हर जोन में स्थापित होंगे साइबर थाने : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
• सिर्फ मेरिट के आधार पर हो थानेदारों की नियुक्ति
• प्रोत्साहन, चेतावनी और छुट़टी को बनाएं मूलमंतत्र
• जोन के हर जिले में रात्रि विश्राम करें एडीजी जोन
लखनऊ 25 सितंबर, । हाल के वर्षों में अपराध की प्रवृत्ति बदली है। पुलिस को भी उसी के अनुसार बदलना होगा। हर रेंज में साइबर थाना बनेगें। इन थानों और फारेंसिक लैब के कैंपस एक ही होंगे। इसके अलावा सभी नगर निगमों में एकीकृत ट्रैफिक कमांड सेंटर भी स्थापित किये जाएं।
बुधवार को यहां सभी जोनों के एडीजी के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्राइम के साथ करप्शन पर भी सरकार का रवैया जीरो टॉलरेंस का है। पुलिस के प्रति लोगों का नजरिया तभी बदलेगा जब थाने से ही उनको इंसाफ मिलने लगेगा। एक बार ऐसा होने लगेगा तो लोग पुलिस को मित्र और मददगार समझेंगे। लोग आगे बढ़कर पुलिस के साथ सहयोग करेंगे तो अपराध खुद न्यूनतम स्तर पर आ जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एडीजी अपने-अपने जिलों के पुलिस अधीक्षकों की कार्यप्रणाली पर नजर रखें। अगर कोई गलत है तो उसके बारे में शासन को रिपोर्ट भेजें। यह सुनिश्चित कराएं कि थानेदारों की तैनाती का एक मात्र मानक मेरिट ही हो। महीने में एक जिले में औचक निरीक्षण पर जाएं। विभाग से जुड़ी किसी भी व्यवस्था (थाना, पुलिस लाइन, बैरक और मालखाना आदि) का समग्र निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को तीन मंत्र भी दिये। प्रोत्साहन, चेतावनी और छुट़टी। सरकार ने विभाग की बुनियादी संरचना बेहतर करने के लिए बजट में 6.5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अधिकांश पैसा अभी तक खर्च नहीं हुआ है। इसे समयबद्ध तरीके से खर्च करें। जो भी काम हो उसमें गुणवत्ता का अनुपालन कराएं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित करें, जो ठीक से काम नहीं कर रहे उनको चेतावनी दें और संदिग्ध चरित्र के लोगों की छुट़टी कर दें। शासन ने हाल ही में पुख्ताय प्रमाणों के आधार पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कई ऐसे लोग रडार पर हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हर आदमी सबसे पहले इंसाफ के लिए थाने पर जाता है। उसकी समस्याएं छोटी-छोटी होती हैं। बड़ा होने के पहले ही दोनों पक्षों को समझा कर उनका हल कर दें। पुलिस की कार्यप्रणाली में बहुत सुधार हुआ है। कुंभ, प्रवासी भारतीय सम्मेलन, कांवड़ यात्रा समेत कई पर्वों का सकुशल संपन्न होना इसका सबूत है। बावजूद इसके अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज तीन तलाक पीड़िताओं में से भी कुछ महिलाओं ने थानों की शिकायत की। वाहन चेकिंग के दौरान भी लोगों को बेवजह परेशान करने की शिकायतें मिलीं है। ऐसी शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। नेपाल से सटे समीवर्ती जिलों में गौ तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाएं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दशहरा, दीवाली और छठ के अलावा राम मंदिर पर आने वाले फैसले को लेकर सतर्क रहें। थाना स्तर पर अपनी तैयारी अभी से शुरू कर दें। अलग-अलग समूहों के साथ बैठक करें। खुफिया तंत्र को मजबूत करें। मंदिर पर फैसला आने के बाद जोश में होश खोने वालों और निराशा में कुछ करने वालों पर नजर रखें। धारा 370 खत्म होने के बाद कुछ लोग अराजकता फैलाने का मौका ताड़ रहे होंगे। उनपर भी नजर रखें। बैठक डीजीपी ओपी सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और हर जोन के एडीजी ने अपनी-अपनी बातें भी रखी।

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