पिता किया वादा पूरा करने से पूर्व हुए शहीद भागीरथी
धौलपुर। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुआ जवान भागीरथ सिंह अपने पिता से किया आखिरी वादा पूरा नहीं कर पाया। दो दिन पहले ड्यूटी पर रवाना होने से पहले धौलपुर के भागीरथ सिंह ने अपने पिता परशुराम से जल्दी ही घर वापस आने का वादा किया थाए लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आएगा। धौलपुर जिले के राजाखेडा उपखंड क्षेत्र के गांव जैतपुर का लगभग 27 वर्षीय भागीरथ सिंह छह साल पहले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में भर्ती हुआ था। करीब चार साल पहले रंजना देवी के साथ विवाह के बंधन में बंधे भागीरथ सिंह के तीन साल का बेटा विनय तथा डेढ साल की बेटी शिवांगी है।
शहीद भागीरथ की पत्नी रंजना का रो रोकर बुरा हाल है। उसके पिता परशुराम की आंखें पथरा सी गईं हैं। विनय और शिवांगी को तो यह अहसास भी नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। सरपंच कपूर चंद गुर्जर बताते हैं कि भागीरथ को बचपन से ही बंदूक से खेलने का शौक था।
सरपंच के अनुसार भागीरथ की मां उसके बचपन में ही चल बसी थी। पिता परशुराम ने ही दोनों भाइयों को पाल पोस कर बड़ा किया। भागीरथ सिंह का छोटा भाई बलवीर सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही है। दो दिन पहले ही ड्यूटी पर रवाना होने से पहले भागीरथ सिंह ने अपने पिता के साथ बातचीत में जल्द ही वापस आने की बात कही थी। भागीरथ की शहादत पर पूरा जैतपुर गमजदां है।
शहीद भागीरथ की पत्नी रंजना का रो रोकर बुरा हाल है। उसके पिता परशुराम की आंखें पथरा सी गईं हैं। विनय और शिवांगी को तो यह अहसास भी नहीं है कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। सरपंच कपूर चंद गुर्जर बताते हैं कि भागीरथ को बचपन से ही बंदूक से खेलने का शौक था।



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