हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष की संदिग्ध दशा में मौत

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह (52)की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। कहा जा रहा है कि करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हुईहै।
एसएसपी पहुंचे मौके परए देर रात तक होती रही जांच पड़ताल
प्रयागराज। धूमनगंज के राजरूपपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सिंह;51द्ध सोमवार देर रात घर के भीतर मृत पड़े मिले। टिफिन देने वाला युवक रात में करीब नौ बजे पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। सूचना पर एसएसपी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल की हालत देख आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत करंट लगने से हुई। हालांकि देर रात तक जांच पड़ताल जारी थी।
अमरेंद्र बलिया के मूल निवासी थे और यहां राजरूपपुर में पूर्वांचल चौराहे के पास स्थित सूरी रोड पर मकान बनवाकर रहते थे। सोमवार रात नौ बजे के करीब टिफिन सर्विस संचालक उनके घर पहुंचा। दरवाजा भीतर से बंद नहीं था। उसने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद वह भीतर आया। जैसे ही वह कमरे के अंदर पहुंचा वहां का नजारा देख उसकी चीख निकल गई। अमरेंद्र जमीन पर मृत पड़े थे। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए और इसके बाद सूचना पाकर पुलिस पहुंची। एसपी सिटी व एसएसपी भी पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि अधिवक्ता के पैर में बिजली का तार फंसा था और तार से लगा बोर्ड भी उखड़कर शव के पास गिरा पड़ा था। सिर में पिछले हिस्से पर चोट थी जिसकी वजह से मौके पर खून भी फैला था। पुलिस अफसरों का कहना है कि घटनास्थल के हालात देखने से इस बात की आशंका है कि करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हुई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया जा रहा है।
ण्ण्ण्तो तीन दिन पहले हुई मौत
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मृतक अधिवक्ता के घर के बाहर दो दिन के अखबार भी पड़े मिले। यह 29 व 30 सितंबर के थे। ऐसे में इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि अधिवक्ता की मौत 28 सितंबर की रात हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनके दोनों हाथ व शरीर के अन्य हिस्से भी काले पड़ गए थे। पुलिस का कहना है कि ऐसा करंट से झुलसने के कारण हो सकता है। जांच पड़ताल की जा रही है।
एक ही घर में अलग रहती थी पत्नी
जांच पड़ताल के बाद पुलिस को यह भी पता चला कि मृतक अधिवक्ता का अपनी पत्नी ममता सिंह से कई सालों से विवाद चल रहा था। साथ ही वह इसी घर के दो कमरों में बेटे कृष्णा व बेटी गुनगुन संग अलग रहती थीं। दो दिन पहले बेटी की तबियत खराब होने पर उन्होंने उसे जार्जटाउन स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार को भी जिस वक्त लोगों को अधिवक्ता की मौत की खबर हुईए वह अस्पताल में ही थीं। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचीं।

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