सुप्रीम कोर्ट ने कहा हड़ताल खत्म न हुई तो करेंगे वैकल्पिक प्रबंध

प्रयागराज। शिक्षा सेवा अधिकरण प्रयागराज में स्थापित करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पर सुप्रीमकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक बार एसोसिएशन की हड़ताल खत्म नहीं होती है तो यह अदालत कुछ ऐसी रूपरेखा तय करने पर काम करेगीए जिससे वादकारियों को न्यायिक उपचार से वंचित न होना पड़े।
अवध बार एसोसिएशन ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों द्वारा की जा रही हड़ताल पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली बेंच में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि हड़ताल समाप्त करने पर फैसला लेने के लिए बार एसोसिएशन की बैठक जारी है। इस पर कोर्ट ने याचिका 11 सितंबर को सुनवाई हेतु प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक हड़ताल समाप्त नहीं होती है तो अदालत कुछ ऐसा करेगी जिससे वादकारियों को न्याय से वंचित न होना पड़े।
बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गत 27 अगस्त से लगातार न्यायिक कार्य से विरत हैं। इस दौरान शिक्षा सेवा अधिकरण के गठन को लेकर उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता भी हुई। वार्ता में मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने की बात तो कही जा रही हैए मगर मुख्यमंत्री की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। इसकी वजह से वकीलों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। हड़ताल पर अगली रणनीति तय करने और बदली परिस्थितियों पर विचार करने के लिए आम सभा की बैठक सोमवार को सुबह नौ बजे बुलाई गई है।
शिक्षा सेवा अधिकरण को लेकर चल रहे हाईकोर्ट के वकीलों के आंदोलन को लेकर शनिवार को एक्शन कमेटी सदस्यों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में बदले हालात और न्यायपालिका तथा सरकार से मिले संकेत पर मंथन किया गया। बैठक में तय किया गया कि चूंकि प्रदेश सरकार और न्यायपालिका से सकारात्मक संकेत मिले हैंए लिहाजा आम सभा से काम पर लौटने की सोमवार को अपील की जाएगी। यदि अधिवक्ता तैयार होते हैं तो सोमवार से ही काम शुरू हो सकता है।
शनिवार को बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय की अध्यक्षता में बैठक हुई । बैठक में पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझाए शशिनंदनए टीपी सिंहए ओपी सिंहए सीपी उपाध्यायए आईके चतुर्वेदीए प्रभाशंकर मिश्र तथा कमेटी के लगभग सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया। सदस्यों के विचार विमर्श में यह बात आई कि शुक्रवार को पीआईएल पर सुनवाई का अनुरोध करने गए वकीलों के प्रति मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर का रुख सकारात्मक था और उन्होंने सोमवार को हड़ताल खत्म करके पीआईएल की सुनवाई के लिए आने का अनुरोध किया है। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से भी इस मुद्दे के समाधान हेतु सकारात्मक कदम उठाए जाने की जानकारी मिली है। इन हालात में बार एसोसिएशन को अपनी रणनीति बदलने की आवश्यकता है।
अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि चूंकि परिस्थितियां बदली हैं और इस मसले का प्रशासनिक तथा न्यायिक स्तर से समाधान निकलने की संभावनाएं दिख रही हैंए इसलिए सोमवार को आम सभा की बैठक में वकीलों से काम पर वापस लौटने की अपील बार एसोसिएशन और एक्शन कमेटी के सदस्यों की ओर से की जाएंगी। आम सभा जैसा तय करेगी वैसा ही निर्णय लिया जाएगा। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा का कहना है कि बदले हालात में आंदोलन की रणनीति बदलने की आवश्यकता है। बैठक में इस पर विचार किया गया कि मौजूदा हालात में काम वापस शुरू करना बार के हित में होगा। मगर आम सभा की सहमति से ही कोई निर्णय होगा।

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