से मुक्ति मिल जाएगीण्

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