हमसफर के थर्ड एसी श्रेणी का किराया भी दिल्ली दुरंतो से ज्यादा
प्रयागराज। दिल्ली के लिए हमसफर एक्सप्रेस में 13 सितंबर से स्लीपर कोच लगाने का एलान रेलवे ने भले ही कर दिया हो लेकिन इसके किराये में लोगों को राहत मिलने वाली नहीं। बताया जा रहा है कि दिल्ली दुरंतो के मुकाबले हमसफर एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी का किराया कुछ महंगा हो सकता है। हमसफर के थर्ड एसी श्रेणी का किराया भी दिल्ली दुरंतो से ज्यादा ही है।
इस बीच उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एमएन ओझा ने हमसफर एक्सप्रेस के किराया निर्धारण के लिए रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि सोमवार नौ सितंबर को रेलवे बोर्ड हमसफर एक्सप्रेस के स्लीपर श्रेणी का किराया जारी कर दे। इसके अलावा पीआरएस में इसकी फीडिंग के साथ ही सोमवार से ही दिल्ली के लिए इसमें रिजर्वेशन शुरू हो जाएंगे। दिल्ली दुरंतो की तर्ज पर हमसफर एक्सप्रेस में भी फ्लेक्सी फेयर ही रहेगा।
इन दोनों ट्रेनों के थर्ड एसी किराये की तुलना करें तो दिल्ली दुरंतो में जहां 1130 रुपये न्यूनतम किराया हैए वहीं अधिकतम किराया दिल्ली का 1550 रुपये है। जबकिए हमसफर एक्सप्रेस का न्यूनतम फ्लेक्सी फेयर 1115 एवं अधिकतम 1625 रुपये है। इसी तर्ज पर अब इसके स्लीपर का भी न्यूनतम किराया 400 तो अधिकतम 700 रुपये बोर्ड निर्धारित कर सकता है। इस संबंध में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे बोर्ड ही इसके किराये का निर्धारण करेगा। इतना जरूर है कि हमसफर के थर्ड एसी की तर्ज पर इसके स्लीपर में भी फ्लेक्सी फेयर ही लिया जाएगा।
प्रयागराज। इलाहाबाद हमसफर एक्सप्रेस में रेलवे भले ही 13 सितंबर से स्लीपर कोच जोड़ने जा रहा हैए लेकिन अभी इसमें जो स्लीपर कोच लगाए जाएंगेए वे हमसफर के रैक से मेल नहीं खाएंगे। शुरुआत में इसमें लाल रंग वाले एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। हालांकिए यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं रहेगी। क्योंकि रेलवे बोर्ड ने रेल कोच फैक्टरी को हमसफर एक्सप्रेस के लिए स्लीपर कोच बनाने का आर्डर दे दिया है। जैसे ही ये कोच उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन को मिलेंगेए वे हमसफर एक्सप्रेस में लगा दिए जाएंगे।
हमसफर के कोच सामान्य एलएचबी से थोड़े अलग हैं। वर्तमान समय में देश में जितनी भी हमसफर एक्सप्रेस चल रहीं हैंए उन सभी एसी थ्री कोच ही लगे हैं। इन कोचों के बाहरी हिस्से में की गई विनाइल रैपिंग काफी आकर्षक है। इसके अलावा आंतरिक साजसज्जा भी थोड़ी अलग है। क्योंकि हमसफर एक्सप्रेस में स्लीपर कोच के लिए अभी तक रेलवे बोर्ड से कोई पॉलिसी नहीं थी। इस वजह से रेलवे के पास उसके स्लीपर कोच नहीं हैं। इलाहाबाद हमसफर में पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में पहली बार स्लीपर कोच लगाने की मंजूरी अमर उजाला की खबर पर रेलवे बोर्ड ने दी है। फिलहालए 13 सितंबर से इसमें प्रयागराज एक्सप्रेस में लगे लाल रंग वाले एलएचबी कोच रेलवे इसमें लगाने जा रहा है। रेल कोच फैक्टरी में हमसफर के स्लीपर कोच तैयार होने के बाद लाल रंग वाले कोच बाद में हटा दिए जाएंगे। नए कोच मिलने के बाद इसमें स्लीपर के कम से कम आठ कोच लगाने की तैयारी रेलवे ने की है।

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