कुंभ में प्रथम शाही स्नान के लिए अखाड़ों का समय निर्धारित, तीन किमी लंबा होगा रूट

मकर संक्रांति पर होने वाले प्रथम शाही स्नान के लिए शनिवार को लंबे-विचार विमर्श के बाद नागा संन्यासियों, बैरागियों और उदासीन परंपरा के संतों के जुलूसों का समय निर्धारित कर लिया गया। सभी 13 अखाड़ों के महंतों, प्रतिनिधियों और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में शाही स्नान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। सभी अखाड़े संगम नोज में ही डुबकी लगाएंगे।
सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े का जुलूस निकलेगा और सबसे पीछे चलेगा निर्मल अखाड़े का कारवां। परंपरा के अनुसार सभी अखाड़ों के शिविरों से निकलने और शाही स्नान के लिए घाट पर पहुंचने से लेकर स्नान करने तक का समय निर्धारित किया गया। रथों, बग्घियों , घोड़ों पर छत्र- चंवर के साथ साधु-संतों का पहला जुलूस सुबह 5:15 बजे निकलेगा। करीब तीन किमी रास्ते पर चलकर शाही स्नान संगम नोज पर होगा।
कुंभ मेला के पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में अखाड़ा परिषद की बैठक में शाही स्नान की रूपरेखा को मेला प्रशासन ने अंतिम रूप दिया। शाही स्नान की व्यवस्था के अलावा रूट, स्थल और समय को लेकर सभी अखाड़ों के संतों ने अपनी-अपनी राय दी। लंबे-विचार विमर्श के बाद तय हुआ कि वर्ष 2013 में अपनाई गई शाही स्नान की पंरपरा के अनुरूप ही इस बार भी अखाड़े संगम नोज पर डुबकी लगाने जाएंगे। इसके बाद 15 जनवरी को होने वाले प्रथम शाही स्नान के जुलूसों के संगम नोज पर आगमन, प्रस्थान के साथ ही स्नान के लिए समय का निर्धारण किया गया।
शाही स्नान की तय रूपरेखा के अनुसार सबसे पहले सुबह 5:15 बजे महानिर्वाणी और अटल अखाड़े का जुलूस निकलेगा। 6:15 बजे इन अखाड़ों का जुलूस संगम नोज पहुंचेगा। इनको 40 मिनट स्नान का समय दिया गया है। 6:55 बजे घाट से निकलकर इन अखाड़ों के जुलूस 7:55 बजे अपने शिविरों में पहुंच जाएंगे। इनके बाद सुबह 6:05 बजे निरंजनी और आनंद अखाड़े के जुलूस निकलेंगे। 7:05 बजे संगम नोज पहुंचकर इन दोनों अखाड़ों के संतों की भी 40 मिनट तक डुबकी लगेगी। 7:45 बजे घाट से निकलकर यह अखाड़े 8:45 बजे शिविर पहुंच जाएंगे। फिर सुबह सात बजे एक साथ जूना, अग्नि और आवाहन अखाड़े के जुलूस शाही स्नान के लिए निकाले जाएंगे।
कुंभ मेला के पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में अखाड़ा परिषद की बैठक में शाही स्नान की रूपरेखा को मेला प्रशासन ने अंतिम रूप दिया। शाही स्नान की व्यवस्था के अलावा रूट, स्थल और समय को लेकर सभी अखाड़ों के संतों ने अपनी-अपनी राय दी। लंबे-विचार विमर्श के बाद तय हुआ कि वर्ष 2013 में अपनाई गई शाही स्नान की पंरपरा के अनुरूप ही इस बार भी अखाड़े संगम नोज पर डुबकी लगाने जाएंगे। इसके बाद 15 जनवरी को होने वाले प्रथम शाही स्नान के जुलूसों के संगम नोज पर आगमन, प्रस्थान के साथ ही स्नान के लिए समय का निर्धारण किया गया।
शाही स्नान की तय रूपरेखा के अनुसार सबसे पहले सुबह 5:15 बजे महानिर्वाणी और अटल अखाड़े का जुलूस निकलेगा। 6:15 बजे इन अखाड़ों का जुलूस संगम नोज पहुंचेगा। इनको 40 मिनट स्नान का समय दिया गया है। 6:55 बजे घाट से निकलकर इन अखाड़ों के जुलूस 7:55 बजे अपने शिविरों में पहुंच जाएंगे। इनके बाद सुबह 6:05 बजे निरंजनी और आनंद अखाड़े के जुलूस निकलेंगे। 7:05 बजे संगम नोज पहुंचकर इन दोनों अखाड़ों के संतों की भी 40 मिनट तक डुबकी लगेगी। 7:45 बजे घाट से निकलकर यह अखाड़े 8:45 बजे शिविर पहुंच जाएंगे। फिर सुबह सात बजे एक साथ जूना, अग्नि और आवाहन अखाड़े के जुलूस शाही स्नान के लिए निकाले जाएंगे।


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