विश्व : द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़े लोकतंत्र, सर्वाधिक जीवंत देश के रूप में उभरा भारत
वाशिंगटन। भारत के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़े लोकतंत्र और शायद सर्वाधिक जीवंत देश के रूप में भारत का उभरना सचमुच में असाधारण है। अमेरिका में नियुक्त भारत के उप राजदूत संतोष झा ने बुधवार को वाशिंगटन में कहा कि भारत की सफलता का कुछ श्रेय शासन में जन भागीदारी की ऐतिहासिक परपंरा को भी जाता है।

उन्होंने एक सेमिनार में अपने मुख्य भाषण में कहाए ष्ष्द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़े लोकतंत्र और शायद सर्वाधिक जीवंत देश के रूप में भारत का उभरना सचमुच में असाधारण है।ष्ष् सेमिनार में अमेरिकी मीडियाए शैक्षणिक संस्थानोंए अमेरिकी एजेंसियों और थिंक टैंक से 150 से भी अधिक प्रतिनिधि शरीक हुए।
इसका आयोजन भारतीय दूतावास ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और हडसन इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के सहयोग से किया था। अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कहा कि सिर्फ एक लोकतांत्रिक सरकार ही भारत में समाज के सभी तबके के हितों को संतुष्ट कर सकती है। उन्होंने कहाए ष्ष्यही कारण है कि भारत में लोकतंत्र सफल हुआ और उसकी सफलता इसके डीएनए में है।

उन्होंने एक सेमिनार में अपने मुख्य भाषण में कहाए ष्ष्द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़े लोकतंत्र और शायद सर्वाधिक जीवंत देश के रूप में भारत का उभरना सचमुच में असाधारण है।ष्ष् सेमिनार में अमेरिकी मीडियाए शैक्षणिक संस्थानोंए अमेरिकी एजेंसियों और थिंक टैंक से 150 से भी अधिक प्रतिनिधि शरीक हुए।
इसका आयोजन भारतीय दूतावास ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और हडसन इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के सहयोग से किया था। अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कहा कि सिर्फ एक लोकतांत्रिक सरकार ही भारत में समाज के सभी तबके के हितों को संतुष्ट कर सकती है। उन्होंने कहाए ष्ष्यही कारण है कि भारत में लोकतंत्र सफल हुआ और उसकी सफलता इसके डीएनए में है।


No comments