कमिश्नर ने कुम्भ मेला क्षेत्र को मच्छर, मक्खी विहीन करने के निर्देश
प्रयागराज। कमिश्नर प्रयागराज मण्डल डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने कुम्भ मेला सहित शहर क्षेत्र में भी साफ-सफाई पर विशेष बल देते हुए सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारियों को सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र को मच्छर एवं मक्खी विहीन करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कुम्भ मेला व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिया कि वे मेला ड्यूटी को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लें। मेला ड्यूटी में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली और बहानेबाजी को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और न ही किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य होगी। मण्डलायुक्त बुधवार को कुम्भ मेला स्थित मेला कार्यालय में सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में विभागवार मेला कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थें। सभी विभागों के उच्चाधिकारियों ने अपने-अपने विभाग के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी दी।
उन्होंने विभागों के सहयोग के लिए लगाये गये स्वयंसेवकों के साथ अच्छा व्यवहार करने की अधिकारियों को नसीहत भी दी। कहा कि सभी विभागों के अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय बनाकर एक टीम भावना से काम करें। उन्होंने इसी कड़ी में मेला आफिस की कार्य संस्कृति की प्रशंसा भी की। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेण्डर्स और स्टाॅफ का पास एक सप्ताह में अवश्य जारी हो जाय। उद्यान विभाग द्वारा गमलों की तैयारी न होने और मनमाने तरीके से चैराहों पर गमलें लगा देने पर नाराजगी जताई और कहा कि चैराहों पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा गमलें लगाये जायेंगे। उन्होंने मोर्चरी रोड का काम शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने बिजली के खम्भों पर अवैध होर्डिंग और साइनेज को अभियान चलाकर तत्काल हटाने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि रोड साइड पर अवैध होर्डिंग कत्तई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होल्डिंग एरिया में यह देख लिया जाये कि पानी, बिजली और शौचालय की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित रहें। मेला प्रारम्भ हो गया है और यदि किसी विभाग का काम अभीतक पूरा नहीं हुआ है तो शेष काम को तत्काल पूरा कर लें।
मण्डलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, जल निगम, विद्युत विभाग के अधिकारियों को निचले स्तर के कर्मचारियों से बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि निचले स्तर का यदि कोई कर्मचारी कोई समस्या बताता है तो उसकों गम्भीरता से लिया जाये और उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों की ड्यूटी प्रारम्भ हो गयी है और उनकी ड्यूटी दिखनी चाहिए। डाॅक्टर सेक्टरों में कम से कम दो बार जाकर साफ-सफाई आदि का निरीक्षण करें और कोई कमी हो तो उसको तत्काल दूर करायें। कहा कि सेनेटरी कालोनी को वह स्वयं देखेंगे। श्रमिकों के भुगतान पर जोर देते हुए कहा कि श्रमिकों का भुगतान कत्तई न रूके और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय कि उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रमिकों को कोई समस्या होगी तो उसके लिए सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारी जिम्मेदारी माने जायेंगे। श्रमिकों को शिक्षित करने और उनके बच्चों को स्कूल भेजनें को भी कहा। मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द ने सभी विभागों के मेला में अधिष्ठान बने और सेक्टरों के अधिकारी, कर्मचारी मेला में रूके ताकि संस्थाओं आदि की समस्याओं के समाधान के लिए उनको कोई परेशानी न हो। बैठक में कुम्भ मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द, डीआईजी श्री के0पी0 सिंह, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री भानुचंद्र गोस्वामी, नगर आयुक्त डाॅ0 उज्जवल कुमार सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारीगण मौजूद थे।
---------------------------------------------------
कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मीडिया कार्यशाला का किया गया आयोजन
कुम्भ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडिशनल डायरेक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रयागराज मण्डल डा0 ए0के0 पालीवाल की अध्यक्षता व ब्थ्।त् के सहयोग सें एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। डा0 ए0के0 पालीवाल द्वारा कार्यशाला का उद्घाटन के बाद डा0 ऋषि सहाय, नोडल अधिकारी आपदा प्रबन्धन ने स्वास्थ्य विभाग की समस्त सेवाओं व आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित समस्त व्यवस्था व तैयारियों की प्रस्तुति की। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेला में स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सीय सेवाओं के साथ-साथ सेनिटेशन, वेक्टरबर्न डिजिज, साॅलिड वेस्ट मेनेजमेंट व आपदा प्रबन्धन की सम्पूर्ण व्यवस्था किया है।
चिकित्सीय व्यवस्था में मेला क्षेत्र में सेक्टर-2 में एक 100 बेड का केन्द्रिय चिकित्सालय स्थापित किया गया जिसमें हर विशेषज्ञ 24 घण्टे उपलब्ध रहेंगे व एक्सरे, अल्ट्रा साउण्ड, पैथालाॅजी की सुविधाएँ होंगी। इसके साथ 11 अन्य 20 बेड के सर्किल हाॅस्पिटल के द्वारा समस्त 20 सेक्टरों में चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएँगी, जिसमें सेक्टर 14 व 20 में 20 बेड के 2 संक्रामक रोग चिकित्सालय भी बनाए गए हैं। इनके अलावा मेला क्षेत्र में 25 फस्र्ट एड पोस्ट व मेला क्षेत्र के बाहर 10 आउट हेल्थ पोस्ट स्थापित किये जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में लगभग सवा लाख टाॅयलेट स्थापित करते हुए स्वास्थ्य विभाग एक नया कीर्तिमान हासिल कर रही है जो कि गीनिस बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज होगा। उनका साॅलिड वेस्ट मेनेजमेंट भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संक्रामक रोगों के रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल यूनिट बनाई गयी है जिसमें एक प्रभारी अधिकारी, 6 जोनल अधिकारी, 20 सेक्टर अधिकारी व 36 सर्किल में सर्किल इन्सपेक्टर व दो से तीन सुपरवाईजर प्रति सर्किल पूरे मेला क्षेत्र में एन्टी लारवल स्प्रेइंग व डी.डी.टी. फाॅगिंग द्वारा मच्छर, मक्खियों व अन्य कीटाणुओं द्वारा संक्रामक रोग की रोकथाम करेंगे। इसके अतिरिक्त एक टीम जिसमें दो असिस्टेंट मलेरिया आॅफिसर, दो मलेरिया इन्सपेक्टर व 6 फील्ड वर्कर 24 घण्टे हेड क्वार्टर पर उपलब्ध रहेंगे।
आपदा प्रबन्धन के नोडल आॅफिसर डा0 ऋषि सहाय ने बताया कि केन्द्रिय चिकित्सालय में डिजास्टर मेनजमेंट कंट्रोल रूम बनाया गया है जो कि प्ब्ब्ब् से 24ग7 सम्पर्क में रहेगी। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल पहुँचने वाली क्विक मेडिकल रेस्पाॅन्स टीम ;फडत्ज्द्ध का गठन सर्किल लेवल पर किया गया है व रेडिस रिस्पाॅन्स टीम (त्त्ज्) का गठन सर्किल हाॅस्पिटल के स्तर पर किया गया है। प्रयागराज के समस्त सरकारी व निजी हाॅस्पिटल में उपलब्ध समस्त सुविधाओं व बेड की उपलब्धता का डाटा बेस तैयार कर लिया गया है। बर्न, स्टेम्पिड व ड्राउनिंग की विशेष डिजास्टर किट की पर्याप्त संख्या आ गयी है जो सर्किल, फस्र्ट एड पोस्ट व हाॅस्पिटल में उपलब्ध रहेगी। कुम्भ मेला में कार्यरत समस्त स्वास्थ्य कर्मी की फस्र्ट एड/ट्राईएज की एक-एक दिवसीय ट्रेनिंग ।प्प्डै नई दिल्ली, ।प्प्डै पटना, सफदरजंग हाॅस्पिटल के विशेषज्ञ द्वारा कराई जा चुकी है। जनवरी के पहले हफ्ते में एन.डी.आर.एफ. द्वारा समस्त डाक्टरों का प्रशिक्षण कराया जायेगा। आपदा प्रबन्धन में रिवर एम्बुलेंस के साथ एक एयर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने विभागों के सहयोग के लिए लगाये गये स्वयंसेवकों के साथ अच्छा व्यवहार करने की अधिकारियों को नसीहत भी दी। कहा कि सभी विभागों के अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय बनाकर एक टीम भावना से काम करें। उन्होंने इसी कड़ी में मेला आफिस की कार्य संस्कृति की प्रशंसा भी की। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेण्डर्स और स्टाॅफ का पास एक सप्ताह में अवश्य जारी हो जाय। उद्यान विभाग द्वारा गमलों की तैयारी न होने और मनमाने तरीके से चैराहों पर गमलें लगा देने पर नाराजगी जताई और कहा कि चैराहों पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा गमलें लगाये जायेंगे। उन्होंने मोर्चरी रोड का काम शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने बिजली के खम्भों पर अवैध होर्डिंग और साइनेज को अभियान चलाकर तत्काल हटाने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि रोड साइड पर अवैध होर्डिंग कत्तई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होल्डिंग एरिया में यह देख लिया जाये कि पानी, बिजली और शौचालय की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित रहें। मेला प्रारम्भ हो गया है और यदि किसी विभाग का काम अभीतक पूरा नहीं हुआ है तो शेष काम को तत्काल पूरा कर लें।
मण्डलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, जल निगम, विद्युत विभाग के अधिकारियों को निचले स्तर के कर्मचारियों से बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि निचले स्तर का यदि कोई कर्मचारी कोई समस्या बताता है तो उसकों गम्भीरता से लिया जाये और उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों की ड्यूटी प्रारम्भ हो गयी है और उनकी ड्यूटी दिखनी चाहिए। डाॅक्टर सेक्टरों में कम से कम दो बार जाकर साफ-सफाई आदि का निरीक्षण करें और कोई कमी हो तो उसको तत्काल दूर करायें। कहा कि सेनेटरी कालोनी को वह स्वयं देखेंगे। श्रमिकों के भुगतान पर जोर देते हुए कहा कि श्रमिकों का भुगतान कत्तई न रूके और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय कि उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रमिकों को कोई समस्या होगी तो उसके लिए सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारी जिम्मेदारी माने जायेंगे। श्रमिकों को शिक्षित करने और उनके बच्चों को स्कूल भेजनें को भी कहा। मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द ने सभी विभागों के मेला में अधिष्ठान बने और सेक्टरों के अधिकारी, कर्मचारी मेला में रूके ताकि संस्थाओं आदि की समस्याओं के समाधान के लिए उनको कोई परेशानी न हो। बैठक में कुम्भ मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द, डीआईजी श्री के0पी0 सिंह, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री भानुचंद्र गोस्वामी, नगर आयुक्त डाॅ0 उज्जवल कुमार सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारीगण मौजूद थे।
---------------------------------------------------
कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मीडिया कार्यशाला का किया गया आयोजन
कुम्भ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडिशनल डायरेक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रयागराज मण्डल डा0 ए0के0 पालीवाल की अध्यक्षता व ब्थ्।त् के सहयोग सें एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। डा0 ए0के0 पालीवाल द्वारा कार्यशाला का उद्घाटन के बाद डा0 ऋषि सहाय, नोडल अधिकारी आपदा प्रबन्धन ने स्वास्थ्य विभाग की समस्त सेवाओं व आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित समस्त व्यवस्था व तैयारियों की प्रस्तुति की। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेला में स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सीय सेवाओं के साथ-साथ सेनिटेशन, वेक्टरबर्न डिजिज, साॅलिड वेस्ट मेनेजमेंट व आपदा प्रबन्धन की सम्पूर्ण व्यवस्था किया है।
चिकित्सीय व्यवस्था में मेला क्षेत्र में सेक्टर-2 में एक 100 बेड का केन्द्रिय चिकित्सालय स्थापित किया गया जिसमें हर विशेषज्ञ 24 घण्टे उपलब्ध रहेंगे व एक्सरे, अल्ट्रा साउण्ड, पैथालाॅजी की सुविधाएँ होंगी। इसके साथ 11 अन्य 20 बेड के सर्किल हाॅस्पिटल के द्वारा समस्त 20 सेक्टरों में चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएँगी, जिसमें सेक्टर 14 व 20 में 20 बेड के 2 संक्रामक रोग चिकित्सालय भी बनाए गए हैं। इनके अलावा मेला क्षेत्र में 25 फस्र्ट एड पोस्ट व मेला क्षेत्र के बाहर 10 आउट हेल्थ पोस्ट स्थापित किये जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में लगभग सवा लाख टाॅयलेट स्थापित करते हुए स्वास्थ्य विभाग एक नया कीर्तिमान हासिल कर रही है जो कि गीनिस बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज होगा। उनका साॅलिड वेस्ट मेनेजमेंट भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संक्रामक रोगों के रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल यूनिट बनाई गयी है जिसमें एक प्रभारी अधिकारी, 6 जोनल अधिकारी, 20 सेक्टर अधिकारी व 36 सर्किल में सर्किल इन्सपेक्टर व दो से तीन सुपरवाईजर प्रति सर्किल पूरे मेला क्षेत्र में एन्टी लारवल स्प्रेइंग व डी.डी.टी. फाॅगिंग द्वारा मच्छर, मक्खियों व अन्य कीटाणुओं द्वारा संक्रामक रोग की रोकथाम करेंगे। इसके अतिरिक्त एक टीम जिसमें दो असिस्टेंट मलेरिया आॅफिसर, दो मलेरिया इन्सपेक्टर व 6 फील्ड वर्कर 24 घण्टे हेड क्वार्टर पर उपलब्ध रहेंगे।
आपदा प्रबन्धन के नोडल आॅफिसर डा0 ऋषि सहाय ने बताया कि केन्द्रिय चिकित्सालय में डिजास्टर मेनजमेंट कंट्रोल रूम बनाया गया है जो कि प्ब्ब्ब् से 24ग7 सम्पर्क में रहेगी। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल पहुँचने वाली क्विक मेडिकल रेस्पाॅन्स टीम ;फडत्ज्द्ध का गठन सर्किल लेवल पर किया गया है व रेडिस रिस्पाॅन्स टीम (त्त्ज्) का गठन सर्किल हाॅस्पिटल के स्तर पर किया गया है। प्रयागराज के समस्त सरकारी व निजी हाॅस्पिटल में उपलब्ध समस्त सुविधाओं व बेड की उपलब्धता का डाटा बेस तैयार कर लिया गया है। बर्न, स्टेम्पिड व ड्राउनिंग की विशेष डिजास्टर किट की पर्याप्त संख्या आ गयी है जो सर्किल, फस्र्ट एड पोस्ट व हाॅस्पिटल में उपलब्ध रहेगी। कुम्भ मेला में कार्यरत समस्त स्वास्थ्य कर्मी की फस्र्ट एड/ट्राईएज की एक-एक दिवसीय ट्रेनिंग ।प्प्डै नई दिल्ली, ।प्प्डै पटना, सफदरजंग हाॅस्पिटल के विशेषज्ञ द्वारा कराई जा चुकी है। जनवरी के पहले हफ्ते में एन.डी.आर.एफ. द्वारा समस्त डाक्टरों का प्रशिक्षण कराया जायेगा। आपदा प्रबन्धन में रिवर एम्बुलेंस के साथ एक एयर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।


No comments