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बिहार, झारखण्ड सहित चार राज्यों को जोडने वाली कर्मनाशा नदी पर बने अस्थाई पुल पर संकट, निर्माणधीन स्थाई पुल मानसून से पहले बनना असंभव

राष्ट्रीय राजमार्ग पर नवनिर्मित अस्थायी पुल में घटिया समाग्री के इस्तेमाल ने ठेकेदारों की पोल खोल दी है। चक्रवर्ती तूफान अम्फान को लेकर यूपी बिहार सहित कई प्रदेशों में एलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश की सम्भावना के बीच नवनिर्मित पुल की खामियां उजागर होने लगी है। जिससे एक बार फिर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड तथा उड़ीसा का सड़क सम्पर्क मार्ग खतरे में आ गया है।इस बात की चर्चा जोर पकड रही है कि विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से पुल निर्माण में जमकर घपलेबाजी की गई है। हालात यह है कि न बारिश का मौसम, ना कर्मनाशा नदी  में बाढ़ ही आयी है, फिर भी गुणवत्ता विहीन  अस्थाई पुल की नीव खिसकने लगी है। अस्थायी पुल पर चिंता भी लाजमी है क्योंकि विभागीय अधिकारी दबीजुबान कहते है कि पक्का पुल मानसून से पहले नही बन पायेगा।


विभव गुप्ता, प्रातःकाल संवाददाता

सैयदराजा। नौबतपुर के समीप 28 दिसम्बर 2019 की सुबह चार लेन  पक्का पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद पुल के दोनों तरफ नदी पर पाईप डालकर एनएचआई द्वारा युद्ध स्थर लगभग 15 दिन में एक निर्माण कंपनी द्वारा अस्थाई पुल का निर्माण कराया गया।  बुधवार की सुबह अस्थाई पुल के यूपी से बिहार जाने वाली उत्तर रोड के किनारे की मिट्टी लगभग छः से सात फुट घसक गयी । जबकि इस पुल का इस्तेमाल नये पुल के बन जाने व बारिश के मौसम आने तक इस्तेमाल करना है लेकिन जिस तरह से अस्थाई  पुल के किनारे की मिट्टी घसकी है उससे यही लगता है कि बाढ़ और बारिश आने से पहले ही  रास्ता क्षतिग्रस्त ना हो जाय।  
जिससे एक बार फिर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड व उड़ीसा का सङक सम्पर्क टूट जायेगा। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वही अस्थाई पुल से बिहार से ओवर लोड बालू लादकर गाङिया रोज यूपी के तरफ रवाना हो रही है जिससे मानक से अधिक लोडकर बालू की  गाङिया  अस्थाई पुल से रोजाना गुजर रही है जिससे अस्थाई पुल कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकतीं हैं। एन एच आई टेकनिकल  मैनेजर नागेश सिंह ने बताया कि लगता है कि पानी के बहाव के वजह से मिट्टी घसक गयी है  कोई बङी समस्या नहीं है उसको सही करा लिया जायेगा ।

क्या है मामला 

सैयदराजा 28 दिसम्बर 2019 की सुबह चार लेन पक्का पुल के चार पिलर के विंग छतिग्रस्त होने के बाद पुल के दोनों तरफ अस्थाई पुल का निर्माण कर आवागमन चालू किया गया और ब्रिज एक्सपर्टो के सलाह के बाद से पुराने छतिग्रस्त की मरम्मत करने का काम चालू हुआ लेकिन फिर लाकडाउन की वजह से जैक आदि सामान न मिलने की वजह से पुराने पुल का कार्य रुक गया जिसके बाद एनएचआई ने फैसला किया की ब्रिटिश के ज़माने के पुल का मरम्मत कर शुरू हुआ जिससे यूपी से बिहार जाने के लिए व पक्के पुल की दक्षिण तरफ बिहार से यूपी की तरफ आने के स्टील का पुल का कार्य चल रहा है |


अधिकारी क्या कहते हैं

नागेश सिंह एनएचआई टेक्नीकल मैनेजर ने बताया की ब्रिटिश के जमाने के बने पुल की मरम्मत का कार्य समाप्त ही है 25 या 26 मई को लोड टेस्टिंग कर लिया जायेगा । उसके बाद जब जरुरत होगी तब गाड़ियों के आवागमन के लिए खोल दिया जायेगा |वही पुल के दक्षिण तरफ बन रहे स्टील के पुल का कार्य मानसून आने से पहले शत प्रतिशत कर लिया जायेगा जिससे सामन्य भार छमता 50 टन की गाड़िया ही चलेगी | चार लेंन पक्के पुल का भी कार्य कई दिनों से चालू हो गया है जैक बेलगाम कर्नाटक से आ गया है और जर्मनी से आने वाला सामान सिप में लोड हो कर चल दिया हैं जो 15 से 20 दिन में साइट पर पहुंच जायेगा लेकिन पक्का पुल मानसून से पहले बन नहीं पायेगा|

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