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शंकराचार्य अधोक्षजानंद के शिविर से निकली कलश यात्रा, वैदिक मंत्रों से गुंजित हुआ कुम्भ क्षेत्र


कुम्भ नगर (प्रयागराज ), 05 फरवरी ।   देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज के कुम्भ मेला स्थित शिविर से मंगलवार को विशाल कलश यात्रा निकाली गयी। यात्रा में कई देशों और भारत के विभिन्न राज्यों की सैकड़ों महिलाओं और संतों ने भागीदारी की।

शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ के सानिध्य में गुजरात, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, आसाम, महाराष्ट, उत्तर प्रदेश और झारखंड के अलावा अमेरिका और थाईलैंड से आयी महिलाएं अपने-अपने सिर पर मंगल कलश रखकर तुलसी मार्ग होते हुए गंगा तट पहुंची। वहां पूजन आदि अनुष्ठान के बाद कलशों में गंगाजल भरकर जुलूस की शक्ल में फिर वापस शंकराचार्य शिविर में पहुंची।
कलश यात्रा के दौरान आचार्यों द्वारा निरंतर वैदिक मंत्रों के उच्चारण से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा था।  वहीं यात्रा में शामिल महिलाएं भजनों के माध्यम से लोगों में भक्ति भाव का संचरण कर रही थीं। कलश यात्रा के दौरान हरि संकीर्तन में लगे भक्त लोग जय घोष के नारे भी लगा रहे थे।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने बताया कि शिविर में आज से नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह पारायण एवं रुद्र महायज्ञ का श्रीगणेश किया गया। उन्होंने बताया कि इस नौ दिवसीय महानुष्ठान की शुरुआत कलश शोभा यात्रा से की गयी।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने बताया कि श्रीमद्भागवत सप्ताह पारायण एवं रुद्र महायज्ञ का महानुष्ठान देश की एकता और अखंडता बरकरार रखने और आतंकवाद के खात्मे तथा अलगाववादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इच्छित उद्ेश्य की प्राप्ति के लिए इस अनुष्ठान में देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
कलश यात्रा में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी दामोदराचार्य, महाराष्ट पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य स्वामी सच्चिदानंद, जूना अखाड़ा डिब्रूगढ़ आसाम के महंत त्रिवेणी पुरी, जूना अखाड़ा झारखंड के महंत राकेशानंद ब्रह्मचारी, बालयोगी झंडा बाबा और अमेरिका से पधारे महंत शांतानंद सरस्वती समेत कई संत शामिल थे।
मुख्य यजमान के रुप में गुजरात की श्रद्धा बैन के अलावा अमेरिका से आयीं अप्रवासी भारतीय इंद्रा बैन, मुम्बई की शोभा जोशी, थाईलैंड की अप्रवासी भारतीय भीमा पाण्डेय, विमला तिवारी, उत्तर प्रदेश की सीता द्विवेदी, प्रीति पाण्डेय और संध्या समेत सैकड़ों महिलाओं ने पूरी भव्यता के साथ कलश यात्रा का अनुष्ठान पूरा किया।

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