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यूपी सूचना निदेशक को दिल्ली मे रक्षा मंत्री ने किया सम्मानित, बोले यह सब मुख्यमंत्री जी व प्रमुख सचिव सूचना की प्रेरणा से हुआ सम्भव

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 गोविन्द प्रजापति
नई दिल्ली/ लखनऊ। सूचना निदेशालय का चार्ज संभालने के बाद प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी की देखरेख में काम कर सूचना निदेशक शिशिर उत्तर प्रदेश सूचना निदेशालय को न सिर्फ पटरी पर लाने में कामयाब रहे बल्कि हमेशा चर्चाओं में रहने वाले सूचना निदेशालय को गणतंत्र दिवस दिल्ली की परेड में दूसरा स्थान दिलाकर उत्तर प्रदेश सरकार की योग्यता का लोहा मनवाने में कामयाब रहे हैं। जिन्हें दिल्ली में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रशस्ति पत्र व सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया । जब सम्मानित करने की यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया।

   गौरतलब हो कि शिशिर ने वरिष्ठ पीसीएस होने के समय सूचना निदेशालय में निदेशक की जिम्मेदारी संभाली थी और करीब छ महीने पहले उनका प्रमोशन आइएएस के लिए हो गया, उन्होंने जहां चर्चाओं में रहने वाले सूचना निदेशालय के अधिकारियों कर्मचारियों में अपनी व्यवहार कुशलता के चलते कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनाया, बल्कि मीडिया व सरकार के बीच भी मजबूत सेतु का काम किया। गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तर प्रदेश को दूसरा स्थान मिलने पर उन्होंने जहां प्रशंसा व्यक्त की वहीं इस उपलब्धि का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी को देते हुए ट्वीट किया कि यह सम्मान उक्त दोनों की प्रेरणा व कार्यकुशलता के कारण सम्भव हो सका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मान पाते वक्त सूचना निदेशक शिशिर के अलावा वरिष्ठ सहायक प्रमोद कुमार,व रामायण तिवारी सहित झांकी तैयार करने व कराने वाले लोग उपस्थित रहे।
 उत्तर प्रदेश को गणतंत्र दिवस परेड में जिस झांकी के लिए सम्मानित किया गया है उसमें सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को प्रदर्शित करते हुए प्रदेश के सर्व धर्म समभाव को झांकी में दिखाया गया है। तथा झांकी में काशी की गंगा की निर्मल धार यहां की सांस्कृतिक विरासत के अविरल प्रवाह की झलक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित देवा शरीफ के सूफियाना मिजाज का भी एहसास कराया गया है।
प्रस्तुत झांकी में केंद्र में भारत के सनातन संस्कृति की प्रतिबिंब काशी झांकी के अगले हिस्से में बने प्लेटफार्म पर भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़े वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है। जबकि प्लेटफार्म के नीचे काशी में बहती अविरल निर्मल गंगा और यहां की संस्कृति दिखाई गई है। झांकी में काशी की संगीत परंपरा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले प्रख्यात शहनाई वादक भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, तबला सम्राट पंडित शांता प्रसाद और स्वर साम्राज्ञी विदुषी गिरिजा देवी की प्रकृति भी प्रदर्शित की गई हैं। तथा कत्थक नृत्य कलाकार झांकी को सजीव बनाते दिखाए गए हैं।
नृत्य में कलाकारों के पीछे काशी की संत परंपरा को विशेष पहचान देने वाले संत कबीर और संत रविदास की प्रतिकृतियां, पास में बाराबंकी के मशहूर देवा शरीफ का नजारा दिखाया गया है। जो प्रदेश की सूफियाना तासीर और गंगा जमुनी तहजीब का संकेत देता है। इसी के साथ-साथ झांकी के दोनों और ग्राउंड एलिमेंट के रूप में कलाकारों द्वारा प्रदेश के प्रसिद्ध विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन भी किया गया है जिस कारण देश के गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तर प्रदेश को दूसरे स्थान पर पहुंचने में सफलता मिली है जो उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।


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